विदेश से आए लोगो का हो रहा क्वारंटाइन, जाने पूरी खबर

विदेश से आए लोगो का हो रहा क्वारंटाइन, जाने पूरी खबर

कोरोना के विरूद्ध छिड़ी जंग में सरकार ने 21 मार्च के बाद विदेश से आए सभी 64 हजार लोगों को वैसे क्वारंटाइन में ही रहने के आदेश दिए हैं. साथ ही बोला है कि वह ऐसे लोगों पर निगाह भी रख रही है. 

यदि कोई इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

दरअसल ये लोग बाहर आए तो कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ जाएगा व फिर स्थिति विकराल हो सकती है. माना जा रहा है कि इसी कारण 21 दिनों के लॉकडाउन की भी घोषणा की गई है.केंद्रीय स्वास्थ्य व गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि अब तक के अध्ययन में यह साफ हो गया है कि विदेश से आए लोगों से ही कोरोना के संक्रमण फैलने का सबसे ज्यादा खतरा है. इसलिए सरकार उन्हें लेकर पूरी तरह से सतर्क है.

देशभर में ऐसे लोगों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने बताया कि उनकी नजर में वे लोग भी हैं जो एयरपोर्ट से किसी ढंग से बच निकले हैं. ऐसे लोगों को किसी से सम्पर्क नहीं करने व घरों में ही रहने के लिए बोला गया है. इसके साथ ही उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में देश के 118 सरकारी प्रयोगशाला के पास हर दिन 12 हजार से ज्यादा लोगों की जाँच की क्षमता है जो बढ़ाई जा सकती है.

इसके साथ ही 29 ऐसी व्यक्तिगत प्रयोगशाला को भी आइसीएमआर की तय गाइडलाइन के तहत जाँच की अनुमति दी गई है जिनके देशभर में 16 हजार से ज्यादा कलेक्शन सेंटर हैं.स्वास्थ्य मंत्रालय ने मलेरिया में प्रयोग होने वाली हाइड्रो-क्लोरोक्वीन दवा के खुद ही प्रयोग करने से बचने की सलाह दी है. उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ संक्रमित लोगों के इलाज या स्वास्थ्य सेवाओं में लगे लोगों को ही देने की सलाह दी गई है.-

समुदाय के बीच कार्य कर रहे कर्मी वायरस के बारे में संदेश फैलाएं

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से मुकाबले में समुदाय के बीच कार्य कर रहे कर्मियों की किरदार को रेखांकित करते हुए बुधवार को बोला कि उन्हें बीमारी की रोकथाम के लिए समुदाय में अहम संदेशों को फैलाना चाहिए व संदिग्ध मामलों का जल्द पता लगाने में मदद करनी चाहिए. उनकी किरदार को रेखांकित करते हुए मंत्रालय ने बोला कि सामुदायिक कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों की सूची तैयार करने के लिए बोला जा सकता है जिन्होंने पिछले 14 दिनों में दूसरे राष्ट्रों या अन्य राज्यों की यात्रा की है.

वे ऐसे लोगों के नाम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सा ऑफिसर के साथ साझा करें, लेकिन दूसरों के साथ उनके नाम साझा नहीं करें. इसके अतिरिक्त ऐसे लोगों को घर में पृथक रहने के लिए बताएं. मंत्रालय ने बताया कि उन्हें खुद कोरोना वायरस की निगरानी करने व इस बारे में हेल्पलाइन नंबर पर अवगत कराने के लिए बोला जाएगा. उनसे सभी एहतियाती उपाए अपनाने के लिए बोला जाएगा जैसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें व लगातार हाथ धोते रहें.