दिल की धमनियों की ब्लॉकेज के शिकार हो चुके मरीजों के लिए, जीवनदान देने वाली तकनीक हुई पेश

दिल की धमनियों की ब्लॉकेज के शिकार हो चुके मरीजों के लिए, जीवनदान देने वाली तकनीक हुई पेश

दिल की धमनियों की ब्लॉकेज के शिकार हो चुके मरीजों के लिए खुशखबरी है. अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों के दिल की ब्लॉकेज बिना जोखिम खोली जा सकेगी.

देश में पहली बार शॉकवेव लिथोट्रिप्सी के जरिए दिल का ब्लॉकेज खोलने का दावा किया गया है. बीते हफ्ते ही सरकार के ड्रग कंट्रोलर विभाग से शॉकवेब लिथोट्रिप्सी के प्रयोग को *मंजूरी मिली है.

जीवनदान देने वाली तकनीक : 67 वर्षीय डायबिडीज के मरीज की दिल की धमनी 90 प्रतिशत तक बंद हो गई थी. अभी तक हिंदुस्तान में बैलून एंजियोप्लास्टी ही ऐसी ब्लॉकेज को हटाने के लिए प्रयोग होने वाली आधुनिक तकनीक थी. मरीज का ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा ज्यादा था. गुब्बारा वहां तक पहुंचने से पहले ही दबाव से फट जाता था. इसके निवारण के लिए शॉकवेव लिथोट्रिप्सी का प्रयोग किया गया. इसके तहत गुब्बारे के आकार के कैथेटर को दिल की धमनी में डाला गया. फिर एक निश्चित मात्रा में शॉकवेव छोड़ी गईं. धमनी में जमा कैल्सियम को इन तरंगों ने तोड़ दिया व मरीज की धमनी की रुकावट दूर हो गई.