क्या इस 'पवित्र पर्वत' से होकर झारखंड में गुजरेगी वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन, रूट में आएंगे इतने जिले

क्या इस 'पवित्र पर्वत' से होकर झारखंड में गुजरेगी वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन, रूट में आएंगे इतने  जिले

Varanasi-Howrah Bullet Train Route: गिरिडीह जिले के पारसनाथ पहाड़ पर जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों (सर्वोच्च जैन गुरुओं) ने मोक्ष की प्राप्ति की. यहीं 23 वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी निर्वाण

प्राप्त किया था. माना जाता है कि 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने यहां पर मोक्ष प्राप्त किया था. यानी यह श्वेताम्बर व दिगम्बर, दोनों जैन धर्मावलंबियों के लिए पुण्य भूमि है. इसके साथ ही 1,350 मीटर (4,430 फीट) ऊंचा यह पहाड़ झारखंड का सबसे ऊंचा स्थान भी है. यहां की प्राकृतिक छटा भी देखने योग्य है. ऐसे में यहां तीर्थ यात्रियों के साथ ही पर्यटकों का भी बहुतायत में आना-जाना है. यही कारण है कि बुलेट ट्रेन को गिरिडीह जिले से गुजारने की योजना पर भी विचार हो रहा है.


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

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नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।