अब मासूमों पर टूटा कोरोना का कहर, US-यूरोप में हफ्ते भर के अंदर लाखों बच्चे संक्रमित होने से हड़कंप

अब मासूमों पर टूटा कोरोना का कहर, US-यूरोप में हफ्ते भर के अंदर लाखों बच्चे संक्रमित होने से हड़कंप

पिछले एक सप्ताह के दौरान अमेरिका में 133,000 से ज्यादा बच्चों के कोरोना संक्रमित होने के मामलों ने हडकंप मचा दिया है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड द चिल्ड्रन हॉस्पिटल एसोसिएशन ने एक संयुक्त रिपोर्ट जारी करके यह जानकारी दी है। आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में इस समय कुल जितने संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, उनमें 11 प्रतिशत तादाद बच्चों की है। वहीं, वरिष्ठ अमेरिकी वैज्ञानिक एंटनी फाउची ने हाल में कहा कि देश में अभी ओमीक्रोन से जुड़े बेहद कम मामले सामने आ रहे हैं, अब भी डेल्टा स्वरूप के चलते ही संक्रमण बना हुआ है।

यूरोप : छोटे स्कूली बच्चों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
यूरोपीय स्कूलों में कोरोना क्लस्टर मिलने के कई मामले सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ग्रीस समेत कई देशों के स्कूलों में सामुदायिक संक्रमण के मामले आने से शिक्षक व बच्चों को आइसोलेट करना पड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी यूरोपीय देशों को सलाह दी है कि वे स्कूलों में अभियान चलाकर टीकाकरण कराएं ताकि जल्द से जल्द बड़ी तादाद में बच्चों को टीका लगाया जा सके।

ऑस्ट्रेलिया : स्कूल में सामुदायिक संक्रमण फैला
सिडनी के रीजेंट पार्क क्रिश्चियन स्कूल के तीन बच्चों में ओमीक्रोन स्वरूप के संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से एक बच्चे के विदेशी यात्रा का कोई संबंध नहीं है, जिसके आधार पर वैज्ञानिक इस घटना को देश का पहला स्कूल सामुदायिक संक्रमण का मामला बता रहे हैं।

ब्रिटेन : संक्रमित बच्चों के शरीर में दानेदार चकत्ते
कोरोना के ओमीक्रोन स्वरूप के चलते ब्रिटेन में सामुदायिक संक्रमण फैल जाने के कारण स्कूलों में भी इसका असर दिख रहा है। ब्रिटिश वैज्ञानिकों का कहना है कि संक्रमित हो रहे बच्चों में बुखार, खांसी वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। बल्कि उनके शरीर में असामान्य दाने (रैशेज) निकल रहे हैं।


टोंगा में भूकंप के बाद सुनामी से तबाही, इतने लोगो की हुई मौत

टोंगा में भूकंप के बाद सुनामी से तबाही, इतने लोगो की हुई मौत

वेलिंगटनप्रशांत महासागर के देश टोंगा में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद आई सुनामी ने जमकर तबाही मचाई है। सुनामी की लहरें इतनी ताकतवर थीं कि उसने पूरे देश के कम्युनिकेशन सिस्टम को तहस-नहस कर दिया। टेलिफोन लाइन और इंटरनेट कनेक्शन अब भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे टोंगा का पूरी दुनिया से संपर्क कट गया है। विदेशों में रहने वाले टोंगा के लोग अपने रिश्तेदारों की सलामती को

लेकर काफी परेशान हैं। अभी तक हताहतों की संख्या का पता नहीं चल सका है।शनिवार को टोंगा के पास समुद्र के अंदर एक ज्वालामुखी फट गया था। इससे 1.2 मीटर ऊंची सुनामी की लहरों की चेतावनी दी गई थी। टोंगा के साथ-साथ दक्षिण प्रशांत के कई द्वीपों के लिए भी चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे कुछ फुटेज में टोंगा के तटीय इलाकों में भारी तबाही दिखाई दे रही है। समुद्र के किनारे बने घर टूटे हुए नजर आ रहे हैं।

शनिवार शाम से कई संपर्क नहींशनिवार को शाम करीब 6.40 बजे इंटरनेट और फोन लाइन ठप हो गई। जिसके बाद टोंगा के द्वीपों पर रहने वाले 105,000 निवासियों से बाकी दुनिया को कोई संपर्क नहीं है। टोंगा में अभी तक घायलों या मौतों की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है। सिर्फ राजधानी नुकुआलोफा से ही संपर्क हो पा रहा है। ज्वालामुखी विस्फोट से सटे इलाकों और शेष देश से नुकसान से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

न्यूजीलैंड की पीएम ने जताया दुखन्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने टोंगा के निवासियों के लिए दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नुकुआलोफा (Nukualofa) ज्वालामुखी धूल के घने ढेर में ढका हुआ है। इसके अलावा सभी स्थितियां शांत और स्थिर हैं। टोंगा न्यूजीलैंड के 2,383 किलोमीटर (1,481 मील) उत्तर पूर्व में स्थित है। इस देश के कई द्वीपों पर कुल 105,000 की आबादी रहती है। ज्वालामुखी की राख से टोंगा में छाया अंधेरासैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि शनिवार को ज्वालामुखी विस्फोट के कारण निकले धूल और धुएं के गुबार समुद्र तल से लगभग 12 मील ऊपर तक दिखाई दिए। टोंगा के ऊपर का आकाश राख से काला हो गया था। टोंगा की बड़ी आबादी न्यूजीलैंड में रहती है। उनके बीच अपने परिवार और रिश्तेदारों को लेकर डर है। सभी अपने परिवारों से संपर्क स्थापित करने के लिए बेताब नजर आए। कुछ चर्चों ने ऑकलैंड और अन्य शहरों में सामुदायिक प्रार्थना का आयोजन किया।