गुजरात कैबिनेट विस्तार: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की टीम में ये मंत्री होंगे शामिल, आज होगा शपथ ग्रहण

गुजरात कैबिनेट विस्तार: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की टीम में ये मंत्री होंगे शामिल, आज होगा शपथ ग्रहण

गांधीनगर गुजरात मंत्रिमंडल का विस्तार गुरुवार दोपहर को होगा समाचार है कि इस दौरान 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं प्रदेश के नए सीएम भूपेंद्र पटेल की टीम में हर्ष संघवी, राघवजी पटेल को स्थान मिली है सूत्रों ने जानकारी दी थी कि गुजरात मंत्रिमंडल का गठन ‘नो रिपीट थ्योरी’ पर किया जाएगा यानि पुराने मंत्रियों को मौका नहीं मिलेगा गुरुवार दोपहर 1:30 बजे नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम होना है इससे पहले प्रोग्राम बुधवार को किया जाना था, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया था  सीएम पटेल के कैबिनेट में 8 पटेल, 2 क्षत्रिय, 6 ओबीसी, 2 अनुसूचित जाति, 3 एसटी, 1 जैन, 2 ब्राह्मण और दो स्त्रियों को स्थान मिली है

ये मंत्री होंगे शामिल
हर्ष संघवी (मजूरा), जूती वाघआनी (भावनगर), नरेश पटेल (गणदेवी), प्रदीप परमार (असारवा), गजेंद्र परमार (प्रांतिज), निमिषा सुथार (मोरवा हड़फ), देवा मालम कोड़ी (केशोद), राघवजी पटेल (जामनगर ग्राम्य), अरविंद रैयानी, आर सी मकवाना (महुवा) आज दोपहर राजधानी गांधीनगर स्थित राजभवन में मंत्री पद की शपथ लेंगे

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कुछ नेताओं ने मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने की संभावनाओं पर विरोध जताया है मुख्यमंत्री पटेल ने सोमवार को गुजरात के 17वें सीएम के तौर पर शपथ ली थी इससे पहले प्रदेश की कमान विजय रूपाणी के हाथों में थी बीजेपी के इस कदम को 2022 के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में भी देखा जा रहा है 2017 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 182 में से 99 सीटों पर जीत हासिल कर सत्ता बनाई थी

यह समाचार लगातार सामने आ रही है कि गुजरात सरकार के नए मंत्रिमंडल में पुराने किसी भी मंत्री को स्थान नहीं मिलेगी, लेकिन प्रदीपसिंह जडेजा, सौरभ पटेल, जयेश रडाडिया, गनपत वसावा, दिलीप ठाकोर के मंत्री बनने की थोड़ी-बहुत संभावनाएं हैं फिलहाल, कई मंत्रियों के पास नयी जिम्मेदारी के विषय में कॉल पहुंचना प्रारम्भ हो गए हैं

बीजेपी विधायक नरेश पटेल ने कहा, ‘मुझे कुछ मिनट पहले ही पार्टी के प्रदेश प्रमुख सीआर पाटिल की तरफ से कॉल आया है मुझ जैसे आदमी को प्रदेश कैबिनेट में शामिल करने के लिए मैं पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा का आभारी हूं 

भारत ने पाकिस्तानी NSA को दिया न्योता, अफगानिस्तान के मुद्दे पर अगले महीने दिल्ली में बैठक

भारत ने पाकिस्तानी NSA को दिया न्योता, अफगानिस्तान के मुद्दे पर अगले महीने दिल्ली में बैठक

अफगानिस्‍तान की स्थिति पर द‍िल्‍ली में अगले महीने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक होनी है। इसकी मेजबानी भारत करेगा। इस बैठक में कई अन्‍य देशों के साथ रूस और पाकिस्‍तान को भी न्‍योता दिया गया है। बैठक की अध्‍यक्षता भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे। माना जाता है कि इस क्षेत्रीय सम्‍मेलन में चीन, इरान, तजाकिस्‍तान और उजबेकिस्‍तान को भी बुलाया गया है। इसमें अफगानिस्‍तान में मानवीय संकट के मसलों पर बातचीत होगी। साथ ही सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। 


प्रस्तावित वार्ता 10-11 नवंबर को हो सकती हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यह सम्मेलन 2019 में ईरान में पहले आयोजित क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के समान प्रारूप में होगा। एनएसए-स्तरीय बैठक में आमंत्रित लोगों में अफगानिस्तान के पड़ोसी देश- रूस, चीन, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल हैं। पता चला है कि उस आमंत्रण को पाकिस्तान के एनएसए मोईद युसूफ को भी दे दिया गया है, हालांकि सम्मेलन और आमंत्रण पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, पता चला है कि तैयारी चल रही है।


तालिबान से दुनिया को जैसी अपेक्षाएं हैं, उसके बारे भी अवगत कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिन देशों के एनएसए को आमंत्रित किया गया है, उन्‍हें पहले ही भारत से निमंत्रण मिल चुका है। हालांकि, इस कॉन्‍फ्रेंस में तालिबान को न्‍योता नहीं दिया गया है। यह बैठक नवंबर के दूसरे हफ्ते में प्रस्‍तावित है।

रूस ने भी 20 अक्‍टूबर को मॉस्‍को में इसी तरह का सम्‍मेलन रखा है। इसमें भारत के साथ-साथ उसने तालिबान को भी बुलाया है। हालांकि, भारत सरकार तालिबान को यहां बुलाने को लेकर अभी असमंजस में है। कारण है कि तालिबान को अभी अंतरराष्‍ट्रीय बिरादरी की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। खासतौर से मानवाधिकार से जुड़े मसलों को लेकर अभी उससे कहीं ज्‍यादा अपेक्षा हैं। इनमें महिलाओं, बच्‍चों और अल्‍पसंख्‍यकों के मानवाधिकार शामिल हैं।


यह देखना दिलचस्‍प होगा कि पाकिस्‍तान कॉन्‍फ्रेंस में क्‍या भूमिका अदा करता है। देखने वाली बात तो यह भी होगी कि पाकिस्‍तानी एनएसए मोईद यूसुफ आते हैं कि नहीं। अगर ऐसा होता है तो 2016 में अमृतसर में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश सलाहकार सरताज अजीज के बाद दोनों ओर से यह किसी उच्‍चाधिकारी का पहला दौरा होगा। इस साल मई में भी भारत ने अफगानिस्‍तान पर कॉन्‍फ्रेंस का प्रस्‍ताव किया था। तब भी यूसुफ को न्‍योता दिया गया था। हालांकि, दिल्‍ली में कोरोना की दूसरी लहर के कारण यह बैठक नहीं हो पाई थी।