OMICRON कोविड-19 वैरिएंट को लेकर भारत एलर्ट

OMICRON कोविड-19 वैरिएंट को लेकर भारत एलर्ट

कोविड-19 वायरस के नए वैरिएंट OMICRON ने भारत समेत विश्व कई अन्य देशों के माथे पर बल ला दिए हैं। जानकारों की मानें, तो कोरोनावायरस का यह नया वैरिएंट पिछले Delta Variant से कहीं ज्यादा संक्रामक है। एक तरफ जहां अमेरिका ने 8 दक्षिणी अफ्रीकी देशों की यात्रा से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया। तो वहीं, भारत ने 12 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर जांच अनिवार्य कर दी है।

मुंबई में जीनोम सीक्वेंसिंग जरूरी, गुजरात भी सतर्क

OMICRON कोरोनावायरस वैरिएंट को लेकर देश के कई राज्यों में कोविड-19 नियमों को सख्ती से पालन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बात अगर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की करें, तो यहां अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। मुंबई की मेयर किशोर पेडनेकर ने एक बयान जारी करते हुए, अफ्रीका से आने वाले यात्रियों के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग के बारे में जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने OMICRON को लेकर चिंता भी जाहिर की है। वहीं, गुजरात सरकार ने यूरोप, ब्रिटेन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, हांगकांग से हवाई अड्डों पर उतरने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चिंतित

OMICRON कोरोनावायरस वैरिएंट पर दिल्ली प्रदेश के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी चिंता जताई है। अपने एक बयान में उन्होंने कहा है कि, वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से Omicron वैरिएंट से प्रभावित देशों की उड़ाने बंद करने का आग्रह करते हैं। हमारा देश बड़ी मुश्किलों का सामना करने के बाद कोरोना संकट से उबर पाया है। हमें कोरोनावायरस के इस वैरिएंट को देश में दाखिल नहीं होने देना चाहिए। इसके लिए हर संभव कोशिश की जाए।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।