सरकार ने Tata Nexon EV में आग लगने की स्वतंत्र जांच के दिये आदेश

सरकार ने Tata Nexon EV में आग लगने की स्वतंत्र जांच के दिये आदेश

सरकार ने मुंबई में टाटा मोटर्स के नेक्सन इलेक्ट्रिक गाड़ी में आग लगने की घटना के स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा, हमने नेक्सन ईवी में आग लगने की घटना की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि अग्नि, पर्यावरण तथा विस्फोटक सुरक्षा केंद्र (सीएफईईएस), भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) और नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) को यह जांच करने के लिए बोला गया है. जांच के दौरान ये संस्थान उन परिस्थितियों का पता लगाएंगी, जिसके चलते आग लगी. ये संस्थान बचाव के तरीका के संबंध में सुझाव भी देंगे. 

कंपनी भी कर रही जांच 

टाटा मोटर्स ने बोला कि वह मुंबई में नेक्सन ईवी में आग लगने की घटना की जांच कर रही है. कंपनी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ‘‘हाल ही में आग लगने की घटना के तथ्यों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच की जा रही है.’’ इस घटना के संबंध में लोगों ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. कंपनी ने कहा, हम अपने वाहनों और उनके उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं. टाटा मोटर्स ने बोला कि लगभग चार वर्ष में 30,000 से अधिक ईवी ने पूरे राष्ट्र में 10 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है और इस दौरान यह पहली घटना है. 

समिति इस महीने दे सकती है अपनी रिपोर्ट 

बिजली से चलने वाले दोपहिया वाहनों में आग लगने के मामलों की जांच और इससे बचाव के तरीका सुझाने के लिए गठित जानकार समिति इस महीने अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. सड़क परिवहन मंत्रालय एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. हाल ही में, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग लगने की कई घटनाएं हुई है, जिसमें कुछ लोगों की मृत्यु हुई और कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए. अधिकारी ने  कहा, जानकार समिति इस महीने (बैटरी मानकों और प्रमाणन पर गठित) अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है.


अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले LG मनोज सिन्हा ने बुलाई बैठक

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले LG मनोज सिन्हा ने बुलाई बैठक
  • मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी बैठक
  • ‘बैठक के लिए एक एजेंडा निर्धारित किया जाना चाहिए था’
  • फारूक अब्दुल्ला, रविंदर रैना, जी ए मीर हुए बैठक में शामिल

 जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से आज बुधवार को राजभवन में आयोजित चाय पार्टी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती शामिल नहीं हुईं. ऑफिसरों के मुताबिक, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार से प्रारम्भ हो रही अमरनाथ यात्रा सहित केंद्र शासित प्रदेश के वर्तमान परिस्थिति पर चर्चा करने के लिए विभिन्न सियासी दलों के प्रमुखों को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया था. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, भाजपा की जम्मू और कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रविंदर रैना और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जी ए मीर इस बैठक में शामिल हुए. पीडीपी के एक प्रवक्ता ने बोला कि यह अजीब है कि उपराज्यपाल का कार्यालय बहुत संवेदनशील समय में नेताओं को ‘हाई टी’ बैठक के लिए आमंत्रित कर रहा था. 

‘प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सभी दलों की हुई बैठक के नतीजे क्या निकले”

पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने कहा, “अगर कुछ चर्चा करने के लिए था, तो बैठक के लिए एक एजेंडा निर्धारित किया जाना चाहिए था.” सुहैल बुखारी ने इस बैठक के समय पर प्रश्न खड़े करते हुए ट्वीट किया, ”शाम को गंभीर विषयों को लेकर होने वाली एक बैठक के लिए सुबह में निमंत्रण भेजा जाता है. क्या मजाक है! वैसे पीएम की अध्यक्षता में सभी दलों की हुई बैठक के नतीजे क्या निकले, जिसमें जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री भी उपस्थित थे?” 

 ‘पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की अनुमति नहीं दी गई’

उन्होंने यह भी बोला कि यह विडंबना है कि प्रशासन ने महबूबा मुफ्ती को अनंतनाग जिले में उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर जाने की अनुमति नहीं दी और वही प्रशासन उन्हें बैठक के लिए आमंत्रित कर रहा था. फारूक अब्दुल्ला ने यहां एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से वार्ता में बोला कि उन्हें निमंत्रण मिला है, लेकिन उन्हें इसके एजेंडे के बारे में नहीं बताया गया है. 

उन्होंने कहा, ”मैं आज ही दिल्ली से वापस आया हूं. मुझे बैठक में आमंत्रण का कार्ड मिल गया है, लेकिन एजेंडा का जिक्र नहीं है. मैं वहां जाऊंगा और पता लगाऊंगा कि यह क्या है.कांग्रेस पार्टी ने भी बोला कि इस बैठक के लिए कोई एजेंडा तय नहीं किया गया था.