स्वीडन की पहली महिला पीएम ने नियुक्ति के कुछ घंटे बाद ही दिया इस्तीफा

स्वीडन की पहली महिला पीएम ने नियुक्ति के कुछ घंटे बाद ही दिया इस्तीफा

स्टॉकहोम: स्वीडन की सोशल डेमोक्रेट नेता को संसद द्वारा स्वीडन की पहली महिला पीएम के रूप में चुना गया था, लेकिन उन्हें चयन के तुरंत बाद इस्तीफा देना पड़ा. दरअसल ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.

रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पीएम चुने जाने के कुछ ही घंटों बाद, संसद (रिक्सडैग) ने विपक्ष के बजट प्रस्ताव को पारित कर दिया, जिससे एंडरसन के गठबंधन सहयोगी ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया. इसके बाद एंडरसन को अपने इस्तीफे की घोषणा करने के लिए विवश होना पड़ा. पीएम चुने जाने के लिए, उन्हें 349 सीटों वाले रिक्सडैग में उन्हें अधिकतर सांसदों की जरूरत थी.

एंडरसन को 117 का समर्थन प्राप्त था, लेकिन 174 उनके विरोधी थे, जिसमें 57 प्रतिनिधि अनुपस्थित थे. एक डिप्टी अनुपस्थित था. एंडरसन का चुनाव वामपंथी पार्टी के साथ 11 घंटे के समझौते के बाद हुआ था, जिसने सबसे गरीब 7,00,000 पेंशनभोगियों के लिए पेंशन में वृद्धि की मांग की. एंडरसन ने बोला कि वह विपक्ष के बजट के साथ देश का नेतृत्व कर सकती हैं, इसे केवल हल्की बदलावों की जरूरत है. हालांकि, ग्रीन पार्टी की राय अलग थी.


पाकिस्तान में हर साल हजार से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों का होता है अपहरण, इस्लाम कबूल करा निकाह को किया जाता है मजबूर: रिपोर्ट

पाकिस्तान में हर साल हजार से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों का होता है अपहरण, इस्लाम कबूल करा निकाह को किया जाता है मजबूर: रिपोर्ट

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर किस तरह के जुल्म किए जाते हैं यह दुनिया से छिपा नहीं है। अब एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां हर साल एक हजार से अधिक हिंदू, ईसाई लड़कियों का अपहरण किया जाता है और जबरन इस्लाम कबूल करा निकाह करा दी जाती है। ब्रिटेन की ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) की ओर से की गई जांच का हवाला देते हुए 'इस्लाम खबर' ने रिपोर्ट में कहा है कि यह आंकड़ा सघन जांच पर आधारित है, लेकिन सटीक नहीं, क्योंकि सही संख्या का कभी पता नहीं लगाया जा सकता है।

सितंबर 2021 में प्रकाशित रिपोर्ट 12-25 साल की ईसाई और हिंदू लड़कियों पर केंद्रित है। पाकिस्तान की 22 करोड़ आबादी में हिंदुओं की 1.59 फीसदी और ईसाइयों की 1.60 फीसदी हिस्सेदारी है। बौद्धों, सिखों और कलशों का भी उनके प्रतिनिधि निकायों, क्षेत्र सर्वेक्षणों और जांच निकाय के सामने पेश होने वाले व्यक्तियों द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है। इस्लाम खबर के मुताबिक, एएपीपीजी रिपोर्ट में पाकिस्तान सरकार की एजेंसी नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NARDA) से अपील की गई है कि नाबालिगों की उम्र निर्धारित करने के लिए पुलिस और अदालत द्वारा उपयोग किए जाने वाले डेटा का संग्रह किया जाए। 

रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि अपहरण, जबरन धर्मांतरण और निकाह के मामले अधिकतर गरीब और अशिक्षित परिवारों के साथ हुई हैं, जो सामाजिक रूप से काफी पिछड़े हैं। इनमें से अधिकतर घरेलू कामों या छोटे-मोटे कामों से जुड़े थे। ये शोषण, हिंसा, दबाव और झूठे वादों को आसन शिकार होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार हाल के वर्षों में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध के ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

1947 में पाकिस्तान के जन्म के बाद से जबरन धर्मांतरण के केस बढ़े हैं। पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा भी बढ़ती जा रही है क्योंकि एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पंजाब प्रांत में 2021 की पहली छमाही में लगभग 6,754 महिलाओं का अपहरण किया गया था। इनमें से 1,890 महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया, 3,721 को प्रताड़ित किया गया जबकि 752 बच्चों के साथ बलात्कार किया गया।