राजस्थान में होगी इन पदों पर भर्ती

राजस्थान में होगी इन पदों पर भर्ती

 यदि आप जॉब की तलाश में हैं तो ये समाचार आपके लिए है, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट के पदों पर भर्ती की जाएगी जिसके लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे इन पदों के लिए 20 मई 2022 से औनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी जबकि इन पदों के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 19 जून तय की गई है

ये है रिक्ति विवरण
इस भर्ती के द्वारा राज्य में ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट के 24 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी जिसमें जनरल केटेगरी के 12 पद, पिछड़ा वर्ग के 4 पद, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 2 पद, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 3 पद, एमबीसी वर्ग के लिए 2 पद और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 2 पद निर्धारित किए गए हैं

शैक्षिक योग्यता
इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त बोर्ड से साइंस संबंध में कक्षा 12वीं पास होना चाहिए साथ ही उसके पास संबंधित संबंध में डिप्लोमा भी होना आवश्यक है

आयु सीमा
अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार की कम से कम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 40 साल होनी चाहिए जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में छूट प्रदान की जाएगी

ऐसे होगा चयन
इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर होगा

इतना देना होगा शुल्क
इस भर्ती अभियान के लिए सामान्य वर्ग और राजस्थान के क्रीमी लेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग / अति पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 350 रुपये का आवेदन शुल्क जमा करना होगा


जून का महीना भी आपकी जेब पर पड़ने वाला है भारी

जून का महीना भी आपकी जेब पर पड़ने वाला है भारी
  • RBI मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत रेट रेपो में 0.50 फीसदी की वृद्धि कर सकता है
  • केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति अनुमान को संशोधित कर 6.2 से 6.5 फीसदी कर सकता है
  • आरबीआई 2022-23 के लिये जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि अनुमान को घटाकर सात फीसदी कर सकता है

सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद महंगाई है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है. इस ​हालत में आपकी ​जेब पर रिजर्व बैंक की एक और सर्जिकल हड़ताल तय मानी जा रही है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई (आरबीआई) संतोषजनक दायरे से बाहर पहुंच चुकी मुद्रास्फीति को देखते हुए जून महीने में मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत रेट रेपो में 0.50 फीसदी की वृद्धि कर सकता है. 

सीमा से अधिक महंगाई 

ब्रिटेन की ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज के अर्थशास्त्रियों का बोलना है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति अनुमान को संशोधित कर 6.2 से 6.5 फीसदी कर सकता है. यह रिजर्व बैंक के लिये निर्धारित मुद्रास्फीति की ऊपरी सीमा से अधिक है. रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को दो से छह फीसदी के बीच रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है. 

घट सकता है ग्रोथ का अनुमान

आर्थिक वृद्धि के बारे में अर्थशास्त्रियों ने बोला कि भारतीय रिजर्व बैंक 2022-23 के लिये जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि अनुमान को घटाकर सात फीसदी कर सकता है जबकि पूर्व में इसके 7.2 फीसदी रहने की आसार जतायी गयी थी. बार्कलेज के मुख्य अर्थशास्त्री राहुल बाजोरिया ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक जून में नीतिगत रेट में एक और बड़ी वृद्धि कर सकता है. इसका कारण मुद्रास्फीति के तय लक्ष्य से अधिक होने से आर्थिक स्थिरता के समक्ष जोखिम है. रेपो रेट में 0.50 फीसदी की वृद्धि की जा सकती है.’’ 

मई में बढ़ चुकी है रेपो रेट 

केंद्रीय बैंक ने चार मई को अचानक से नीतिगत रेट में 0.40 फीसदी की वृद्धि की थी. भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास पहले ही कह चुके हैं कि जून में मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत रेट में एक और वृद्धि में अधिक सोचने वाली कोई बात नहीं है. बाजोरिया ने बोला कि भारतीय रिजर्व बैंक के लिये मुख्य चुनौती मुद्रास्फीति के ऊपर जाने के साथ वृद्धि में कमी को लेकर जोखिम के बीच संतुलन बनाने की है.