केरल में निपाह का खतरा बरकरार, इलाज करा रहे मरीज में दिखे लक्षण

केरल में निपाह का खतरा बरकरार, इलाज करा रहे मरीज में दिखे लक्षण

केरल में निपाह वायरस का खतरा अभी बरकरार है। कोझीकोड जिले में निपाह वायरस से 12 वर्षीय एक बच्चे की मौत के एक हफ्ते से भी अधिक समय बाद मंगलुरु में एक अस्पताल में इलाज करा रहे व्यक्ति के संक्रमित होने का संदेह है। ऐसे में उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

संदिग्ध मामले को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज

अधाकिरियों ने बताया कि यह केवल एक संदिग्ध मामला है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही बताया कि संदिग्ध व्यक्ति कारवार का मूल निवासी है और गोवा में आरटी-पीसीआर परीक्षण किट निर्माण इकाई में काम करता है। उनके नमूने पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी को जांच के लिए भेजे गए हैं और परिणाम का इंतजार किया जा रहा है।

परिवार के सदस्यों को आइसोलेशन में रखा गया

वहीं इस व्यक्ति के परिवार के सदस्यों को आइसोलेशन में रखा गया है। इसके साथ ही अधिकारी ने बताया कि नमूने को जांच के लिए भेजे जाने तक मरीज में गंभीर लक्षण नहीं दिखे थे। उडुपी और कारवार के जिला प्रशासन भी इस मामले में सतर्क हैं।


केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जार्ज ने कुछ दिन पहले बताया था कि निपाह वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए 17 और सैंपल की जांच की गई। इनके नतीजे नेगेटिव आए हैं। मंत्री के मुताबिक, 'इन 17 सैंपल में से पांच को पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी में भेजा गया वहीं 12 सैंपल की टेस्टिंग कोझीकोड के गर्वंमेंट मेडिकल कालेज हास्पिटल में विशेष तौर से बनाए गए लैब में की गई। इसके साथ ही 140 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।'

कोझीकोड में निपाह वायरस का पहला मामला आते ही निपाह वायरस के लिए तेजी से टेस्टिंग की गई। 12 साल के बच्चे की मौत के बाद अब तक बच्चे के संपर्क में रहने वाले करीबी लोग जैसे उसके माता-पिता और स्वास्थ्यकर्मी के सैंपल की जांच की गई और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। निपाह वायरस के संक्रमण के कारण हुई बच्चे की मौत के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर उसके घर के आस-पास तीन किलोमीटर के दायरे में सैंपल एकत्रित कर जांच की गई है।


मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात लेखक और पत्रकार मनोरमा महापात्रा के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही कहा कि उन्होंने मीडिया में कई योगदान दिए हैं। उन्होंने कई मुद्दों को कवर किया। उन्हें उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा,' प्रसिद्ध साहित्यकार मनोरमा महापात्र जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें कई मुद्दों पर उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने मीडिया में भी समृद्ध योगदान दिया और व्यापक सामुदायिक सेवा की। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति ।

ओडिया दैनिक 'द समाज' के पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा का कलकत्ता में एससीबी मेडिकल कालेज और अस्पताल में निधन हो गया था। महापात्रा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनका इलाज चल रहा था। वह 87 वर्ष की थीं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।


पटनायक ने कहा, 'मैं प्रमुख लेखिका और डेली न्यूजपेपर समाज की पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा के निधन के बारे में जानकर दुखी हूं। पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनका योगदान अतुलनीय है।" बता दें कि मनोरमा 1934 में जन्मी थी। वह 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था।

उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों आनलाइन नीलामी चल रही है। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने रविवार को नागरिकों को उनके द्वारा प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।


पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'समय के साथ, मुझे कई उपहार और स्मृति चिन्ह मिले हैं जिनकी नीलामी की जा रही है। इसमें हमारे ओलंपिक नायकों द्वारा दिए गए विशेष स्मृति चिन्ह शामिल हैं। नीलामी में भाग लें। इससे मिलने वाला पैसा नमामि गंगे पहल में जाएगा। पीएम मोदी ने ई-नीलामी के लिए निर्धारित पोर्टल का लिंक भी साझा किया।