देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी

कोरोना विषाणु संक्रमण को नियंत्रण में रखने के लिए पूरी दुनिया में जांच, निगरानी, इलाज, टीकाकरण और संक्रमण को रोकने के लिए उचित व्यवहार की रणनीति को अपनाया जाता है लेकिन राष्ट्र में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बाद भी जांच की संख्या में वृद्धि नहीं हो रही है. हालांकि केंद्र गवर्नमेंट की ओर से कई बार सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपने यहां जांच बढ़ाने के लिए बोला जा चुका है.

देश में एक महीने से संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है और संक्रमण का उपचार करा रहे रोगियों की संख्या 90 हजार के पार पहुंच चुकी है. एक जून को राष्ट्र में संक्रमण का उपचार करा रहे रोगियों की संख्या 18 हजार से कुछ अधिक थी. एक जून से अब तक सप्ताहिक संक्रमण रेट भी 0.63 फीसद से बढ़कर 3.25 फीसद तक पहुंच गई है. यदि जांच की बात करें तो मई में कोविड-19 की कुल 1,29,83,496 जांच हुर्इं. यानी मई में औसतन रोजाना 4,18,822 लोगों की कोविड-19 की जांच हुई. कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के कारण जांच में भी वृद्धि होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
देश में 25 जून तक कोविड-19 की कुल 98,15,473 जांच हुईं जून में औसतन रोजाना 3,92,618 लोगों की कोविड-19 की ही जांच हुई. यानी जून में मई के मुकाबले औसतन रोजाना 26,204 जांच कम हुईं. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के एक अधिकारी ने बताया कि जांच का कार्य पूरी तरह से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हाथ में है. उन्होंने बताया कि जब संक्रमण के मुद्दे अधिक आने लगते हैं तो राज्य सरकारें निषिद्ध क्षेत्र बनाने लगती हैं. इन निषिद्ध क्षेत्रों में अधिकांश लोगों की जांच की जाती है. ऐसे में जांच की संख्या बढ़ जाती है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने तीन जून को कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिवों का ध्यान इस ओर दिलाया था. साथ ही जांच, निगरानी, इलाज, टीकाकरण और संक्रमण को रोकने के लिए उचित व्यहार की रणनीति को अपनाने की राय भी दी थी. इसके बाद नौ जून के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर राष्ट्र में बढ़ रहे कोविड-19 मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए जिन इलाकों में नए मुद्दे दर्ज हो रहे हैं, वहां जांच बढ़ाने की बात कही थी.