बिहार LJP में चिराग के फैन्‍स की कमी नहीं, पशुपति पारस पर फूट रहा गुस्‍सा

बिहार LJP में चिराग के फैन्‍स की कमी नहीं, पशुपति पारस पर फूट रहा गुस्‍सा

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में दरार आने पर बिहार से लेकर नई दिल्‍ली तक राजनीतिक जगत में तहलका मच गया है। LJP सांसदों का चिराग पासवान को नकार कर एक सुर से मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) का जाप करने से बयानबाजी तेज हो गई है। लेकिन, बिहार लोजपा में चिराग के फैन्‍स की कमी नहीं है। उनके समर्थकों का गुस्‍सा पशुपति कुमार पारस पर जमकर फूट रहा है। 

चाचा पशुपति कुमार पारस बनाम भतीजे चिराग पासवान विवाद में राजनेता से लेकर प्रखंड स्‍तर तक के कार्यकर्ता बयान देने से नहीं चूक रहे। मालूम हो कि लोजपा के पांच सांसदों ने समर्थन देकर पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुन लिया। चिराग पासवान को संसदीय दल का नेता मानने से इन्‍कार कर दिया। पारस ने कहा कि पार्टी को बचाने के लिए ये जरूरी था। सांसदों के फैसले के बाद चिराग चाचा से मिलने के लिए उनके घर पर जमे रहे, लेकिन बैरंग लौटना पड़ा।

इधर, नई चर्चा है कि पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष दोनों ही कुर्सी पर पशुपति कुमार पारस को बैठाने की तैयारी चल रही है। बिहार के कुछ कार्यकर्ता इसके खिलाफ हैं। बारूण के उप प्रमुख प्रतिनिधि सह लोजपा पूर्व प्रत्‍याशी नवीनगर विधानसभा विजय कुमार सिंह ने कहा कि पशुपति कुमार पारस की नापाक साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे।

विजय कुमार सिंह ने कहा कि सूचना मिली कि पशुपति कुमार पारस व अन्य सांसद पटना में जल्द ही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में चिराग़ पासवान की जगह पशुपति कुमार पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाने की संभावना है। इसके लिए कार्यकारिणी के सदस्यों से संपर्क साधा जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो लोजपा के लिए संकट का विषय है। अपने युवा सम्राट चिराग पासवान पर भरोसा है कि पशुपति कुमार पारस के विचार को नाकाम हासिल कर देंगे।

 
लोजपा नेता विजय कुमार सिंह ने यह भी कहा कि सांसद टूटने से क्या होगा? बिहार की जनता चिराग पासवान के साथ है। हमलोग चिराग पासवान के साथ हैं। युवा चिराग पासवान के हैं। हमलोग नया सांसद बना लेंगे। पार्टी को तोड़ने वालों को कभी भी जनता माफ नहीं करेगी।


बिहार में Unlock से जुड़ी सबसे बड़ी खबर- कब खुलेंगे छोटी कक्षाओं के स्‍कूल व मंदिर-मस्जिद, फैसला आज

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बिहार में कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) के लगातार घटते मामलों को देखते हुए सरकार लॉकडाउन (Bihar Lockdown) के प्रावधानों को धीरे-धीरे हटाती जा रही है। इसकी अगली कड़ी में आगे क्‍या रियायतें दी जाएं, इसपर विचार करने के लिए बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) की बैठक बुलाई गई है। इस अहम बैठक में सरकार मंदिर-मस्जिद सहित तमाम धर्मस्‍थल (Places of Religious Worship) खोलने तथा छोटी कक्षाओं के स्कूलों (Schools of small classes) में ऑफलाइन पढ़ाई आरंभ करने को लेकर विचार मंथन करेगी। इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने मंगलवार को खुद कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर कोविड प्रोटोकाल के पालन की हकीकत जानी थी। उम्मीद है कि अनलाक- 5 (Unlock- 5) के अगले चरण में कुछ और छूटें मिल सकती हैं।


अनलाक- 5 में और ढील देने के मूड में दिख रही सरकार

कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही सरकार अनलाक- 5 में और ढील देने के मूड में दिख रही है। इसपर बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में विचार किया जाएगा। इसके पहले मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण ने बीते शुक्रवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस कर उनसे फीडबैक लिए थे। बताया जाता है कि जिलों से प्रतिबंधों के साथ और छूटें देने का फीडबैक मिला। जिलाधिकारियों ने कोरोना सं बचाव की गाइडलाइन की शर्तों के साथ छोटे बच्‍चों के स्‍कूल व मंदिर-मस्जिद आदि धर्मस्‍थल खोलने पर भी सहमति दी है। जिलाधिकारियों ने कोरोना जांच व टीकाकरण की संख्या बढ़ाने की भी जानकारी दी।


अनलाक-4 के तहत छह अगस्‍त तक ये छूटें हैं प्रभावी

विदित हो कि इसके पहले सात जुलाई से छह अगस्त तक प्रभावी अनलाक- 4 में 11वीं से 12वीं तक के स्कूलों के साथ सभी विश्वविद्यालय, कालेज व तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान 50 फीसद उपस्थिति के साथ खोले जा चुके हैं। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रतियोगिता परीक्षाओं के आयोजन को भी अनुमति दी जा चुकी है। सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय भी सामान्य रूप से खुल चुके हैं। नाइट कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक जारी है। इनके अलावा क्लब, जिम और स्विमिंग पुल भी 50 फीसद क्षमता के साथ खुल चुके हैं। स्टेडियम और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स केवल अभ्यास के लिए खोले गए हैं। 50 फीसद क्षमता के साथ रेस्टोरेंट भी चलने लगे हैं। अब नजरें इसके आगे की छूटों पर लगी हैं।