मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात लेखक और पत्रकार मनोरमा महापात्रा के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही कहा कि उन्होंने मीडिया में कई योगदान दिए हैं। उन्होंने कई मुद्दों को कवर किया। उन्हें उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा,' प्रसिद्ध साहित्यकार मनोरमा महापात्र जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें कई मुद्दों पर उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने मीडिया में भी समृद्ध योगदान दिया और व्यापक सामुदायिक सेवा की। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति ।

ओडिया दैनिक 'द समाज' के पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा का कलकत्ता में एससीबी मेडिकल कालेज और अस्पताल में निधन हो गया था। महापात्रा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनका इलाज चल रहा था। वह 87 वर्ष की थीं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।


पटनायक ने कहा, 'मैं प्रमुख लेखिका और डेली न्यूजपेपर समाज की पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा के निधन के बारे में जानकर दुखी हूं। पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनका योगदान अतुलनीय है।" बता दें कि मनोरमा 1934 में जन्मी थी। वह 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था।

उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों आनलाइन नीलामी चल रही है। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को नागरिकों को उनके द्वारा प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।


पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'समय के साथ, मुझे कई उपहार और स्मृति चिन्ह मिले हैं जिनकी नीलामी की जा रही है। इसमें हमारे ओलंपिक नायकों द्वारा दिए गए विशेष स्मृति चिन्ह शामिल हैं। नीलामी में भाग लें। इससे मिलने वाला पैसा नमामि गंगे पहल में जाएगा। पीएम मोदी ने ई-नीलामी के लिए निर्धारित पोर्टल का लिंक भी साझा किया।


आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के शोधकर्ता वाहनों के लिए अपनी तरह के पहले 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम' को विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो सड़क के बुनियादी ढांचे और भौगोलिक स्थिति के आधार पर चालक को वाहन की तेज गति से हो सकने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिहाज से सतर्क करेगा।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 70 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं वाहन की तेज गति के कारण होती हैं। ऐसी दुर्घटनाओं को कम से कम करने के लिए सरकार ने एक जुलाई, 2019 के बाद बिकने वाली सभी नई कारों में गति नियंत्रण उपकरण लगाना अनिवार्य कर दिया है। वाहन की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होने पर यह उपकरण चेतावनी स्वरूप बीच-बीच में बीप की आवाज करेगा और 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार होने पर बीप की आवाज लगातार होगी।


हालांकि आइआइटी गुवाहाटी और आइआइटी बंबई के शोधकर्ताओं का मानना है कि गति नियंत्रण उपकरण में उतनी बुद्धिमता नहीं है कि यह पहाड़ी क्षेत्रों, मैदानी इलाकों या रेगिस्तानी स्थानों समेत हर जगह प्रभावी रूप से काम कर सके।आइआइटी गुवाहाटी में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर अखिलेश कुमार मौर्य ने कहा, 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत है जो सड़क के ढांचे के मुताबिक गति के बारे में बता सके और तेज गति से हो सकने वाले हादसों को रोका जा सके।'