अच्छी सेहत के लिए इन सब्जियों का छिलके सहित करें इस्तेमाल

अच्छी सेहत के लिए इन सब्जियों का छिलके सहित करें इस्तेमाल

सब्जियां हमारे भोजन का जरूरी हिस्सा हैं जिनसे हमारी बॉडी के ज्यादातर न्यूट्रिशन की पूर्ति होती है लेकिन अगर आप इन्हें बहुत सारे तेल, मसाले के साथ पकाते हैं तो इससे सिर्फ उसका स्वाद बढ़ता है न्यूट्रिशन नहीं। एक और गलती जो ज्यादातर घरों में सब्जी बनाने के दौरान होती है वो है छिलका निकालकर सब्जी बनाना। नहीं पता तो जान लीजिए छिलके में बहुत सारा फाइबर होता है जो हमारे पाचन को दुरुस्त रखने का काम करता है। तो कुछ सब्जियों को बिना छिले ही पकाना चाहिए। आइए जानते हैं इनमें कौन-कौन सी सब्जियां शामिल हैं।

आलू

आलू के बिना तो हमारे यहां शायद ही कोई सब्जी बन पाती है। वैसे नो डाउट ये झटपट से बन जाने वाली सब्जी है लेकिन अगर आप हेल्थ कॉन्शियस हैं और फिट बने रहना चाहते हैं तो बजाय आलू को डाइट से आउट करने के, आप इसे बिना छिले इस्तेमाल करें। ्रआलू के छिलके में आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व मौजूद होते हैं। जो मेटाबॉलिज्म बूस्ट करते हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं।


टमाटर

टमाटर का इस्तेमाल भी ज्यादातर सब्जियों के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। टमाटर में भी हमारे हेल्थ के लिए कई जरूरी न्यूट्रिशन शामिल होते हैं तो अगर आप इसके न्यूट्रिशन को वैसे ही बरकरार रखना चाहते हैं तो इसका छिलका उतारने की गलती न करें।

कद्दू

झटपट से तैयार हो जाने वाली कद्दू की सब्जी भी खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है लेकिन कद्दू के भी ज्यादा से ज्यादा न्यूट्रिशन बॉडी के अंदर पहुंच सकें, इसके लिए काटते वक्त इसका छिलका न उतारें। क्योंकि इसके छिलके में आयरन, विटामिन ए, पोटैशियम अच्छी-खासी मात्रा में पाया जाता है। जिसकी हमारी बॉडी को जरूरत होती है।

 
खीरा

खीरे को छिलना मतलब उसका आधे से ज्यादा न्यूट्रिशन फेंकने के समान होता है। सलाद की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर रायते में, इसका छिलका किसी भी तरह से स्वाद को खराब करने का काम नहीं करता साथ ही जरूरी न्यूट्रिशन की भी पूर्ति कर देता है। 


अनियमित पीरियड्स से मुक्ति दिलाने में कारगर है ये घरेलू उपाय

अनियमित पीरियड्स से मुक्ति दिलाने में कारगर है ये घरेलू उपाय

महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा मजबूत माना जाता है। महिलाएं हर तरह से पुरुषो से अलग होती हैं और उनमें
काफी मजबूती होती है। लेकिन कुछ परेशानियां ऐसी होती हैं जिन्हें सिर्फ महिलाएं ही समझ सकती हैं।  तनाव,टेंशन,स्ट्रेस यह ऐसा दीमक है जो धीरे-धीरे शरीर को खा जाता है। महिलाएं चाहकर भी खुद को इससे दूर नहीं कर पाती हैं, जिसके कारण उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्ट्रेस का सबसे ज्यादा असर महिलाओं के पीरियड्स पर पड़ता है। वर्तमान में 90 प्रतिशत महिलाएँ अनियमित पीरियड्स से परेशान हैं। इससे निजात पाने के लिए आपको कुछ घरेलू उपाय अपनाने होंगे जो हम बताने जा रहे हैं....

सौंठ या सूखा अदरक : ये चीज़ें भी पीरियड्स को नियमित करने में सहायक मानी जाती है। यह पीरियड्स के फ्लो को सही करने और दर्द को कम करने में लाभदायक होता है। इसे आप जूस के रूप में या फिर कच्चा भी खा सकते हैं। यह दोनों तरीके से आपके पीरियड्स को समय पर लाने में मददगार साबित होगा। अदरक को आप नियमित रूप से चाय में डालकर पीने की आदत डालें तो यह पीरियड्स के लिए सर्वश्रेष्ठ होगा।

चकूंदर : अनियमित पीरियड्स को सुधारने या उससे छुटकारा पाने में चकूंदर आपकी सहायता कर सकता है। चकूंदर में कई जरूरी पोषक तत्व और आयरन, फॉलिक एसिड आदि पाए जाते हैं जो अनियमित मासिक धर्म को नियमित करने में कारगर साबित होते हैं। यह हार्मोन्स के संतुलन को सही करने में मदद करते हैं।  

कच्चा पपीता : पीरियड्स की अनियमितता को दूर करने का रामबाण इलाज है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्व आयरन, कौरोटीन, कौल्शियम, विटामिन ए और सी गर्भाश्य की सिकुड़ी हुई मांसपेशियों को फाइबर पहुँचाने का काम करते हैं। कच्चे पपीते को आप पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले खाना शुरू कर दे्ं।