केरल में कोरोना पाबंदियों में ढील, शनिवार को आफिस से काम करने की मिली छूट

केरल में कोरोना पाबंदियों में ढील, शनिवार को आफिस से काम करने की मिली छूट

राज्य में बढ़ते COVID-19 मामलों के मद्देनजर लगाए गए संडे के कड़े लाकडाउन उपायों और नाइट कर्फ्यू को वापस लेने के बाद केरल सरकार ने मंगलवार को शनिवार को कार्य दिवसों के रूप में बहाल करने का फैसला किया, जहां भी लागू हो। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे (शनिवार को) तदनुसार ड्यूटी पर आएं। इसमें कहा गया है कि 4 अगस्त को सभी सरकारी कार्यालयों, अर्ध सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कंपनियों, स्वायत्त निकायों और आयोगों को सोमवार से शुक्रवार तक पूरी उपस्थिति के साथ काम करने की अनुमति दी गई थी।

इसमें आगे कहा गया है कि वर्तमान COVID-19 परिदृश्य और राज्य में लगाए गए प्रतिबंधों का आकलन करने के बाद सरकार शनिवार को भी कार्य दिवसों के रूप में बहाल करने की कृपा कर रही है, जहां भी ये लागू हो।


केरल में कोरोना का हाल

केरल में एक दिन में 15,058 नए मामले सामने आए हैं और 99 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। एक दिन में 28,439 संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं। राज्य के 14 जिलों में से त्रिशूर में कोविड के सबसे अधिक 2158 मामले आए हैं। केरल का आज का पाजिटिविटी रेट 16.39 फीसद रहा है।यहां कुल ठीक होने वालों की संख्या 41,58,504 हो गई है और सक्रिय मामलों की संख्या 2,08,773 हो गई है।

 
राज्य के 14 जिलों में से त्रिशूर में कोविड के सबसे अधिक 2158 मामले आए हैं। इसके बाद कोझीकोड में 1800 मामले आए, एर्णाकुलम में 1694 मामले, तिरुवनंतपुरम में 1387, कोल्लम में 1216, मलप्पुरम में 1199, पलक्कड़ में 1124, अलप्पुझा में 1118 और कोट्टायम में 1027 मामले आए हैं।

संक्रमितों में 61 स्वास्थ्यकर्मी हैं, 49 दूसरे राज्य से हैं और 14,336 लोग संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से वायरस की चपेट में आए। हालांकि 612 मरीजों के संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चला है। राज्य में वर्तमान में 5,90,219 मरीजों को विभिन्न जिलों में निगरानी में रखा गया है जिनमें 5,60,694 होम-क्वारंटाइन या संस्थागत क्वारंटाइन में हैं और 29,525 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।


मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात लेखक और पत्रकार मनोरमा महापात्रा के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही कहा कि उन्होंने मीडिया में कई योगदान दिए हैं। उन्होंने कई मुद्दों को कवर किया। उन्हें उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा,' प्रसिद्ध साहित्यकार मनोरमा महापात्र जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें कई मुद्दों पर उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने मीडिया में भी समृद्ध योगदान दिया और व्यापक सामुदायिक सेवा की। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति ।

ओडिया दैनिक 'द समाज' के पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा का कलकत्ता में एससीबी मेडिकल कालेज और अस्पताल में निधन हो गया था। महापात्रा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनका इलाज चल रहा था। वह 87 वर्ष की थीं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।


पटनायक ने कहा, 'मैं प्रमुख लेखिका और डेली न्यूजपेपर समाज की पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा के निधन के बारे में जानकर दुखी हूं। पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनका योगदान अतुलनीय है।" बता दें कि मनोरमा 1934 में जन्मी थी। वह 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था।

उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों आनलाइन नीलामी चल रही है। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को नागरिकों को उनके द्वारा प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।


पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'समय के साथ, मुझे कई उपहार और स्मृति चिन्ह मिले हैं जिनकी नीलामी की जा रही है। इसमें हमारे ओलंपिक नायकों द्वारा दिए गए विशेष स्मृति चिन्ह शामिल हैं। नीलामी में भाग लें। इससे मिलने वाला पैसा नमामि गंगे पहल में जाएगा। पीएम मोदी ने ई-नीलामी के लिए निर्धारित पोर्टल का लिंक भी साझा किया।