जज उत्तम आनंद के मर्डर केस में अदालत का फैसला आने के बाद भी उनके परिजन निराश

जज उत्तम आनंद के मर्डर केस में अदालत का फैसला आने के बाद भी उनके परिजन निराश

झारखंड के धनबाद के जज उत्तम आनंद के मर्डर मुकदमा में न्यायालय का निर्णय आने के बाद भी उनके परिजन निराश है उनका बोलना है कि जांच के बाद गुनाह सिद्ध भले ही हो गया हो लेकिन अब भी कई ऐसे प्रश्न हैं जिनका उत्तर मिलना अभी बाकी है परिवार का बोलना है कि इस हत्याकांड की षड्यंत्र के पीछे जो भी शख्स है, उसका चेहरा या नाम अब भी सामने नहीं आया है उत्तम आनंद के छोटे भाई एडवोकेट सुमन शंभु ने बताया कि न्यायालय का निर्णय तो अपनी स्थान सही, लेकिन हमारे परिवार को अब भी इस प्रश्न का उत्तर नहीं मिला है कि उनकी मर्डर किसने, क्यों और कैसे करवाई? उन्होंने बोला कि हमारे पास कई प्रश्न हैं और हमें उनका उत्तर नहीं मिला है 

परिवार को नहीं मिले जवाब

सुमन शंभु ने बोला कि हमारे भाई की मर्डर को एक वर्ष हो गये, लेकिन आज तक हमारे परिवार को कोई सहायता नहीं मिली है जज साहब के आश्रित किस हाल में हैं? यह किसी गवर्नमेंट ने आज तक नहीं पूछा सरकारी प्रावधान के अनुसार तो जो सहायता मिलनी चाहिए, वह मिलेगी भी या नहीं या कब मिलेगी? एडवोकेट सुमन शंभु ने बोला कि CBI की जांच में यह नतीजा आया कि जज उत्तम आनंद की मर्डर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा ने ऑटो से भिड़न्त मारकर की थी, लेकिन प्रश्न यह है कि उनके माथे के दायीं तरफ भारी चीज से जो चोट पाई गई क्या वह सिर्फ ऑटो की भिड़न्त से लगी चोट थी?

जज के भाई ने बोला कि इस प्रश्न का उत्तर आजतक नहीं मिला है साथ ही जज साहब की मर्डर के पीछे इरादा या मकसद क्या था? इसका खुलासा भी नहीं हो पाया है उन्होंने बोला कि इस मर्डर के पीछे किसी अन्य आदमी का हाथ हो सकता है, यह बात CBI भी प्रारम्भ से मान रही थी फिर प्रश्न यह है कि वह आदमी कौन है? जज उत्तम आनंद धनबाद सहित जिन स्थानों पर भी पोस्टेड रहे, उन्होंने कई अपराधियों के विरूद्ध निर्णय दिये होंगे, क्या वैसे मामलों पर पूरी तरह जांच हुई है? जज साहब को भिड़न्त मारने वाले आरोपियों के बयान कई बार भिन्न-भिन्न आए हैं तो आखिर इसके पीछे का सच क्या है?

मर्डर के पीछे आखिर किसकी साजिश?

जज उत्तम आनंद के पिता सदानंद प्रसाद हजारीबाग के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं उन्होंने बोला कि इस मुद्दे की मॉनिटरिंग उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस स्वयं कर रहे हैं, इसलिए हमने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखा है, जो निर्णय आया है, उस पर भी हम कोई प्रश्न नहीं उठा रहे हैं हम केवल इतना चाहते हैं कि मुद्दे की जांच करने वाली एजेंसी CBI को मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचना चाहिए

जज उत्तम आनंद की मर्डर के मुद्दे में धनबाद स्थित CBI की विशेष न्यायालय ने ट्रायल पूरी होने के बाद गुरुवार को ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा को दोषी करार दिया है ठीक एक वर्ष पहले 28 जुलाई 2021 की सुबह पांच बजकर 8 मिनट पर धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के पास सिविल न्यायालय के जज उत्तम आनंद को एक ऑटो से भिड़न्त मारकर उनकी जान ले ली गयी थी उस समय वह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे अगले ही दिन ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को पुलिस ने अरैस्ट कर लिया था

जज की पत्नी की अर्जी पर इस मुकदमा में मर्डर का मामला दर्ज किया गया था बाद में राज्य गवर्नमेंट की सिफारिश और उच्च न्यायालय के आदेश पर इस हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी गई थी CBI ने इस मुद्दे में अपनी चार्जशीट और कुल 58 गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय में यह साबित किया है कि आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा ने जानबूझकर जान लेने के इरादे से जज उत्तम आनंद को भिड़न्त मारी थी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हुई थी