कोरोना के मरीजों को PoK शिफ्ट करने को लेकर उठ रहे है ये बड़े सवाल, पढ़े

कोरोना के मरीजों को PoK  शिफ्ट करने को लेकर उठ रहे है ये बड़े सवाल, पढ़े

पाक (Pakistan) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. यह संख्या बढ़कर 900 से ज्यादा हो गई है. क्वारंटीन कैंपों की बुरी हालत व डॉक्टरों को मास्क, दस्ताने जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने के कारण इमरान सरकार (Imran Khan) पहले ही आलोचनाओं से घिरी हुई है.

 वहीं कोरोना के मरीजों को PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) शिफ्ट करने को लेकर सरकार के विरूद्ध सवाल खड़ा हो गया है.

PoK के पॉलिटिकल एक्टिविस्ट नासिर अजीज ने आरोप लगाया है कि इमरान सरकार पंजाब व सिंध के कोरोना पीड़ित मरीजों को पाक अधिकृत कश्मीर के मीरपुर शहर में शिफ्ट कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जानबूझकर देश में कोरोना फैलने दे रहा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय सहायता हासिल कर सके.

सिर्फ अपना हित देख रहा पाकिस्तान

यूनाइटेड कश्मीर पीपल नेशनल पार्टी के प्रवक्ता नासिर ने आरोप लगाया कि संसार भर के देश इस संक्रमित बीमारी से निपटने पर जोर दे रहे हैं. वहीं पाक इसके जरिए भी लोन माफ़ी व अंतर्राष्ट्रीय सहायता हासिल करना चाहता है. उन्होंने बोला कि पाक इस मुद्दे में बिल्कुल भी गंभीर नहीं है. बताते चलें कि कोरोना वायरस अब तक कई राष्ट्रों में तबाही मचा चुका है. इससे निपटने में इटली, जर्मनी, फ्रांस व स्पेन जैसे अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं वाले देश भी सक्षम नहीं हैं.

इमरान सरकार की साजिश

नासिर का आरोप है कि इमरान सरकार एक साजिश के तहत इस तरह का कार्य कर रही है. पीओके में मरीजों को लाना उनकी जान को खतरा है. अभी तक पीओके में सिर्फ एक मुद्दा ही सामने आया है. यहां के अस्पतालोंं में स्वास्थ्य सेवाएं निम्न स्तर की हैं. वहीं लाहौर, इस्लामाबाद व कराची में सुविधाओं के बावजूद मरीजों को पीओके में शिफ्ट करना इमरान की नयी चाल लगती है. नासिर ने बताया कि PoK के लोगों ने इसके विरूद्ध प्रदर्शन भी प्रारम्भ कर दिए हैं.

सोमवार को लाए गए कोरोना के 27 मरीज

सोमवार को ही पंजाब से 27 कोरोना संक्रमितों को लाकर PoK के मीरपुर में भर्ती किया गया है. इनमें से 13 कोरोना पॉजिटिव हैं व बाकी का टेस्ट कर उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है. नासिर के अनुसार हमारा पाक सरकार से सवाल है कि क्या पंजाब व अन्य प्रांतों में PoK के बराबर मेडिकल सुविधाएं उपस्थित नहीं हैं? नासिर के मुताबिक उन्होंने इसकी शिकायत WHO, UN व अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से कर दी है. इन संगठनों से इमरान सरकार को ऐसा करने से रोकने की विनती की गई है.