हैदराबाद में आरोपितों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का लोगों ने खुलकर किया समर्थन

हैदराबाद में आरोपितों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का लोगों ने खुलकर किया समर्थन

बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण युवाओं में संस्कारों की कमी व खुद पर धैर्य न होना है. यदि खुद पर धैर्य नहीं है तो आदमी की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं रहती कि वह ठीक या गलत में अंतर कर सके. इसी मानसिक स्थिति के दौरान वह बलात्कार जैसी घटनाओं को अंजाम देता है. इसके बाद खुद को बचाने व सबूत समाप्त करने के उद्देश्य से हैदराबाद व उन्नाव जैसी वीभत्स घटनाएं सामने आती हैं. अगर आरोपित यह मानते हैं कि वे बलात्कार के बाद पीड़ित को जलाकर बच सकते हैं तो उनकी गलतफहमी है.

परिवार से अलग रहना भी बड़ी समस्या

युवाओं में अशिक्षा, परिवार से अलग रहना व अकेले रहना भी बलात्कार की घटनाओं के बढ़ने का कारण है. इसके साथ ही जब आदमी की शारीरिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं, तो धैर्य खोने की स्थिति में वह ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है. इन घटनाओं को रोकने के लिएसबसे महत्वपूर्ण है कि पुलिस की मौजूदगी को बढ़ाया जाए.

सीसीटीवी से हो निगरानी

सीसीटीवी कैमरों के जरिये लगातार व अधिक से अधिक स्थानों पर मॉनीटरिंग की जाए. विशेष रूप से ऐसे स्थान, जहां रात में लोगों की आवाजाही कम हो जाती है, वहां अगर सीसीटीवी से निगरानी संभव नहीं है तो वहां पुलिसकी गश्त को बढ़ाया जाना चाहिए. पुलिस की मौजूदगी होने से इस प्रकार का कुकृत्य करने वालों के मन में एक भय रहता है. इसके अलावा, ऐसी घटनाएं होने के बाद पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय व दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. जितनी जल्दी व कड़ी सजा दोषियों को मिलेगी, उससे अपराधियों के मन में ऐसी घटनाएं न करने का भय पैदा होगा, जो बहुत महत्वपूर्ण है.

अपराधियों में कानून का भय होना जरूरी

कानून का भय होने से अन्य अपराधों की तरह बलात्कार जैसे गंभीर क्राइम को भी बहुत ज्यादा हद तक रोका जा सकता है. अश्लील साहित्य को लेकर अब तक ऐसा कोई सर्वे या अध्ययन सामने नहीं आया है कि ऐसा देखने या पढ़ने वालों ने बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दिया हो. यह एक वजह तो हो सकती है, लेकिन यहां सवाल फिर से मानसिक स्थिति व धैर्य का ही खड़ा होता है. संयमित, संस्कारित व मानसिक रूप से स्वस्थ आदमी कभी भी बलात्कार जैसी घटना को अंजाम नहीं दे सकता.

हैदराबाद एनकाउंटर का लोगों को समर्थन

दुष्कर्म व मर्डर के विरूद्ध देशव्यापी आक्रोश का नतीजा है कि हैदराबाद में आरोपितों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का लोगों ने खुलकर समर्थन किया. वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं समेत कुछ राजनेताओं ने आरोपितों को इस तरह सजा देने पर सवाल उठाते हुए जाँच की मांग भी उठाई. यही नहीं, इस मामले पर एक ही पार्टी के अलगअलग नेताओं की रिएक्शन भी भिन्न-भिन्न देखने को मिली. यहां तक कि इस मामले परमहिला सांसदों की राय भी बंटी दिखी.

जहां एक ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी की सुलतानपुर सीट से लोकसभा सांसद मेनका गांधी ने हैदराबाद पुलिस द्वारा चारों आरोपितों के एनकाउंटर को नाराजगी जताई है. वहीं, इस पर समाजवादी पार्टी से राज्यसभा मेम्बर जया बच्चन ने कहा- 'देर आए दुरुस्त आए'