आतंकी संगठन TRF के दो सदस्य गिरफ्तार

आतंकी संगठन TRF के दो सदस्य गिरफ्तार

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जम्मू व कश्मीर के आतंकी संगठन द रेसिस्टेंट फोर्स (टीआरएफ) से संबंध रखने वाले 2 लोगों को अरैस्ट किया है इस दौरान चार जगहों पर की गई छापेमारी के दौरान आईईडी विस्फोटक बनाने वाला सामान, डिजिटल उपकरण, जिहाद साहित्य आदि बरामद हुआ है

क्या है पूरा मामला?
एनआईए के आला अधिकारी ने बताया कि यह मामला आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ के स्वयं-भू कमांडर सज्जाद गुल से जुड़ा हुआ है जिस पर आरोप है कि वह जम्मू व कश्मीर के युवा लोगों को भड़काकर और उन्हें अपने संगठन में शामिल कर जम्मू व कश्मीर समेत राष्ट्र के विभिन्न भागों में आतंकी गतिविधियां करने की षड्यंत्र रच रहा है इस मुद्दे में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 18 नवंबर 2021 को संज्ञान लेते हुए स्वयं केस दर्ज किया था क्योंकि एनआईए को पता चला था कि यह संगठन आतंकी गतिविधियों के साथ-साथ हथियारों और विस्फोटक सामानों को इधर-उधर ले जाने के अतिरिक्त टारगेट किलिंग करने की साजिशें रच रहा है

इन दो लोगों को किया गया गिरफ्तार
एजेंसी के इस अधिकारी ने बताया कि, आज इस मुद्दे में जम्मू व कश्मीर के बारामूला, कुपवाड़ा, पुलवामा और शोपियां में छापेमारी की गई इस दौरान इससे संबंध रखने वाले 2 लोगों को अरैस्ट किया गया अधिकारी के अनुसार इस मुद्दे में जिन 2 लोगों को अरैस्ट किया गया है, उनमें बारामूला के मूजामिल मुस्ताक भट्ट और कुपवाड़ा का फैयाज अहमद खान शामिल है अभी तक की जांच के आधार पर पता चला है कि यह दोनों इस आतंकी संगठन के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम करते थे
 
एनआईए के अनुसार 4 जगहों पर की गई छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप सिम, कार्ड मेमोरी कार्ड के अतिरिक्त आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स आईईडी विस्फोटक बनाने वाला सामान जिहादी पोस्टर और साहित्य आदि बरामद हुआ है अरैस्ट लोगों से पूछताछ की जा रही है, मुद्दे की जांच जारी है


योगी सरकार ने पेश किया सबसे बड़ा बजट

योगी सरकार ने पेश किया सबसे बड़ा बजट
  • सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बजट को ‘आंकड़ों का मकड़जाल’ करार दिया.
  • मायावती ने बजट को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला और घिसा-पिटा बताया है.
  • योगी गवर्नमेंट ने 6,15,518.97 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है.

सपा के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने यूपी गवर्नमेंट की योगी आदित्यनाथ गवर्नमेंट द्वारा 2022-23 के लिए विधानसभा में पेश बजट को ‘आंकड़ों का मकड़जाल’ करार दिया. वहीं, सूबे की पूर्व सीएम मायावती ने बजट को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला और घिसा-पिटा बताया है. अखिलेश ने बजट को आंकड़ों का मकड़जाल करार देते हुए बोला कि बीजेपी गवर्नमेंट के इस छठे बजट में सब कुछ घटा है. बजट पर अखिलेश ने कहा, ‘प्रदेश की भाजपा गवर्नमेंट के पिछले 5 वर्ष में जनता को केवल छल मिला है.

‘बजट तो छठा है लेकिन इसमें सबकुछ घटा है’

सपा सुप्रीमो ने आगे कहा, ‘बीजेपी गवर्नमेंट का यह छठा बजट भी आंकड़ों का मकड़जाल है. यह बजट तो छठा है लेकिन इस बजट में सब कुछ घटा है.’ बता दें कि योगी गवर्नमेंट के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट के अनुसार वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त साल 2022—23 के लिये 6,15,518.97 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. हालांकि अखिलेश ने इसे गलत बताते हुए कहा, ‘तालियां तो बज रही हैं मगर यह दिल्ली के बजट को जोड़कर बनाया गया बजट है.

‘गांवों में अब भी बड़े पैमाने पर रोजगार नहीं’
अखिलेश ने कहा, ‘अब भी समाजवादी पार्टी गवर्नमेंट के काम ही दिख रहे हैं. जिस गवर्नमेंट ने बोला था कि 2022 में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी, आज हम 2022 में हैं, छठवां बजट पेश हुआ है, क्या हमारे किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी? जिस ढंग से महंगाई बढ़ी है और लगातार बढ़ रही है, उससे राहत के लिये इस बजट में कुछ भी नहीं है. इस बजट से गांवों में उदासी है. नौजवान जो आशा लगा कर बैठा था कि उसे जॉब और रोजगार मिलेगा. आंकड़ों में तो दिखाई दे रहा है कि जॉब और रोजगार दिया गया है मगर जमीन पर गांव में अब भी बड़े पैमाने पर नौजवानों के पास रोजगार नहीं है.

‘जनता की आंख में धूल झोंकने का खेल कब तक’
वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने बजट को ‘घिसा-पिटा’ और जनता की आंख में धूल झोंकने वाला करार दिया है. मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बोला कि उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट का बजट प्रथमदृष्टया घिसा पिटा है. मायावती ने ट्वीट किया, ‘उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के जीवन में थोड़े अच्छे दिन लाने के लिए कथित डबल इंजन की गवर्नमेंट द्वारा जो बुनियादी कार्य अहमियत के आधार पर किए जाने चाहिए थे, वे कहां किए गए. साफ है कि नीयत नहीं है तो फिर वैसी नीति कहां से बनेगी. जनता की आंख में धूल झोंकने का खेल कब तक चलेगा?’