आम रोटी को खास बनाने के लिए उसमें लगाएं बेसन और मसाले का तड़का

आम रोटी को खास बनाने के लिए उसमें लगाएं बेसन और मसाले का तड़का

सामग्री :

बेसन- 200 ग्राम, आटा- 200 ग्राम, नमक- स्वादानुसार, लाल मिर्च पाउडर- 1 टीस्पून, हल्दी पाउडर- 1 टीस्पून, अमचूर पाउडर- 1/2 टीस्पून, धनिया पाउडर- 1/2 टीस्पून, तेल-आवश्यकतानुसार

विधि :

आटा गूंथने वाले बर्तन में तेल और पानी को छोड़कर सारी चीज़ें अच्छे से मिक्स कर लें।
फिर धीरे-धीरे पानी डालते हुए आटा गूंथे। 5 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें जिससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाए।
5 मिनट बाद इसकी छोटी-छोटी लोई बना लें।
तवा गर्म होने के लिए रख दें।
पराठे को बेलकर रख लें। फिर एक के बाद एक करके इसे सेंकते जाएं।
पराठा बहुत ज्यादा जलाएं नहीं वरना इसका स्वाद बिगड़ जाता है।
तो एक साइड जैसे ही हल्का पक जाए तुरंत पलट दें। फिर घी, तेल या मक्खन जो आपको पसंद हो उसे लगाकर सुनहरा होने तक सेंक लें।
चम्मच की मदद से पराठे को तवे पर थोड़ा प्रेस करें जिससे अंदर से और किनारों से वो कच्चा न रह जाए।
बनने के बाद इसे दही, चटनी या अचार जो मौजूद हो और पसंद हो उसके साथ परोसें।


गणपति बप्पा की इस आरती के साथ करें गणेश विसर्जन, पूरी होगी सभी मनोकामना

गणपति बप्पा की इस आरती के साथ करें गणेश विसर्जन, पूरी होगी सभी मनोकामना

अनंत चतुर्दशी, गणेशोत्सव का अंतिम दिन होता है। विधि के अनुसार इस दिन गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन से शुरू हुए गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के पूजन के साथ होता है। इस साल अनंत चतुर्दशी का पर्व 19 सितंबर, दिन रविवार को पड़ रहा है। इस दिन भक्त विधि पूर्वक भगवान गणेश का पूजन कर उनकी प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं। मान्यता है कि गणपति बप्पा दस दिनों तक हमारे घरों में रह कर उन्हें सुख और सौभाग्य से भर देते हैं और हमारे सारे दुख और विघ्न अपने साथ ले जाते हैं। अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमा विसर्जन के पहले कपूर जला कर भगवान गणेश की ये आरती जरूर करनी चाहिए। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच अगले बरस फिर आने की कामना के साथ गणपति का विसर्जन करें।

गणपति बप्पा की आरती

सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची

नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची

सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची

कंठी झलके माल मुक्ता फलांची |

जयदेव जयदेव जयदेव जयदेव

जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

दर्शन मात्रे मन कामना पूर्ती |

जयदेव जयदेव जयदेव जयदेव

रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा

चंदनाची उटी कुमकुम केशरा

हीरे जड़ित मुकुट शोभतो बरा

रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया |

जयदेव जयदेव जयदेव जयदेव


जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

दर्शन मात्रे मन कामना पूर्ती |

जयदेव जयदेव जयदेव जयदेव

लम्बोदर पीताम्बर फणिवर बंधना

सरल सोंड वक्र तुंड त्रिनयना

दास रामाचा वाट पाहे सदना

संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुर वर वंदना |

जयदेव जयदेव जयदेव जयदेव

जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

दर्शन मात्रे मन कामना पूर्ती |

जयदेव जयदेव जयदेव जयदेव