बढ़ते साइबर क्राइम पर नियंत्रण के लिए सभी जिलों में खुलेंगे साइबर थाने,थानों के मालखाने का होगा डिजिटाइजेशन

बढ़ते साइबर क्राइम पर नियंत्रण के लिए सभी जिलों में खुलेंगे साइबर थाने,थानों के मालखाने का होगा डिजिटाइजेशन

डीजीपी एसके सिंघल ने बोला है कि छह महीने के अंदर सभी जिलों में एक-एक साइबर थाना खोला जाएगा. इसकी तैयारी आखिरी चरण में है. साइबर फ्रॉड बहुत बड़ी चुनाैती है. इससे निपटने के लिए पटना में थाना है. लेकिन, मुकदमा और जनसंख्या काे देखते हुए गवर्नमेंट के पास हर जिले में साइबर क्राइम की राेक थाम के लिए प्राेजेक्ट भेजा था. जिसे स्वीकृति मिल गई है.

गुरुवार को डीजीपी ने एसएसपी कार्यालय में तिरहुत रेंज के चार जिलाें के एसएसपी-एसपी के साथ पांच घंटे तक पुलिसिंग की समीक्षा की. इससे पहले डीजीपी का एसएसपी कार्यालय में अधिकारियाें ने स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. मौके पर पटना आईजी पंकज कुमार, एडीजी विधि प्रबंध संजय कुमार, एसएसपी मुजफ्फरपुर जयंतकांत भी मौजूद रहे. डीजीपी ने बोला कि थानेदाराें काे कानून की ताकत दिखानी हाेगी, तभी समाज में पुलिस की बेहतर छवि बनेगी.

डीजीपी ने बोला कि आज की समीक्षा का उद्देश्य एसएचओ, सर्कल इंस्पेक्टर, एसडीपीओ, डीएसपी, एसएसपी/एसपी रेंज, आईजी लेवल के अधिकारियाें से वार्ता करना था. हमारी पुलिसिंग में क्या कमियां है, उसे कैसे दूर करना है, इस पर भी चर्चा की गई है. साथ ही सभी थानेदाराें सर्किल इंस्पेक्टराें और एसडीपीओ, डीएसपी, एसपी/एसएसपी, रेंज आईजी काे समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए.

डीजीपी बोले- कानून की ताकत दिखाएं, तभी छवि होगी बेहतर

देशविराेधी दाे कांडाें का उद्भेदन बिहार पुलिस की बड़ी सफलता

डीजीपी एसके सिंघल ने बोला है कि बिहार पुलिस ने देशविराेधी दाे कांडाें का उद्भेदन कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. दाेनाें मुकदमा काे एनआईए ने ले लिया है. बिहार पुलिस जांच में एनआईए का सहयाेग कर रही है. नेपाल बॉर्डर से जाे भी आंतकवादी और अन्य गतिविधियाें में लिप्त तत्व और विदेशी नागरिक बिहार के रास्ते राष्ट्र में घुस रहे हैं, उन पर पुलिस की पूरी नजर है. राष्ट्र में प्रवेश के लिए एक प्रक्रिया है.

थानों के मालखाने का होगा डिजिटाइजेशन

डीजीपी एसके सिंघल ने बोला कि पुलिस आधुनिकरण में एक और कड़ी जुटने जा रहा है. सूबे के थानों में बरामद सामग्री का बार कोड तैयार किया जाएगा. ताकि बरामद सामग्री की हेराफेरी, गुमशुदगी और गायब होने के संबंध में संबंधित थाने को यह जानकारी हो सके कि उक्त सामग्री किस पदाधिकारी के हवाले थी. अभी कहां और किस स्थिति में है. जल्द ही सभी थानाें के मालखाना काे डिजिटल कर दिया जाएगा.

डीजीपी ने बताया कि काफी संख्या में केसेस पेंडिंग हैं. इसे लेकर गवर्नमेंट काफी चिंतित है. उत्तर बिहार में 20 हजार से अधिक मुकदमा पेंडिंग है. मुकदमा की पेंडेंनसी काे दूर करने के लिए गवर्नमेंट के पास एक प्रस्ताव रखा है. आने वाले 8 से 10 वर्षाें तक ट्रेंनिग हाेगी आैर बिहार इसी अवधि के अंदर नेशनल एवरेज काे पूरा कर लेगा.

तीन वर्ष टर्म पूरा करने वाले पुलिस पदाधिकारियों का होगा तबादला

जिले में पिछले छह वर्ष और एक ही थाने में तीन-तीन वर्ष पूरा करने के बाद भी कई थानाें में मुंशी पदस्थापित हैं. इसकी कम्पलेन मिलने पर डीजीपी ने बोला कि मैनुअल के अनुसार, मुंशी और अन्य पुलिस पदाधिकारी जिनका समय सीमा पूरा हाे गया है, उनका ट्रान्सफर किया जाएगा. जिले में प्रारम्भ हुई 112 डायल सेवा वाली वाहन केवल ड्राइवर के भराेसे चलने के प्रश्न पर डीजीपी ने बताया कि यह सेटेलाइट से कनेक्ट है. इसमें ढिलाई नहीं हाे सकती है.