देश के प्रमुख दलित नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु को लेकर की यह बड़ी घोषणा

देश के प्रमुख दलित नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु को लेकर की यह बड़ी घोषणा

देश के प्रमुख दलित नेताओं में से एक केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का गुरुवार को मृत्यु हो गया. वह 74 साल के थे. उनके सम्मान में शुक्रवार को राजकीय शोक की घोषणा की गई है व इस दौरान तिरंगा आधा झुका रहेगा. 

उनके बेटे व लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पिता के मृत्यु की सूचना साझा करते हुए ट्वीट किया, ''पापा। अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं. मिस यू पापा.

लोजपा के निर्माणकर्ता व कंज़्यूमर मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पासवान कई हफ्ते से यहां के एक अस्पताल में भर्ती थे. हाल ही में उनके दिल की सर्जरी हुई थी. फार्टिस एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा जारी बयान के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पासवान के स्वास्थ्य में गिरावट आई व बृहस्पतिवार को शाम छह बजकर पांच मिनट (06:05 शाम) पर उन्होंने अंतिम सांस ली.

समाजवादी आंदोलन के स्तंभों में से एक पासवान बाद के दिनों में बिहार के प्रमुख दलित नेता के रूप में उभरे व जल्दी ही राष्ट्रीय पॉलिटिक्स में अपनी विशेष स्थान बना ली. 1990 के दशक में अन्य पिछड़ा वर्ग के रिज़र्वेशन से जुड़े मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने में पासवान की किरदार जरूरी रही.

पासवान के मृत्यु पर शोक जाहीर करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा है, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के मृत्यु से देश ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया है. उनकी गणना सर्वाधिक सक्रिय तथा सबसे लंबे समय तक जनसेवा करने वाले सांसदों में की जाती है. वे वंचित वर्गों की आवाज़ मुखर करने वाले तथा हाशिए के लोगों के लिए सतत संघर्षरत रहने वाले जनसेवक थे.

उन्होंने लिखा है, आपातकाल विरोधी आंदोलन के दौरान जयप्रकाश नारायण जैसे दिग्गजों से लोकसेवा की सीख लेनेवाले पासवान जी फायरब्रांड समाजवादी के रूप मे उभरे. उनका जनता के साथ गहरा जुड़ाव था व वे जनहित के लिए सदा तत्पर रहे. उनके परिवार व समर्थकों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदना.

पासवान के मृत्यु पर शोक जताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''दुख बयान करने के लिए शब्द नहीं हैं; हमारे देश में ऐसा शून्य पैदा हुआ है जो शायद कभी नहीं भरेगा. उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा, ''श्री रामविलास पासवान जी का मृत्यु व्यक्तिगत क्षति है. मैंने एक ऐसा मित्र व सहकर्मी खोया है जो सारे जुनून के साथ हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहता था कि प्रत्येक गरीब आदमी सम्मानपूर्वक ज़िंदगी व्यतीत करे.

प्रधानमंत्री ने कहा, पासवान ''कड़ी मेहनत व दृढ़ संकल्प के बल पर पॉलिटिक्स में ऊपर आए. युवा नेता के रूप में आपातकाल के दौरान उन्होंने निरंकुशता व हमारे लोकतंत्र पर प्रहार का विरोध किया था. वह उत्कृष्ट सांसद व मंत्री थे, जिन्होंने विभिन्न नीतिगत क्षेत्रों में चिरस्थायी सहयोग दिया है. मोदी ने ट्वीट किया, ''पासवान जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करना अभूतपूर्व अनुभव था. मंत्रिमंडल की बैठकों के दौरान उनके हस्तक्षेप हमेशा गहन सोच वाले व व्यावहारिक हुआ करते थे. सियासी बुद्धिमत्ता से लेकर सुशासन तक, वह हर बात में विलक्षण थे. उनके परिवार व समर्थकों के प्रति संवेदनाएं. ओम शांति. केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सहयोगियों, मुख्यमंत्रियों व राज्यपालों सहित तमाम नेताओं ने पासवान के मृत्यु पर शोक जताया.
     
खगड़िया में 1946 में जन्मे पासवान का चयन पुलिस सेवा में हो गया था लेकिन उन्होंने अपने मन की सुनी व पॉलिटिक्स में चले आए. पहली बार 1969 में वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए. वह आठ बार लोकसभा के मेम्बर चुने गए व कई बार हाजीपुर संसदीय सीट से सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया. समाज के वंचित तबके से जुड़े लोगों के मामले उठाने में सबसे आगे रहने वाले पासवान जीमीनी स्तर के मंझे हुए नेता थे जिनके संबंध सभी सियासी दलों व गठबंधनों के साथ हमेशा मधुर बने रहे. अपने प्रदेश के प्रति उनके समर्थन के कारण पांच दशक लंबे सियासी करियर में वह हमेशा केंद्र की सभी सरकारों में शामिल रहे.

वह 1989 से अपने अंतिम समय तक जनता दल से लेकर, कांग्रेस पार्टी व बीजेपी नीत राजग जैसी भिन्न व उल्टा विचाराधाओं वाली सरकारों का भाग रहे हैं. पासवान का गठबंधन योगदान चाहे कोई भी रहा हो, उन्होंने हमेशा गर्व के साथ खुद को समाजवादी व धर्मनिरपेक्ष बताया. वह वी। पी। सिंह, एच। डी। देवे गौड़ा, इन्द्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह व वर्तमान में नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हैं. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार देर रात घोषणा की कि केन्द्रीय मंत्री पासवान के मृत्यु पर उनके सम्मान में शुक्रवार को दिल्ली, सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में तिरंगा आधा झुका रहेगा.

केन्द्रीय मंत्री का अंतिम संस्कार सारे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, ''दिल्ली व राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में, जहां हमेशा तिरंगा लहराता है, वहां नौ अक्टूबर को व उनके अंतिम संस्कार वाले दिन, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी राष्ट्रीय झण्डा (तिरंगा) आधा झुका रहेगा. केन्द्रीय मंत्री पासवान का मृत्यु उनके गृह प्रदेश बिहार में 28 अक्टूबर से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हुआ है.