पाकिस्तान में नए सिरे से जनगणना और आवास होगी गणना, देश की कुल आबादी हुई इतनी

पाकिस्तान में नए सिरे से जनगणना और आवास  होगी गणना, देश की कुल आबादी हुई इतनी

 पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध बेहतरीन पद्धतियों से देश में नए सिर से जनगणना और आवास गणना कराने का फैसला किया है। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला वर्ष 2017 में हुई जनगणना के नतीजों में उत्पन्न विसंगति के मद्देनजर किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में समान हित

परिषद (सीसीआई) की 49वीं बैठक हुई जिसमें सातवीं जनगणना और आवास गणना कराने और 'जनगणना निगरानी समिति' का गठन करने का फैसला किया गया। बयान के मुताबिक जनगणना सलाहकार समिति की सिफारिश के आधार पर सीसीआई ने बेहतरीन अंतर्राष्ट्रीय पद्धतियों, डिजिटल तकनीक और जीआईएस निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल कर जनगणना कराने का फैसला किया। बैठक में बताया गया कि जनगणना से पहले आवासों की गणना की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1998 के बाद देश में वर्ष 2017 में जनगणना कराई गई थी, लेकिन इसके नतीजों को लेकर उत्पन्न विवाद की वजह से उसे कभी आधिकारिक रूप से साझा नहीं किया गया। कई समूह देश में नए सिरे से जनगणना कराने की मांग कर रहे थे। वर्ष 2017 की जनगणना के मुताबिक देश की कुल आबादी 20.78 करोड़ थी जबकि वार्षिक वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत बताई गई थी।


टोंगा में भूकंप के बाद सुनामी से तबाही, इतने लोगो की हुई मौत

टोंगा में भूकंप के बाद सुनामी से तबाही, इतने लोगो की हुई मौत

वेलिंगटनप्रशांत महासागर के देश टोंगा में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद आई सुनामी ने जमकर तबाही मचाई है। सुनामी की लहरें इतनी ताकतवर थीं कि उसने पूरे देश के कम्युनिकेशन सिस्टम को तहस-नहस कर दिया। टेलिफोन लाइन और इंटरनेट कनेक्शन अब भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे टोंगा का पूरी दुनिया से संपर्क कट गया है। विदेशों में रहने वाले टोंगा के लोग अपने रिश्तेदारों की सलामती को

लेकर काफी परेशान हैं। अभी तक हताहतों की संख्या का पता नहीं चल सका है।शनिवार को टोंगा के पास समुद्र के अंदर एक ज्वालामुखी फट गया था। इससे 1.2 मीटर ऊंची सुनामी की लहरों की चेतावनी दी गई थी। टोंगा के साथ-साथ दक्षिण प्रशांत के कई द्वीपों के लिए भी चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे कुछ फुटेज में टोंगा के तटीय इलाकों में भारी तबाही दिखाई दे रही है। समुद्र के किनारे बने घर टूटे हुए नजर आ रहे हैं।

शनिवार शाम से कई संपर्क नहींशनिवार को शाम करीब 6.40 बजे इंटरनेट और फोन लाइन ठप हो गई। जिसके बाद टोंगा के द्वीपों पर रहने वाले 105,000 निवासियों से बाकी दुनिया को कोई संपर्क नहीं है। टोंगा में अभी तक घायलों या मौतों की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है। सिर्फ राजधानी नुकुआलोफा से ही संपर्क हो पा रहा है। ज्वालामुखी विस्फोट से सटे इलाकों और शेष देश से नुकसान से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

न्यूजीलैंड की पीएम ने जताया दुखन्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने टोंगा के निवासियों के लिए दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नुकुआलोफा (Nukualofa) ज्वालामुखी धूल के घने ढेर में ढका हुआ है। इसके अलावा सभी स्थितियां शांत और स्थिर हैं। टोंगा न्यूजीलैंड के 2,383 किलोमीटर (1,481 मील) उत्तर पूर्व में स्थित है। इस देश के कई द्वीपों पर कुल 105,000 की आबादी रहती है। ज्वालामुखी की राख से टोंगा में छाया अंधेरासैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि शनिवार को ज्वालामुखी विस्फोट के कारण निकले धूल और धुएं के गुबार समुद्र तल से लगभग 12 मील ऊपर तक दिखाई दिए। टोंगा के ऊपर का आकाश राख से काला हो गया था। टोंगा की बड़ी आबादी न्यूजीलैंड में रहती है। उनके बीच अपने परिवार और रिश्तेदारों को लेकर डर है। सभी अपने परिवारों से संपर्क स्थापित करने के लिए बेताब नजर आए। कुछ चर्चों ने ऑकलैंड और अन्य शहरों में सामुदायिक प्रार्थना का आयोजन किया।