शाहरुख खान की किस तरह इंवॉल्वमेंट रहती थी?, जानिए

शाहरुख खान की किस तरह इंवॉल्वमेंट रहती थी?, जानिए

'गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के चलते इंडस्ट्री ने उन कलाकारों को पहचाना, जो चंद मिनटों के भूमिका में आते थे. नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी के साथ-साथ विपिन शर्मा,

जयदीप अहलावत व विनीत कुमार. मजे की बात देखें कि यह सभी आज की तारीख में वेब शोज के चमकते सितारे हैं. 24 मई से नेटफ्लिक्स पर विनीत कुमार ‘बेताल’ लेकर आ रहे हैं. बेताल शाहरुख खान के रेड चिल्लीज बैनर से है. हाल ही में विनीत कुमार ने दैनिक भास्कर से अपने सफर व इस वेब शो में भूमिका को लेकर चर्चा की है.

पहला वेब शो है, जहां कहानी में जीवित आर्मी मर चुके फौज से लड़ती है?

जी हां व मैं उस जीवित सीआईपीडी आर्मी को लीड करता हूं. भूमिका का नाम विक्रम सिरोही है. एक मरी हुई आर्मी जो जोंबी बनी हुई है. बिना ट्रेनिंग के उस तरह के एंबुश से मेरा भूमिका कैसे लड़ता है व आगे बढ़ता है, वह बेताल में दिखाया गया है.बेताल विलेन है या एक किवदंती है?यह हर किसी का एक रूपक है. जो एक्शन अपने अतीत में करता है, उसका रिएक्शन उस वक्त नहीं तो कई सालों, दशकों व सदियों बाद सामने आता है. एक ओवर ऑल सबक है कि कुछ भी करने से पहले सोचिए समझिए.

शूटिंग में क्या चैलेंजेस आए

मुंबई से दूर हमने लोनावला के पहाड़ में सेट बनाया. बेताल का पहाड़ माउंट किया गया. वहां से फिर हम इगतपुरी शिफ्ट हुए. वहां हमें एक ऐसी टनल मिली, जो सैकड़ों वर्ष पुरानी है. बड़ा कमाल का टनल है वो. वहां शूट करना रोमांचक व डरावना दोनों है. फिर भी हम लोग वही शूट करते रहे व वही उस सुनसान स्थान पर सब लोग रहे भी. बरसात के मौसम में हम लोगों ने जंगलों में भी शूटिंग की. उस दौरान बड़े-बड़े बिच्छू व सांप हमारे सामने रहते थे. पर नेटफ्लिक्स से सेफ्टी के इंतजामात बड़े अच्छे थे कि हंसते खेलते शूट पूरा हो गया. नेटफ्लिक्स व रेड चिलीज ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म व प्रोडक्शन हाउस जहां कलाकार को वक्त से पहले पैसे दे दिए जाते हैं.

शाहरुख खान की किस तरह इंवॉल्वमेंट रहती थी?

मैं बार्ड ऑफ ब्लड मे भी उनके बैनर में कार्य कर चुका हूं. जिस शिद्दत के साथ वह एक्टिंग करते हैं, उतने ही जुनून से वह बतौर प्रोड्यूसर भी अपनी टीम के साथ खड़े रहते हैं. अपने एक्टर्स की वह बहुत इज्जत करते हैं. यशराज में हम लोगों का एक शेड्यूल था उस दिन वह सेट पर भी आए थे. मुझे गाड़ी लेने जाना था जिसमें मुझे देर हो गई. सेट पर आते ही उन्होंने पहला सवाल किया ‘नई गाड़ी ले ली विनीत’. उसके बाद उन्होंने बोला तुम 'बॉर्ड ऑफ ब्लड' में बहुत अच्छे लग रहे हो. उस वक्त तक 'बार्ड ऑफ ब्लड' रिलीज नहीं हुई थी. पर शूटिंग कि उन्हें पल-पल की समाचार थी व सब लोगों ने जब उन्हें बोला कि विनीत ने अच्छा किया है तो उन्होंने बाकायदा खुद एडिट रूम में जाकर उसके फुटेज देखे व तारीफ की.

दूसरे देशोंसे कैसा रिस्पॉन्स मिला?

खासतौर पर बलूचिस्तान से बहुत ज्यादा फैंस के कॉम्प्लीमेंट मुझे मिले. वह लोग व्यक्तिगत प्रॉब्लम तक शेयर करते हैं. उन्हें मैं पब्लिक जीवन में नहीं बता सकता. व भी कंट्रीज से लोगों ने कंपलीमेंट दिए हैं.

विक्रम सिरोही ने टीम को किस तरह लीड किया?

हमारी ट्रेनिंग इंडोर हुई. रेड चिलीज के कार्यालय में ही. तकनीकी तौर पर सीआईपीडी का मैं सेकेंड इन कमांडर हूं. आप कोई एंबुश करते हैं तो वह ग्रुप में करते हैं. उस एंबुश में ग्रुप कैसे बनाया जाता है. अटैक कैसे करना है तो इसकी ट्रेनिंग लंबी रही.