राह से भटकी आइबीसी में बड़े बदलाव की जरूरत

राह से भटकी आइबीसी में बड़े बदलाव की जरूरत

इंसाल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) की सफलता को लेकर जानकारों के एक वर्ग के संदेह को संसदीय समिति की छानबीन ने भी बल दिया है। वित्त मामलों की संसदीय समिति ने एक रिपोर्ट में कहा है कि आइबीसी अपने राह से भटक गई है और फंसे कर्ज को वसूलने में आइबीसी अब तक वैसा काम नहीं कर पाई है जिसके लिए इसे अस्तित्व में लाया गया था। संसदीय समिति की रिपोर्ट मंगलवार को लोकसभा में पेश की गई। इस रिपोर्ट में आइबीसी के राह से भटकने की बड़ी वजह इसमें हुए संशोधनों को माना गया है।

इस रिपोर्ट में आइबीसी से जुड़े हर तंत्र की खामियां उजागर की गई हैं। इस कानून के मुताबिक फंसे कर्ज से जुड़े मामलों का आइबीसी के तहत अधिकतम 180 दिनों के भीतर निपटारा करने का प्रविधान है। लेकिन करीब 13,000 मामले ऐसे हैं जो इस समय सीमा को बहुत पहले पार कर चुके हैं और लटके हैं। इन मामलों में नौ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि फंसी हुई है। ऐसे में संसदीय समिति ने कई तरह से व्यापक बदलाव करने की सलाह सरकार को दी है। हालांकि आइबीसी में पहले ही सरकार कई संशोधन कर चुकी है। लेकिन संसदीय समिति की सिफारिशों को करने की स्थिति में इसमें और कई संशोधनों की दरकार होगी।

वर्ष 2016 में राजग सरकार ने आइबीसी को लागू किया था और इसे जीएसटी की तरह ही एक क्रांतिकारी आर्थिक कदम बताया गया था। संसदीय समिति ने भी स्वीकार किया है कि वर्ष 2017 और वर्ष 2018 में विश्व बैंक की तरफ से ईज आफ डूइंग बिजनेस की रैकिग में भारत की स्थिति बेहतर होने के पीछे आइबीसी एक अहम वजह थी। लेकिन उसके बाद से यह कानून अपने उद्देश्यों से काफी भटक गया है। आइबीसी के तहत आए मामले में 95 फीसद राशि की वूसली नहीं होने के लिए भी इसमें हुए संशोधनों को जिम्मेदार बताया गया है। समिति ने कहा है कि इन्हीं बदलावों की वजह से 71 फीसद मामलों का निपटान 180 दिनों के भीतर नहीं हो पाता है। ऐसे में समिति का सुझाव है कि नए सिरे से आइबीसी में कुछ बदलाव करने की जरूरत है ताकि इसके उद्देश्यों के साथ सामंजस्य स्थापित हो सके।


ये बताई गईं कमियां

आइबीसी की सफलता के लिए इंसाल्वेंसी रिजाल्यूशन प्रोफेशनल्स (आइआरपी) की भूमिका बहुत अहम होती है, लेकिन समिति ने महज स्नातक उत्तीर्ण को भी आइआरपी बना दिए जाने पर हैरानी जताई है।
आइआरपी की योग्यता व विशेषज्ञता पर संदेह जताते हुए समिति ने कहा है कि इन्हें बड़े बड़े जटिल मामलो को निपटाने की जिम्मेदारी दी जा रही है जो अनुचित है
इंसाल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड आफ इंडिया (आइबीबीआइ) की तरफ से अभी तक 203 आइपी के खिलाफ जांच की गई है और 123 के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।


बीएमडब्ल्यू ने लॉन्च किया X5 का नया ट्रिम, कीमत 77.9 लाख रुपये से शुरू ह

बीएमडब्ल्यू ने लॉन्च किया X5 का नया ट्रिम, कीमत 77.9 लाख रुपये से शुरू ह

जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ने सोमवार को कहा कि उसने भारत में अपनी प्रीमियम एसयूवी एक्स5 का नया संस्करण पेट्रोल और डीजल दोनों पावरट्रेन के साथ लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 77.9 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। ये नये संस्करण बेहतरीन फीचर्स के साथ मार्केट में उतारे गये हैं जो ग्राहकों को काफी पसंद आने वाले हैं। आपको बता दें कि ये एक पॉपुलर कार है जिसे भारत में काफी पसंद किया जाता है। ऐसे में आज हम आपको इसकी खासियतों के बारे में बताने जा रहे हैं।

X5 xDrive30d SportX Plus तीन-लीटर छह-सिलेंडर डीजल इंजन के साथ आता है जिसकी कीमत 77.9 लाख रुपये है जबकि पेट्रोल से चलने वाले X5 xDrive40i SportX Plus को 79.5 लाख रुपये में उतारा गया है। आपको बता दें कि इन दोनों ट्रिम्स का उत्पादन कंपनी के चेन्नई प्लांट में स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।

बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष विक्रम पावाह ने एक बयान में कहा, "बीएमडब्लू एक्स5 अपनी संयुक्त ऑफ-रोड क्षमताओं और गतिशील ड्राइविंग आनंद के साथ एक बहुत मजबूत अपील को रेखांकित करता है। अब तक के सबसे सफल बीएमडब्ल्यू स्पोर्ट्स एक्टिविटी व्हीकल (एसएवी) में अब अपने लाइन-अप के लिए एक नया, आकर्षक जोड़ है - बीएमडब्ल्यू एक्स 5 एक्सड्राइव 'स्पोर्टएक्स प्लस'।

आपको बता दें कि X5 xDrive30d का इंजन 1,500-2,500 आरपीएम पर 265 एचपी का आउटपुट और 620 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है। कार महज 6.5 सेकेंड में 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।

X5 xDrive40i का तीन-लीटर छह-सिलेंडर पेट्रोल इंजन 1,500-5,200 आरपीएम पर 340 एचपी का आउटपुट और 450 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है और कार केवल 5.5 सेकंड में 0-100 किमी / घंटे की रफ़्तार पकड लेती है।

ट्रिम्स पैनोरमिक ग्लास रूफ, फोर-ज़ोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, इलेक्ट्रोप्लेटेड कंट्रोल्स और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल रोलर सनब्लाइंड जैसी विभिन्न विशेषताओं के साथ आते हैं।