प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीका आधिकारिक ट्विटर अकाउंट हुआ हैक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीका आधिकारिक ट्विटर अकाउंट हुआ हैक


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट हैक (Twitter Account Hacked) हो गया है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office) ने दी है। पीएम मोदी का ट्विटर अकाउंट (PM Modi Twitter Account) थोड़ी देर के लिए हैक हुआ है। हालांकि, ट्विटर (Twitter) से बात करने के बाद उनका ट्विटर अकाउंट अब सुरक्षित कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्वीट किया कि पीएम नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल से छेड़छाड़ हुई है। ये मामला ट्विटर के पास ले जाया गया जिसके बाद अकाउंट सुरक्षित हो गया। अकाउंट हैक होने के दौरान जो भी छेड़छाड़ की गई या शेयर किया गया उसे अनदेखा किया जाना चाहिए।ट्विटर पर पीएम मोदी के 7 करोड़ 34 लाख फॉलोअर्स (Followers) हैं। हैक होने के बाद पीएम मोदी का अकाउंट बहाल कर दिया गया है और इस दौरान किए गए गलत सूचना वाले ट्वीट्स को हटा दिया गया है। पिछले साल सितंबर में भी पीएम मोदी की पर्सनल वेबसाइट और मोबाइल ऐप हैक हो गई थी।आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे ज्यादा पॉपुलर नेताओं में एक हैं। करोड़ों लोग पीएम मोदी को अपना आदर्श मानते हैं।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।