अपने पास कोई संपत्ति नहीं रखना चाहते हैं Elon Musk, बेच डाला अपना आखिरी घर

अपने पास कोई संपत्ति नहीं रखना चाहते हैं Elon Musk, बेच डाला अपना आखिरी घर

एक बार फिर एलन मस्क अपने वादों पर खरे उतरते दिख रहे हैं। एलन मस्क का ओन नो हाउस वादे को लेकर पिछले साल एक ट्वीट पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने अपनी लगभग सभी भौतिक संपत्ति को हटाने के लिए सारी संपत्ति बेच देंगे। इसी को देखते हुए स्पेसएक्स के सीईओ ने साल के अंत तक 62 मिलियन डॉलर में अपने चार आवासों को बेच दिया था। बता दें कि, एलन इस समय अपनी आखिरी संपत्ति को भी बेचने जा रहे हैं। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को इलाके में स्थित एलन मस्क का घर पहले 32 मिलियन डॉलर में सूचीबद्ध किया गया था।

मस्क ने शुरू में पिछले साल 16 हजार वर्ग फुट के घर को 35 मिलियन डॉलर में सूचीबद्ध किया था। रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2017 में उन्होंने इसके लिए 23.3 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था। इस ऐतिहासिक घर को मूल रूप से 1912 में आर्किटेक्चर फर्म ब्लिस एंड फेविल ने डिजाइन किया था। न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक, एलन की यह संपत्ति कंटिन्जेंट ऑफर के लिए लंबित कर दी गई है यानि कि मस्क ने मकान खरीदार के प्रारंभिक प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है।

रद्द हो सकती है डील

बताया जा रहा है कि एलन मस्क की यह डील रद्द भी हो सकती है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि अब एलन मस्क कहां रह रहे हैं? जून में ट्वीट करते हुए एलन ने बताया था कि, वह इस समय स्पेसएक्स के परिसर के पास बोका चीका में रह रहे हैं। इसके लिए उन्होंने लगभग 50 हजार डॉलर किराया भी दिया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉमेडियन जो रोगन से हुई बातचीत में एलन ने कई बातें बताई है।  'द जो रोगन एक्सपीरियंस पॉडकास्ट' में मस्क ने कहा, संपत्ति ऐसी चीज होती है जिससे आपका सोसायटी में सिर नीचे होता है। आपको पता है, यह चीजें आप पर हमले का रूप ले सकती है? लोग कहते हैं कि, अरबपति को सभी चीजें मिलती हैं लेकिन अब मेरे पास कुछ भी नहीं है, अब आप क्या कहना चाहेंगे? 


पाकिस्तान में हर साल हजार से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों का होता है अपहरण, इस्लाम कबूल करा निकाह को किया जाता है मजबूर: रिपोर्ट

पाकिस्तान में हर साल हजार से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों का होता है अपहरण, इस्लाम कबूल करा निकाह को किया जाता है मजबूर: रिपोर्ट

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर किस तरह के जुल्म किए जाते हैं यह दुनिया से छिपा नहीं है। अब एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां हर साल एक हजार से अधिक हिंदू, ईसाई लड़कियों का अपहरण किया जाता है और जबरन इस्लाम कबूल करा निकाह करा दी जाती है। ब्रिटेन की ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) की ओर से की गई जांच का हवाला देते हुए 'इस्लाम खबर' ने रिपोर्ट में कहा है कि यह आंकड़ा सघन जांच पर आधारित है, लेकिन सटीक नहीं, क्योंकि सही संख्या का कभी पता नहीं लगाया जा सकता है।

सितंबर 2021 में प्रकाशित रिपोर्ट 12-25 साल की ईसाई और हिंदू लड़कियों पर केंद्रित है। पाकिस्तान की 22 करोड़ आबादी में हिंदुओं की 1.59 फीसदी और ईसाइयों की 1.60 फीसदी हिस्सेदारी है। बौद्धों, सिखों और कलशों का भी उनके प्रतिनिधि निकायों, क्षेत्र सर्वेक्षणों और जांच निकाय के सामने पेश होने वाले व्यक्तियों द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है। इस्लाम खबर के मुताबिक, एएपीपीजी रिपोर्ट में पाकिस्तान सरकार की एजेंसी नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NARDA) से अपील की गई है कि नाबालिगों की उम्र निर्धारित करने के लिए पुलिस और अदालत द्वारा उपयोग किए जाने वाले डेटा का संग्रह किया जाए। 

रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि अपहरण, जबरन धर्मांतरण और निकाह के मामले अधिकतर गरीब और अशिक्षित परिवारों के साथ हुई हैं, जो सामाजिक रूप से काफी पिछड़े हैं। इनमें से अधिकतर घरेलू कामों या छोटे-मोटे कामों से जुड़े थे। ये शोषण, हिंसा, दबाव और झूठे वादों को आसन शिकार होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार हाल के वर्षों में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध के ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

1947 में पाकिस्तान के जन्म के बाद से जबरन धर्मांतरण के केस बढ़े हैं। पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा भी बढ़ती जा रही है क्योंकि एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पंजाब प्रांत में 2021 की पहली छमाही में लगभग 6,754 महिलाओं का अपहरण किया गया था। इनमें से 1,890 महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया, 3,721 को प्रताड़ित किया गया जबकि 752 बच्चों के साथ बलात्कार किया गया।