पीएम ऑफिस ने 10 भिन्न-भिन्न उच्चस्तरीय समितियों का किया गठन

पीएम ऑफिस ने 10 भिन्न-भिन्न उच्चस्तरीय समितियों का किया गठन

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने 11 सशक्त समूहों का निर्माण किया है ताकि COVID19 पर व्यापक व एकीकृत रिएक्शन (comprehensive & integrated response) दी जा सके। 

इन 11 सशक्त समितियों में से 9 के अध्यक्ष सचिव स्तर के ऑफिसर होंगे। जबकि 1 की अध्यक्षता नीति आयोग (Niti Ayog) के मेम्बर व 1 अन्य की अध्यक्षता खुद नीति आयोग के CEO करेंगे।

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच पीएम ऑफिस (PMO) ने रविवार को 10 भिन्न-भिन्न उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया है। ये समितियां स्वास्थ्य सेवाओं (Health Services) में सुधार, अर्थव्यवस्था (Economy) को पटरी पर लौटाने व 21 दिन का लॉकडाउन खत्म होने के बाद लोगों की परेशानियों को जितना संभव हो सके जल्द से जल्द दूर करने के बारे में सुझाव देंगी।

पीएम के प्रधान सचिव के निर्देशन में कार्य करेंगी ये समितियां
देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को नियंत्रित करने के कोशिश स्वरूप 24-25 मार्च की मध्यरात्रि से 21 दिन का लॉकडाउन (निकलने बढ़ने पर देशव्यापी पाबंदी) लागू किया गया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य गतिविधियों पर रोक लगा दी गई हैं। लोगों को घरों में रहने को बोला गया है।



पीएमओ (PMO) द्वारा गठित समितियां विभिन्न पहलुओं को देखेंगी। ये समितियां पीएम के प्रधान सचिव पी। के। मिश्रा के निर्देशन में कार्य करेंगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

कम से कम समय में सामान्य स्थिति बहाल करने पर भी कार्य करेंगी समितियां
सरकार के इस कदम को देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को देखते हुये विभिन्न मोर्चो पर उभरी चुनौतियों से उत्पन्न आपात स्थिति से निपटने की दिशा में सक्रियता के साथ की जा रही पहलों के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों ने बोला कि ये समूह स्वास्थ्य देखभाल सहित अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम संभावित समय में सामान्य स्थिति (normal conditions) बहाल करने की रणनीति पर भी कार्य करेंगी।

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के बारे में भी सुझाव दे सकती हैं समितियां
आर्थिक मामलों के सचिव अतानु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में ‘‘अर्थव्यवस्था व कल्याण कार्य’’ समिति गठित की गई है। यह समिति संगठित व असंगठित क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की चिंताओं को दूर करेगी। कोरोना वायरस फैलने व उसके बाद लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से इस क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

सूत्रों ने बोला कि अर्थव्यवस्था (Economy) में गतिविधियों को कम से कम समय में वापस पटरी पर लाने के बारे में भी समिति सुझाव दे सकती है। उन्होंने बताया कि गरीबों के लिये कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष तौर से जोर दिया जायेगा। लॉकडाउन की वजह से इस तबके पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा है।

गरीब-वंचित तबके पर रहेगा सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान
सूत्रों का बोलना है कि समाज के गरीब (poor) व वंचित तबके पर सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान है व आने वाले दिनों में उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने को सर्वोच्च अहमियत दी जायेगी।

दो अन्य काम समूह नीति आयोग (Niti Ayog) के मेम्बर वी के पॉल व पर्यावरण सचिव सी। के। मिश्रा के नेतत्व में बनाये गये हैं। ये समूह चिकित्सा आपातकाल, दवाओं की बिना अड़चन के आपूर्ति, चिकित्सा उपकरण व अस्पतालों की उपलब्धता के बारे में तैयारी पर कार्य करेंगी।

आपात स्थिति में पुलिस बल व सेना भी की जा सकेंगीं शामिल
ये समूह देशभर में सार्वजनिक उपक्रमों व अन्य सरकारी एजेंसियों की चिकित्सा सुविधाओं सहित तमाम अस्पतालों की जानकारी जुटायेंगी। इनमें आपात स्थिति में पुलिस बल (Police Force) व सेना को भी शामिल किया जा सकेगा।

सरकारी स्कूलों, विश्वविद्यालयों व रेलवे (railways) सहित कई सरकारी एजेंसियां पहले ही पृथक वार्ड उपलब्ध कराने के लिये अपनी प्रतिबद्धतायें जाहीर कर चुकी हैं।

वी के पॉल व सी के मिश्रा के तहत गठित समिति से स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण मंत्रालय का बोझ कम होने की उम्मीद की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) पहले ही कोविड- 19 संकट से निपटने के कार्य में लगा है।

प्रत्येक समूह में होंगे 6 सदस्य
इसके अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स एक अन्य अहम क्षेत्र होने कि सम्भावना है जिसकी देखरेख एक अन्य कार्यसमूह के जिम्मे होगी। सामान, दवा (Medicines), चिकित्सा उपकरणों, डॉक्टरों व अन्य सेवाओं के आवागमन व देखरेख की जिम्मेदारी इस समूह पर होगी।

प्रत्येक समूह में छह मेम्बर होंगे, जिसमें एक ऑफिसर पीएमओ (PMO) से व कैबिनेट सचिवालय से होगा। ताकि किसी भी सुझाव जिसे स्वीकार किया गया है उसपर बेहतर समन्वय व बिना किसी देरी के अमल किया जा सकेगा।

अलग मंत्रालयों व विभागों के अधिकारियों ने सुझावों पर प्रारम्भ किया काम
सूत्रों के मुताबिक कुल मिलाकर विभिन्न विभागों व मंत्रालयों (Departments and Ministries) के 20 सचिवों के साथ 40 अन्य अधिकारियों ने विभिन्न मुद्दों व सुझावों पर कार्य प्रारम्भ कर दिया है।

प्रत्येक समूह को उनके आवंटित खास क्षेत्र पर छह हफ्ते का समय दिया गया है। इस अवधि में उन्हें तरीकों के साथ आगे आना है।