कलेक्टर ने अधूरी सड़क का कर दिया निरीक्षण,ये वीडियो हुआ वायरल

कलेक्टर ने अधूरी सड़क का  कर दिया निरीक्षण,ये वीडियो हुआ वायरल

विस्तार बेरछा से रंथभंवर सीसी सड़क की बदहाली को लेकर लगातार परेशान हो रहे रहवासियों ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा करने आए कलेक्टर दिनेश जैन को घेर लिया। कलेक्टर ने अधूरी सड़क का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समस्या हल करने के निर्देश दिए। 


जानकारी के अनुसार, बुधवार को कलेक्टर दिनेश जैन क्षेत्र के दौरे पर थे। रहवासी मुख्य मार्ग रोककर बैठे हुए थे। जब कलेक्टर ने गाड़ी में बैठकर कुछ लोगों से समस्या की चर्चा करने की बात कही। तब भीड़ के रूप में खड़े रहवासियों ने कलेक्टर के वाहन का घेराव किया। जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बदहाल रंथभंवर सीसी सड़क के अधूरे पड़े निर्माण का निरीक्षण किया और जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए।

ज्ञात रहे कि बेरछा-रंथभंवर सीसी सड़क का निर्माण गत कई माह से बंद है। निर्माण एजेंसी द्वारा इस निर्माण में लगातार लेतलाली बरती जा रही है। कुछ दिनों पहले स्थानीय महिलाओं ने भी सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया था तथा प्रशासन को अवगत कराया था। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के एसडीओ ने रहवासियों को आश्वासन देकर 15 जनवरी तक निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की बात कही थी।
 


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

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नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।