धर्मजय सिंह का कोरोना से हुआ निधन, इतने करोड़ रुपए हुए खर्च

धर्मजय सिंह का कोरोना से हुआ निधन, इतने करोड़ रुपए हुए खर्च

 मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) के किसान धर्मजय सिंह का कोरोना से निधन हो गया. इलाज में परिवार ने 8 करोड़ रुपये खर्च किए. तकरीबन 50 एकड़ जमीन भी बेची, बावजूद इसके

उनकी जान नहीं बची. अब उनके बड़े भाई प्रदीप सिंह ने बताया है कि आखिर इतने पैसे किन चीजों में खर्च हुए. प्रदीप का कहना है कि चेन्नई के अस्पताल में रोज ट्रीटमेंट की फीस करीब 3 लाख रुपए तक थी. एयर एंबुलेंस से रीवा से चेन्नई लेकर जाने में करीब 35 लाख खर्च हो गए. हर रोज खाने में ही करीब 15-16 लाख लग जाते थे. पूरे परिवार ने छोटे भाई को बचाने की बहुत कोशिश की थी.


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।