कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने की राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना, बोले...

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने की राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना, बोले...

कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री डां सीएन अश्वत्नारायण ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना की है। शनिवार को कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में एक सरकारी इंजीनियरिंग कालेज के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 से छात्रों को काफी फायदा होगा।

उन्होंने कहा, 'यह सरकारी इंजीनियरिंग कालेज आटोमोबाइल इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की दो सबसे प्रासंगिक शाखाओं में पाठ्यक्रम पेश करेगा, जिसमें प्रत्येक में 60 छात्र होंगे। 62.80 करोड़ की लागत से बने कालेज में 15 एकड़ का परिसर है, जिसमें अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा चालू शैक्षणिक वर्ष से ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कृषि सहित सभी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते महत्व और राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इन शाखाओं की शुरुआत की है।


कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कहा था कि राज्य एनईपी-2020 के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके लिए राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों पर निर्णय लेने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इस महीने की शुरुआत में कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री अश्वत्नारायण ने नीति की सराहना की थी और कहा था कि यह छात्र की स्वतंत्रता को विषय स्तर तक ले जाएगा है।


29 जुलाई, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को मंजूरी दी थी, जिसमें 2035 तक 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) के लक्ष्य सहित उच्च शिक्षा में बड़े सुधार शामिल हैं। एनईपी 2020 में कक्षा 6 के बाद से व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना, रिपोर्ट कार्ड के स्थान पर प्रगति कार्ड, 5+3+3+4 संरचना, आसान प्रवेश/निकास विकल्पों के साथ बहु-विषयक शिक्षा और अकादमिक बैंक आफ क्रेडिट शामिल हैं।    


आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के शोधकर्ता वाहनों के लिए अपनी तरह के पहले 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम' को विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो सड़क के बुनियादी ढांचे और भौगोलिक स्थिति के आधार पर चालक को वाहन की तेज गति से हो सकने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिहाज से सतर्क करेगा।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 70 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं वाहन की तेज गति के कारण होती हैं। ऐसी दुर्घटनाओं को कम से कम करने के लिए सरकार ने एक जुलाई, 2019 के बाद बिकने वाली सभी नई कारों में गति नियंत्रण उपकरण लगाना अनिवार्य कर दिया है। वाहन की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होने पर यह उपकरण चेतावनी स्वरूप बीच-बीच में बीप की आवाज करेगा और 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार होने पर बीप की आवाज लगातार होगी।


हालांकि आइआइटी गुवाहाटी और आइआइटी बंबई के शोधकर्ताओं का मानना है कि गति नियंत्रण उपकरण में उतनी बुद्धिमता नहीं है कि यह पहाड़ी क्षेत्रों, मैदानी इलाकों या रेगिस्तानी स्थानों समेत हर जगह प्रभावी रूप से काम कर सके।आइआइटी गुवाहाटी में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर अखिलेश कुमार मौर्य ने कहा, 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत है जो सड़क के ढांचे के मुताबिक गति के बारे में बता सके और तेज गति से हो सकने वाले हादसों को रोका जा सके।'