इमरान खान को सत्ता में लाने के लिए नवाज शरीफ को फंसाया गया, चीफ जस्टिस बोले- मुझपर दबाव था

इमरान खान को सत्ता में लाने के लिए नवाज शरीफ को फंसाया गया, चीफ जस्टिस बोले- मुझपर दबाव था

पाकिस्तान में एक कथित वायरल ऑडियो टेप ने सियासत में भूचाल ला दिया है। कुछ सेकेंड के इस ऑडियो टेप में जो खुलासा हुआ है वह इमरान खान की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। दरअसल, इस टेप में बताया गया है कि तीन साल पहले इमरान खान को सत्ता में लाने में फौज का हाथ था। इमरान खान को न ही इतने वोट मिले थे कि उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार बना पाती। वायरल ऑडियो टेप में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस साकिब निसार किसी अनजान शख्स से बात कर रहे हैं कि उनपर उस समय के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज को सजा देने का दबाव था, ताकि इमरान खान को सत्ता में लाया जा सके।

हमारे यहां ऐसे ताकतवर फौज हैं जो जजों को आदेश जारी करते हैं: चीफ जस्टिस निसार
वायरल ऑडियो में जस्टिस निसार सामने वाले शख्स से कह रहे हैं कि मैं बहुत स्पष्ट कहना चाहता हूं कि बदकिस्मती से हमारे यहां ऐसे ताकतवर फौज हैं जो जजों को आदेश जारी करते हैं। अब ये कह रहे हैं कि नवाज शरीफ को सजा देनी है, क्योंकि हमें इमरान खान को लाना है। शख्स कहता है कि- नवाज शरीफ को सजा ठीक है, लेकिन बेटी को सजा नहीं दी जानी चाहिए। इस पर जस्टिस निसार कहते हैं- हां, इससे तो ज्यूडिशियरी पर भी सवाल उठेंगे।

पाकिस्तान की मशहूर यूट्यूबर ने जारी किया है टेप
पाकिस्तान की मशहूर यूट्यूबर और जर्नलिस्ट आलिया शाह ने इस टेप को सामने लाया है। आलिया ने कहा कि इसे आप छोटा टेप समझने की गलती न करें। आने वाले दिनों में यह टेप पूरा सामने आएगा और पाकिस्तान की सियासत की सच्चाई सामने लाएगा। अब तक खुद को पाकसाफ बताने वाले फौज की कलई भी मुल्क के सामने खुल जाएगी।  


पाकिस्तान में हर साल हजार से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों का होता है अपहरण, इस्लाम कबूल करा निकाह को किया जाता है मजबूर: रिपोर्ट

पाकिस्तान में हर साल हजार से अधिक गैर मुस्लिम लड़कियों का होता है अपहरण, इस्लाम कबूल करा निकाह को किया जाता है मजबूर: रिपोर्ट

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर किस तरह के जुल्म किए जाते हैं यह दुनिया से छिपा नहीं है। अब एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां हर साल एक हजार से अधिक हिंदू, ईसाई लड़कियों का अपहरण किया जाता है और जबरन इस्लाम कबूल करा निकाह करा दी जाती है। ब्रिटेन की ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) की ओर से की गई जांच का हवाला देते हुए 'इस्लाम खबर' ने रिपोर्ट में कहा है कि यह आंकड़ा सघन जांच पर आधारित है, लेकिन सटीक नहीं, क्योंकि सही संख्या का कभी पता नहीं लगाया जा सकता है।

सितंबर 2021 में प्रकाशित रिपोर्ट 12-25 साल की ईसाई और हिंदू लड़कियों पर केंद्रित है। पाकिस्तान की 22 करोड़ आबादी में हिंदुओं की 1.59 फीसदी और ईसाइयों की 1.60 फीसदी हिस्सेदारी है। बौद्धों, सिखों और कलशों का भी उनके प्रतिनिधि निकायों, क्षेत्र सर्वेक्षणों और जांच निकाय के सामने पेश होने वाले व्यक्तियों द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है। इस्लाम खबर के मुताबिक, एएपीपीजी रिपोर्ट में पाकिस्तान सरकार की एजेंसी नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NARDA) से अपील की गई है कि नाबालिगों की उम्र निर्धारित करने के लिए पुलिस और अदालत द्वारा उपयोग किए जाने वाले डेटा का संग्रह किया जाए। 

रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि अपहरण, जबरन धर्मांतरण और निकाह के मामले अधिकतर गरीब और अशिक्षित परिवारों के साथ हुई हैं, जो सामाजिक रूप से काफी पिछड़े हैं। इनमें से अधिकतर घरेलू कामों या छोटे-मोटे कामों से जुड़े थे। ये शोषण, हिंसा, दबाव और झूठे वादों को आसन शिकार होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार हाल के वर्षों में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध के ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

1947 में पाकिस्तान के जन्म के बाद से जबरन धर्मांतरण के केस बढ़े हैं। पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा भी बढ़ती जा रही है क्योंकि एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के पंजाब प्रांत में 2021 की पहली छमाही में लगभग 6,754 महिलाओं का अपहरण किया गया था। इनमें से 1,890 महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया, 3,721 को प्रताड़ित किया गया जबकि 752 बच्चों के साथ बलात्कार किया गया।