महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,218 नए मामले सामने आए

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,218 नए मामले सामने आए

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 वायरस संक्रमण के 5,218 नएमामले सामने आए है जबकि एक रोगी की मृत्यु हुई है. राज्य में Covid-19 से अब तक संक्रमित हो चुके रोगियों की संख्या बढ़कर 79,50,240 पर पहुंच गई और मृतकों का कुल आंकड़ा 1,47,893 हो गया.

देश में एक बार फिर से कोविड-19 वायरस के नए मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है. इस वृद्धि में सबसे अधिक मुद्दे महाराष्ट्र और दिल्ली में आ रहे हैं. गुरुवार को भी दोनों ही राज्यों में मामलों में वृद्धि देखी गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि मृत्यु के मामलों में कोई खास वृद्धि नहीं हो रही है. हालांकि, दिल्ली और महाराष्ट्र में लगातार बढ़ते संक्रमण करने एक बार फिर से लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या राष्ट्र में कोविड-19 वायरस की चौथी लहर आने वाली है? महाराष्ट्र में कोविड-19 वायरस के नए मुद्दे 5000 से अधिक आए हैं. जबकि दिल्ली में भी नए मामलों की संख्या लगभग दो हजार के करीब है. 

महाराष्ट्र में Covid-19 के 5,218 नए मुद्दे सामने आए

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 वायरस संक्रमण के 5,218 नएमामले सामने आए है जबकि एक रोगी की मृत्यु हुई है. राज्य में Covid-19 से अब तक संक्रमित हो चुके रोगियों की संख्या बढ़कर 79,50,240 पर पहुंच गई और मृतकों का कुल आंकड़ा 1,47,893 हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कोविड-19 वायरस संक्रमण के 2,479 नए रोगियों की पहचान हुई. इसमें बताया गया है कि राज्य में बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को 60 प्रतिशत अधिक मुद्दे सामने आए. बुधवार को महाराष्ट्र में Covid-19 के 3,260 नए मुद्दे और तीन और मौतें दर्ज की गई थीं. सबसे अधिक 13,614 मुद्दे मुंबई में रिकॉर्ड किए गए थे. पड़ोसी ठाणे जिले में 5,488 और पुणे में 2,443 रोगी संक्रमित मिले थे. 

दिल्ली में Covid-19 के 1,934 नए मामले

दिल्ली में Covid-19 के 1,934 नए मुद्दे सामने आए और संक्रमण रेट 8.10 फीसदी रही. पिछले 24 घंटे में महामारी से दिल्ली में किसी की मृत्यु का कोई मामला सामने नहीं आया है. नए मुद्दे कल किए गए 23,879 नमूनों के परीक्षण में सामने आए हैं. दिल्ली में नए मामलों के साथ कोविड-19 वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 19,27,394 हो गई है और मृतक संख्या 26,242 पर बनी हुई है. राष्ट्र में एक दिन में Covid-19 के 13,313 नए मुद्दे सामने आने के बाद कोविड-19 वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 4,33,44,958 हो गई. वहीं, उपचाराधीन रोगियों की संख्या बढ़कर 83,990 पर पहुंच गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तान में संक्रमण से 38 और लोगों की मृत्यु के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5,24,941 हो गई. 


अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले LG मनोज सिन्हा ने बुलाई बैठक

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले LG मनोज सिन्हा ने बुलाई बैठक
  • मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी बैठक
  • ‘बैठक के लिए एक एजेंडा निर्धारित किया जाना चाहिए था’
  • फारूक अब्दुल्ला, रविंदर रैना, जी ए मीर हुए बैठक में शामिल

 जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से आज बुधवार को राजभवन में आयोजित चाय पार्टी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती शामिल नहीं हुईं. ऑफिसरों के मुताबिक, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार से प्रारम्भ हो रही अमरनाथ यात्रा सहित केंद्र शासित प्रदेश के वर्तमान परिस्थिति पर चर्चा करने के लिए विभिन्न सियासी दलों के प्रमुखों को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया था. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, भाजपा की जम्मू और कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रविंदर रैना और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जी ए मीर इस बैठक में शामिल हुए. पीडीपी के एक प्रवक्ता ने बोला कि यह अजीब है कि उपराज्यपाल का कार्यालय बहुत संवेदनशील समय में नेताओं को ‘हाई टी’ बैठक के लिए आमंत्रित कर रहा था. 

‘प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सभी दलों की हुई बैठक के नतीजे क्या निकले”

पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने कहा, “अगर कुछ चर्चा करने के लिए था, तो बैठक के लिए एक एजेंडा निर्धारित किया जाना चाहिए था.” सुहैल बुखारी ने इस बैठक के समय पर प्रश्न खड़े करते हुए ट्वीट किया, ”शाम को गंभीर विषयों को लेकर होने वाली एक बैठक के लिए सुबह में निमंत्रण भेजा जाता है. क्या मजाक है! वैसे पीएम की अध्यक्षता में सभी दलों की हुई बैठक के नतीजे क्या निकले, जिसमें जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री भी उपस्थित थे?” 

 ‘पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की अनुमति नहीं दी गई’

उन्होंने यह भी बोला कि यह विडंबना है कि प्रशासन ने महबूबा मुफ्ती को अनंतनाग जिले में उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की अनुमति नहीं दी और वही प्रशासन उन्हें बैठक के लिए आमंत्रित कर रहा था. फारूक अब्दुल्ला ने यहां एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से वार्ता में बोला कि उन्हें निमंत्रण मिला है, लेकिन उन्हें इसके एजेंडे के बारे में नहीं बताया गया है. 

उन्होंने कहा, ”मैं आज ही दिल्ली से वापस आया हूं. मुझे बैठक में आमंत्रण का कार्ड मिल गया है, लेकिन एजेंडा का जिक्र नहीं है. मैं वहां जाऊंगा और पता लगाऊंगा कि यह क्या है.कांग्रेस पार्टी ने भी बोला कि इस बैठक के लिए कोई एजेंडा तय नहीं किया गया था.