पिलाटे अभ्यास करने से शरीर को मिलता है ये लाभ

पिलाटे अभ्यास करने से शरीर को मिलता है ये लाभ

भारत में पिलाटे अब धीरे-धीरे मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों में भी जा रहा है. अगर आप भी आने वाले समय में किसी फिटनेस स्टूडियो में पिलाटेस क्लास जाने का सोच रही हैं.

तो उसके लिए पहले कुछ बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है.पिलाटेस अभ्यास अन्यफिटनेस एक्सरसाइजसे अलग होती है. इसमें शरीर के उन मसल्स पर कार्य होता है जिनके लिए अक्सर अभ्यास नहीं होती. ऐसे में शरीर का वजन हथेलियों पर भी उठाना पड़ सकता है. इसलिए हाथों की चोट का खतरा भी होता है. इसे अगर प्रारम्भ करने जा रही हैं तो किसी एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही करें.

ग्रिप वाले मोज़े व दस्ताने-फिटनेस ग्लव्ज व मोज़े बहुत महत्वपूर्ण हैं. आपने देखें हैं वो मोज़े जिनमें छोटे डॉट बने होते हैं. ये ग्रिप के लिए होते हैं. पिलाटेस फिटनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि आप ठीक ग्रिप वाला सामान प्रयोग करें. मशीन की मदद से कार्य करना होगा व ऐसे में कहीं भी स्लिप होने की गुंजाइश हो सकती है. ऐसे मेंबॉडी मसल इंजुरीहो सकती है.

आपकी हथेलियां व कलाई ज्यादा रिस्क में रहेगी-जैसा कि पहले बताया गया है. पिलाटेस में कई बार आपको शरीर का पूरा वजन हाथों व कलाइयों के जरिए उठाना होता है. येपोजीशन प्लैंककरने वाले तो सरलता से कर सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं करते तो कठिन हो सकती है. ऐसे में कलाई व हाथ जल्दी थकेंगे. ब्रेक के समय हाथों को हिलाएं व थोड़ी रेस्ट दें.

चटाई पर लेटने का कोई भूमिका नहीं- :हां, कुछ अभ्यास में लेटने की आवश्यकता पड़ सकती है, लेकिन अधिकांश पिलाटेस स्ट्रोक Pilates reformer नाम की मशीन पर होते हैं. वेट ट्रेनिंग आदि भी सब इसी पर होती हैं. इसलिए इसमें ज्यादा मेहनत लगती है.पिलाटेस में फिजिकल स्ट्रेंथबढ़ाने की बात होती है व इसलिए आपको ये ध्यान रखना होगा कि इसके बीच में ज्यादा ब्रेक नहीं होते. अगर मशीन का प्रयोग नहीं करना व कुछ टिप्स ली हुई हैं तो पिलाटेस घर में करने के लिए कुछ खास ढंग के डिवाइस प्रयोग किए जा सकते हैं. उनमें से एक है पोर्टेबल पिलाटेस स्टूडियो बेल्ट. इससे स्ट्रेचिंग सरलता से घर पर की जा सकती है.