पूर्व और वर्तमान दोनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के पहुंचने को लेकर भाजपा की पूरी बिहार इकाई काफी उत्साहित

पूर्व और वर्तमान दोनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के पहुंचने को लेकर भाजपा की पूरी बिहार इकाई काफी उत्साहित

बिहार में भाजपा लगातार अपने राजनीतिक ‘खेल’ में लगी हुई है अपने हिडेन एजेंडों पर लगातार वह काम कर रही है और इस दिशा में आगे बढ़ रही है इससे किसी को इनकार भी नहीं है और इसी कड़ी में अब भाजपा का बिहार में राजनीतिक मेगा शो होने वाला है इसका काउंट डाउन प्रारम्भ हो गया है बड़े-बड़े नेता पहुंच गए हैंपटना में आयोजित होने वाले दो दिनों के इस मेगा इवेंट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उपस्थित रहेंगे अमित शाह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी पर रह चुके हैं मतलब जेपी नड्डा के पहले इस कुर्सी पर अमित शाह ही थे पूर्व और वर्तमान दोनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के पहुंचने को लेकर भाजपा की पूरी बिहार इकाई काफी उत्साहित है

पटना को पार्टी के झंडों से पाट दिया गया है सड़क-पुल सब पर पार्टी के झंडे लहरा रहे हैं पटना में रोड शो भी होने वाला है ऐसे में प्रश्न उठना लाजिमाी है कि क्या भाजपा बिहार में चुनावी शंखनाद करने जा रही है यह शंखनाद 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर है या फिर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर? ऐसे ही प्रश्न यहां के राजनीतिक गलियारे में तैर भी रहे हैं इसके साथ ही लोगों के बीच यह भी कानाफूसी चल रही है कि आखिर भाजपा बिहार में किसे अपना ताकत दिखा रही हैइसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? और इसके पीछे पार्टी का मेगा प्लान क्या है?

पहले यह बताते हैं कि आखिर भाजपा का पटना में क्या कार्यक्रम है और इसकी तैयारी कैसी है? दरअसल, भाजपा पटना में 30 और 31 जुलाई को राष्ट्रीय मोर्चा की संयुक्त कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक होने जा रही है इस बैठक को पार्टी मेगा इवेंट का रूप दे रही है भाजपा ने प्रयोग के तौर पर पहली बार सभी 7 मोर्चों को इसमें शामिल किया है इसमें पहले दिन के कार्यक्रम में 30 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल होंगे वहीं 31 जुलाई को गृह मंत्री और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उपस्थित रहेंगे वे दोनों कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे

पटना के ज्ञान भवन में इस दौरान अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी के सभी नेता रविवार को पीएम मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनेंगे संभव है कि बिहार के इस मेगा इवेंट को लेकर पीएम मोदी भी कुछ सियासी संकेत दें यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आनें वाले चुनावों को लेकर वे कुछ ऐसी बातों को रख सकते हैं जो सीधे बिहार से कनेक्ट करते हों मन की बात को सुनने के लिए जेपी नड्डा भी रहेंगे इतना ही नहीं, बिहार में भाजपा के नवनिर्मित 16 जिला कार्यालय का उद्घाटन और 7 जिलों में कार्यालयों का शिलान्यास भी होगा बता दें कि बिहार में लगभग 12 वर्ष के बाद भाजपा का इस तरह का कोई बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम हो रहा है

ये तो हुआ कि पटना में भाजपा दो दिनों तक क्या कुछ करेगीलेकिन भाजपा इस कार्यक्रम से पूरे बिहार को कनेक्ट करेगी खासकर उनका लक्ष्य सूबे के 200 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाने को है इसी को लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट लोकसभा चुनाव 2024 से अधिक इसे विधानसभा चुनाव 2025 का शंखनाद मान रहे हैं दरअसल, मिल रही जानकारी के अनुसार, इस मेगा इवेंट के पीछे मेगा प्लान के रूप में भाजपा 200 विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस कर रही है इस कार्यक्रम से पहले भाजपा के नेता गांवों में प्रवास कर रहे हैं वे दो दिनों तक उन चिह्नित विधानसभा क्षेत्र के गांवों में रहकर मुख्य कार्यक्रम में अपना फीडबैक भी देंगे

सामुदायिक गोलबंदी के अनुसार उन 200 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा आनें वाले चुनावों में अपनी ताकत दिखाएंगे इस दौरान भाजपा नेता बिहार में रह रहे दूसरे प्रदेश के लोगों से बात करेंगे उनके साथ सामूदायिक बैठक करेंगे उन्हें नरेंद्र मोदी की गवर्नमेंट और बिहार में भाजपा के बढ़ते कद को लेकर मोटिवेट करेंगे इतना ही नहीं, इस दौरान भाजपा नेता विधानसभा के एक प्रमुख कार्यकर्ता के यहां रुकेंगे और उनके यहां भोजन भी करेंगे इस कार्यक्रम में लगभग 750 पदाधिकारी डेलिगेट्स के रूप में शामिल होंगे

इस मेगा शो के आयोजन का महत्व इस बात से भी बढ़ जाता है कि कार्यक्रम की मॉनिटरिंग और उस पर गंभीरता से नजर रखने के लिए बीजपी के कई अन्य राष्ट्रीय नेता भी पटना पहुंच चुके हैं पॉलिटिकल एक्सपर्ट भी मानते हैं कि बिहार में इस प्रोग्राम को करने के पीछे का एक ही लक्ष्य है कि नेताओं और कार्यकर्ताओं को आनें वाले चुनाव के लिए तैयार पूरी तरह करनाऐसे में प्रश्न उठता है कि आखिर भाजपा को बिहार के 200 विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक ताकत दिखाने की क्या आवश्यकता पड़ गयी ? और यह ताकत वह किसे दिखाने चाह रही है? पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो बिहार में अभी भाजपा का जेडीयू से जबर्दस्त खटपट चल रही हैभले ही इस मामले में अधिकृत रूप से कोई कुछ नहीं बोल रहा है लेकिन किसी राजनीतिक तूफान के पहले के इसे ‘शांति’ समझी जा रही है यह भी चर्चा होते रहती है कि किसी भी दिन भाजपा को कोई बड़ा गेम कर सकती है या फिर अकेले ही 2025 में चुनाव लड़ने की नौबत आयी तो फिर 200 विधानसभा क्षेत्रों में आज की यह तैयारी उस समय काम आएगी… ऐसे में इस मेगा शो को भाजपा की दूरगामी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है…

दरअसल, उत्तर प्रदेश में योगी गवर्नमेंट आने के बाद से ही भाजपा को लग रहा है कि बिहार में वह ठगा गयी हैयहां उसके सबसे अधिक विधायक रहने के बाद भी उसका अपना सीएम नहीं है… पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो भाजपा इसी सोच को लेकर लगातार वैसे-वैसे एजेंडों को उठा रही है… जिससे जेडीयू कभी समझौता नहीं कर सकता है… इसके संकेत कई बार सीएम नीतीश कुमार ने भी दिए हैं और बाकी के वरीय नेता भी देते आ रहे हैंजेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तो कई बार इसे लेकर भाजपा को साफ-साफ सुना दिया है कि भाजपा के कुछ एजेंडों से जेडीयू संयोग नहीं रखती है ताजा मामला सीमांचल का है… भाजपा वहां के विद्यालयों में शुक्रवार को ही रही साप्ताहिक अवकाश का मामला बनाया है… इसे लेकर बयानबाजी भी तेज हो गयी है… इसके पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल बिहार की शिक्षा प्रबंध से लेकर यहां की कानून प्रबंध पर अपनी भड़ास निकाल चुके हैं… इसके अतिरिक्त भाजपा नेता कभी अजान तो कभी खुले में नमाज से लेकर जनसंख्या नियंत्रण कानून के मामले उछालते रहते हें… जिस पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो जाती है… पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो भाजपा के कई एजेंडों पर तो नीतीश कुमार खासे नाराज हैं…

बहरहाल, 2020 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक सीटें प्राप्त कर बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा अब 2025 के चुनाव में अपने नंबर गेम को और अधिक बढ़ाना चाहती हैकहा जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने महसूस किया है कि बिहार में जातीय समीकरण को बैलेंस कर ही उसकी पार्टी ऐसा कर सकती है और अपने दम पर बिहार में अतिक्रमण जमा सकती है… खासकर बोचहां उपचुनाव में भाजपा को मिली करारी हार से पार्टी के वरीय नेता अब तक असहज हैंयही वजह रही कि एमएलसी चुनाव में भी इसका असर देखा गया पार्टी के वरीय नेता कितना असहज हैं, आप राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के दो माह पहले आए ट्वीट से भी पता चल गया था… जब उन्होंने खुले मन से स्वीकार किया था कि उनकी पार्टी से सवर्ण समेत कुछ पिछड़े तबकों के वोट छिटक गए हैं और इस पर केंद्रीय नेतृत्व को विचार करने की आवश्यकता है… अब पॉलिटिकल एक्सपर्ट मान रहे हैं कि बिहार में भाजपा जो राजनीतिक ताकत दिखाने का मेगा प्लान किया है… वह उसी का अगला कदम है… ऐसे में अब जेडीयू इसे किस रूप में लेता है… अभी तो नहीं बोला जा सकता है, लेकिन आने वाले एक पखवारे या कुछ दिनों में ही देखने को मिल जाएगा

ऐसे में हमारे साथ पॉलिटिकल एक्सपर्ट को भी भाजपा के मेगा इवेंट के आयोजन का इन्तजार है और इसका काउंट डाउन प्रारम्भ हो चुका है… बिहार के चिह्नित किये गये 200 विधानसभा क्षेत्रों में एक कार्यकर्ता के यहां भोजना और रात्रि आराम को भाजपा के नेता निकल चुके हैं… वे शहरों और गांवों में घूमेंगे तथा अपने-अपने बिरादरी के लोगों से मिलेंगे… तथा उन्हें भाजपा से जोड़ने का प्लान करेंगे… उन नेताओं को केंद्रीय नेतृत्व की ओर से यही टास्क भी है… अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस कार्यक्रम का लोगों पर कितना असर पड़ा… वहीं पॉलिटिकल नजर इस पर भी नजर बनाए हुए हैं कि भाजपा के इस मेगा प्लान को कहीं जेडीयू पानी न फेर दे