क्‍या देश में दस्‍तक दे चुकी है कोरोना की तीसरी लहर

क्‍या देश में दस्‍तक दे चुकी है कोरोना की तीसरी लहर

देश में कुछ दिनों से कोरोना के नए मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को सामने आए कोरोना मामलों की तुलना में बुधवार को करीब 12 हजार से अधिक कोरोना केस मिले हैं। ऐसे में ये सवाल जरूर उठता है कि एक ही दिन में नए मामलों में आई ये तेजी किस तरफ इशारा कर रही है।

आपको बता दें कि पिछले काफी दिनों से देश में महामारी की तीसरी लहर को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। पिछले दिनों आईआईटी हैदराबाद और कानपुर के शोध में भी ये बात सामने आई है कि देश में तीसरी लहर इसी माह के मध्‍य में आ जाएगी। शोध में ये भी कहा गया है कि अक्‍टूबर में ये लहर अपने चरम पर पहुंच जाएगी। इस बारे में सफदरजंग मेडिकल कॉलेज में कम्‍यूनिटी मेडिसिन के हैड डॉक्‍टर जुगल किशोर का कहना  है कि देश में पहली लहर भी इसी दौरान आई थी।


उनका कहना है कि इस दौरान देश में फेस्टिवल सीजन होता है। इस वजह से लोग घरों से बाहर भी निकलते हैं और आपस में मिलते जुलते भी हैं। हालांकि वो ये भी मानते हैं कि इस बार देश में तीसरी लहर राष्‍ट्रीय स्‍तर पर इतनी व्‍यापक या भयावह नहीं होगी जितनी पहली और दूसरी रही थी। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि देश के कुछ ही राज्‍यों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

उनके मुताबिक किसी एक राज्‍य में बढ़ते कोरोना के मामले दूसरे राज्‍यों के लिए कम खतरनाक साबित होंगे, क्‍यों‍कि वर्तमान में अधिकतर लोगों में एंटीबॉडीज बन चुकी हैं और काफी हद तक लोगों को वैक्‍सीनेट किया भी जा चुका है। आगे भी इस प्रक्रिया को तेज करने की कवायद जारी है।


केरल के बढ़ते मामलों पर डॉक्‍टर जुगल किशोर का कहना है कि वहां पहली और दूसरी लहर में जिस तरह के इंतजाम थे उसकी वजह से वहां पर संक्रमण की रफ्तार अन्‍य राज्‍यों की तुलना में कम रही थी। लेकिन अब चीजों के सामान्‍य की तरफ बढ़ जाने के चलते वहां पर संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है। यहां की एक बड़ी आबादी को वैक्‍सीन लगना अभी बाकी है। जैसे-जैसे इसमें तेजी आएगी और लोगों में एंटीबॉडी बनेंगी तो मामलों में गिरावट भी देखने को मिलेगी।


यदि देश में तीसरी लहर आती भी है तो उसका असर जो केरल में दिखाई दे सकता है वैसा दिल्‍ली में नहीं दिखाई देगा, क्‍योंकि यहां पर अधिकतर आबादी वैक्‍सीनेट हो चुकी है और लोगों में एंटीबॉडीज बन चुकी हैं। देश के अधिकतर राज्‍यों में यही हाल है। जिन राज्‍यों में कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं उसकी वजह लोगों का बेरोकटोक बाहर आना-जाना रहा है। इसमें लोगों की लापरवाही मुख्‍यतौर पर जिम्‍मेदार है। उत्‍तर भारत के पर्यटन स्‍थलों पर हुई भीड़ इस बात का सीधा संकेत भी है। उनका कहना है कि दिल्‍ली में कोरोना की चार लहर देखने को मिली थीं।

विश्‍व के कई देशों में डेल्‍टा वैरिएंट के भी मामले बढ़े हैं। कई देशों में महामारी की तीसरी, चौथी और पांचवी लहर तक देखी जा रही है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक विश्‍व के करीब 132 देशों में डेल्‍टा वैरिएंट के मामले सामने आ चुका है।


मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात लेखक और पत्रकार मनोरमा महापात्रा के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही कहा कि उन्होंने मीडिया में कई योगदान दिए हैं। उन्होंने कई मुद्दों को कवर किया। उन्हें उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा,' प्रसिद्ध साहित्यकार मनोरमा महापात्र जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें कई मुद्दों पर उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने मीडिया में भी समृद्ध योगदान दिया और व्यापक सामुदायिक सेवा की। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति ।

ओडिया दैनिक 'द समाज' के पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा का कलकत्ता में एससीबी मेडिकल कालेज और अस्पताल में निधन हो गया था। महापात्रा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनका इलाज चल रहा था। वह 87 वर्ष की थीं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।


पटनायक ने कहा, 'मैं प्रमुख लेखिका और डेली न्यूजपेपर समाज की पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा के निधन के बारे में जानकर दुखी हूं। पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनका योगदान अतुलनीय है।" बता दें कि मनोरमा 1934 में जन्मी थी। वह 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था।

उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों आनलाइन नीलामी चल रही है। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को नागरिकों को उनके द्वारा प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।


पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'समय के साथ, मुझे कई उपहार और स्मृति चिन्ह मिले हैं जिनकी नीलामी की जा रही है। इसमें हमारे ओलंपिक नायकों द्वारा दिए गए विशेष स्मृति चिन्ह शामिल हैं। नीलामी में भाग लें। इससे मिलने वाला पैसा नमामि गंगे पहल में जाएगा। पीएम मोदी ने ई-नीलामी के लिए निर्धारित पोर्टल का लिंक भी साझा किया।