पर्यटन व्यवसायियों को वार्षिक जल मूल्य वृद्धि में राहत

पर्यटन व्यवसायियों को वार्षिक जल मूल्य वृद्धि में राहत

कोरोना संकट काल में लॉकडाउन से परेशानहाल प्रदेश के पर्यटन उद्योग, इससे जुड़े कारोबारियों व कर्मचारियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है. मंत्रिमंडल ने तय किया

कि पर्यटन महकमे व अन्य विभागों में पर्यटन व्यवसाय में दर्ज़ एक लाख से ज्यादा इकाइयों में कार्यरत 2.15 लाख व ऑटो, ई-रिक्शा में दर्ज़ 27 हजार कर्मचारियों समेत कुल 2.43 लाख कार्मिकों को एकमुश्त एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल होम स्टे योजना के तहत लिए गए ऋण पर अप्रैल से जून माह तक ब्याज नहीं देना होगा. इस ब्याज का भुगतान सरकार करेगी.

पर्यटन व्यवसायियों को वार्षिक जल मूल्य वृद्धि में राहत देते हुए छह फीसद की छूट देने का फैसला लिया गया है. इसीतरह तकरीबन दो लाख परिवहन व्यवसायियों को वाहन के परमिट व मोटरयान कर में छूट देने पर मुहर लगाई गई. सरकार ने शराब कारोबारियों को भी तीन माह के अधिभार भुगतान से राहत दी गई है. त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की गुरुवार को सचिवालय में हुई मीटिंग में करीब 15 बिंदुओं पर चर्चा हुई.

इनमें 14 बिंदुओं पर फैसला लिया गया, जबकि शेष उद्योगों की मांग पर श्रम कानूनों में संशोधन के मुद्दे में विचार करने को श्रम मंत्री डॉ हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में दो सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई. उपसमिति के दूसरे मेम्बर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक हैं. सरकार के प्रवक्ता और काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने लॉकडाउन अवधि में पर्यटन, परिवहन व शराब के कारोबार को नुकसान हुआ है.

मंत्रिमंडल ने इन सभी कारोबारियों को राहत दी है. उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग व अन्य विभागों में पर्यटन से संबंधित 82579 दर्ज़ इकाइयों में 215116 कार्मिक कार्यरत हैं. पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत परिवहन व्यवसाय से जुड़े ऑटो और ई-रिक्शा के दर्ज़ 27239 कार्मिक हैं. इन सभी को एक हजार रुपये प्रति कार्मिक एकमुश्त सहायता डीबीटी से दी जाएगी. इससे सरकार पर 25 करोड़ का व्ययभार पड़ेगा. पर्यटन विभाग की ओर से राफ्टिंग गाइड आदि को करीब 35 लाख की एकमुश्त सहायता दी जाएगी. इस श्रेणी के लिए धनराशि एक हजार से कम नहीं होगी.