अमेरिकी संसद परिसर में ट्रंप के समर्थकों ने की रैली, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

अमेरिकी संसद परिसर में ट्रंप के समर्थकों ने की रैली, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

अमेरिकी संसद परिसर में शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने रैली का आयोजन किया। इसे देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल को तैनात किया गया था। बताते चलें कि इसी साल छह जनवरी को ट्रंप की चुनावी हार को पलटने का प्रयास करते हुए उनके समर्थकों ने इमारत में तोड़-फोड़ की थी। इस दौरान ट्रंप के लगभग 600 समर्थक वहां मौजूद थे।

खबरों के अनुसार, रैली में 100 से 200 प्रदर्शनकारी शामिल हुए। कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में दक्षिणपंथी समूह थ्री पर्सेटर्स का फ्लैग लिए हुए थे। यूएस कैपिटल पुलिस ने कहा कि उन्हें पिछले साल संसद परिसर में हुए हिंसक विरध प्रदर्शन की तर्ज पर ही रैली किए जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। हालांकि, इस बार प्रदर्शनकारियों की यह संख्या छह जनवरी की संख्या से काफी कम थी।

6 जनवरी 20202 के दिन हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद परिसर में तबाही मचाई थी। ट्रंप के धुर दक्षिणपंथी समर्थकों ने इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास करते हुए संसद परिसर में हंगामा किया था। उस समय एक के बाद दूसरा वक्ता प्रदर्शनकारियों को भड़का रहा था। घटना के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।


यह रैली 6 जनवरी के आसपास अहिंसक अपराधों के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए निकाली गई थी। रैली में शामिल लोगों का कहना था कि बेकसूर लोगों को बहुत लंबे समय तक जेल में रखा गया है या अन्य दुर्व्यवहारों का सामना करना पड़ रहा है, जो उनके संवैधानिक अधिकारों की अवहेलना है। एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि उनपर अत्याचार किया जा रहा है और अधिकारियों द्वारा ब्लैक लाइव्स मैटर में शामिल प्रदर्शनकारियों की तुलना में अधिक कठोर दंड दिया गया है। हालांकि, कई कांग्रेसी रिपब्लिकनों ने 6 जनवरी के संबंध में गिरफ्तार किए गए लोगों के इलाज को लेकर चिंता जताई है।


छत तोड़कर बिस्तर पर जा गिरा उल्का पिंड, डर से महिला का हुआ बुरा हाल

छत तोड़कर बिस्तर पर जा गिरा उल्का पिंड, डर से महिला का हुआ बुरा हाल

आधी रात को ब्रिटिश कोलंबिया में रहने वाली रुथ हैमिल्टन की नींद हल्के धमाके की आवाज के साथ खुली। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि हुआ क्या है। छत में एक सुराग दिखाई दे रहा था। हैमिल्टन ने तुरंत आपातकालीन नंबर पर फोन कर जानकारी दी। उसके बाद उन्हें जो पता चला, वह किसी आश्चर्य से कम नहीं था। उनके बिस्तर पर ठीक उनके तकिए के पास एक उल्कापिंड गिरा था।

यह घटना तीन अक्टूबर की है। उस घटना को याद कर हैमिल्टन सिहर उठती हैं। छत में सुराग करते हुए करीब सवा किलो का उल्का पिंड उनके चेहरे से कुछ ही दूरी पर गिरा था। इसके बाद पूरी रात वह नहीं सो पाई थीं। यूनिवर्सिटी आफ वेस्टर्न ओंटारियो के प्रोफेसर पीटर ब्राउन ने पुष्टि की है कि हैमिल्टन के बिस्तर पर उल्का पिंड ही गिरा था। यह घटना इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वैसे तो हर घंटे कोई न कोई उल्का पिंड धरती की ओर आता है। इनमें से ज्यादातर पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते ही नष्ट हो जाते हैं और कुछ नीचे गिर जाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययन के दृष्टिकोण से इन्हें अहम माना जाता है। कई बार इनकी अच्छी खासी बोली भी लगती है।


पूरा घटनाक्रम-

महिला की जान उस वक्त खतरे में आ गई, जब वह अपने बिस्‍तर पर सो रही थी। दरअसल, उसके बिस्तर पर अचानक से अंतरिक्ष (Space) से एक उल्‍कापिंड आ गिरा। गनीमत रही कि यह उल्‍कापिंड महिला से कुछ इंच की दूरी पर गिरा, जिसके चलते उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन इस हादसे से महिला बेहद डर गई थी। उल्‍कापिंड घर की छत में छेद करते हुए महिला के बगल में गिरा था।


गनीमत रही कि इस खौफनाक घटना में हैमिल्‍टन बाल-बाल बच गई. उसने इमरजेंसी सर्विस को फोन किया और पता लगाने की कोशिश की। ये पत्थरनुमा चीज कहां से आई थी. बाद में पता चला कि पत्थरनुमा चीज उल्‍कापिंड थी. यानी कि हैमिल्‍टन के घर पर उल्‍कापिंड गिरा था।