ट्रेन या फ्लाइट नहीं, गोवा, ऊटी और तवांग के खूबसूरत नजारों के दीदार के लिए रोड ट्रिप का बनाएं प्लान

ट्रेन या फ्लाइट नहीं, गोवा, ऊटी और तवांग के खूबसूरत नजारों के दीदार के लिए रोड ट्रिप का बनाएं प्लान

रोड ट्रिप में जरूरी नहीं कि सड़कें खूब चौड़ी, साफ-सुथरी हों। यह भी जरूरी नहीं कि आप कार से ही उन पर यात्रा करें। लेकिन अगल-बगल का माहौल होता है, जो आपके मन में बस जाता है। ऐसी ही कुछ खूबसूरत रोड ट्रिप्स से हम आपको रूबरू कराने वाले हैं जो अपनी अप्रतिम खूबसूरती के लिए मशहूर हैं।

बैंगलुरु से ऊटी

अगर प्रकृति से प्यार और अपनापन महसूस होता है, तो यह हाईवे आपके लिए ही है। बैंगलुरु से ऊटी जाने वाली सड़क अपने 36 हेयर पिन मोड़ की वजह से प्रसिद्ध है। हरियाली और लंबे पेड़ों से भरी यह सड़क भारत की हसीन सड़कों में से एक है। यह सड़क प्रसिद्ध डुमलाई नेशनल पार्क भी ले जाती हैं। यहां रुककर प्रकृति को और करीब से महसूस कर सकते हैं। 265 किलोमीटर की दूरी वाली सड़क बैंगलुरु, ऊटी, मूलबागलं कोलार और मैसूर को कवर करती है।

गुवाहाटी से तवांग

कुछ रास्ते ऐसे होते हैं, जो रोम-रोम में बस जाते हैं, आप कभी उन्हें भूल नहीं पाते. सच में पहाड़ों का रास्ता ऐसा ही होता है। गुवाहाटी से तवांग की यात्रा खतरनाक भी है और जादुई भी। सड़क का एक हिस्सा ऐसा भी आता है, जब सड़क हेयर पिन की तरह मुड़ जाती है, तीखी और घुमावदार। लेकिन यहां सांस फिर भी खतरे पर नहीं, हरियाली और खूबसूरती देखकर ही रुकती है। कैमरा फोटो कैप्चर कर कता है, उस भाव को नहीं, जो प्रकृति पल-पल बदलती है। इस रोड पर ड्राइव करते हुए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत पड़ती है। यह लगभग 520 किलोमीटर का रास्ता है और यह 14 घंटे में पूरा होता है। आप चाहें तो रास्ते में आसाम के तेजपुर में रुककर इस जगह की संस्कृति और इतिहास का जायजा ले सकते हैं।


रामेश्वरम पंबन ब्रिज

यहां प्रकृति का नहीं बल्कि इंजीनियरिंग का कमाल है। यह ब्रिज भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम आइलैंड से जोड़ता है। इसे मदुरै रामेश्वरम रोड भी कहा जाता है, जो भारत के सबसे अधिक खूबसूरत दृश्यों के साथ आंखों को सुकून पहुंचाता है। यह हाईवे फ्लैट और स्ट्रेट है, जिसके दोनों ओर शानदार समुद्र दिखता है। इस रोड पर चलते हुए आपको महसूस होगा कि काश यह रास्ता कभी खत्म ही न हो। एक ओर बे ऑफ बंगाल है तो दूसरी ओर इंडियन ओशियन। इस ब्रिज की लंबाई 2,065 मीटर है।


मुंबई से गोवा

बेशक यह यात्रा लंबी है लेकिन मुंबई स गोवा के रास्ते पर जाने वाले ही समझ सकते हैं कि न सड़क की लंबाई ऊब देती है न लगने वाला समय। चारों ओर हरियाली और लंबे खूबसूरत पेड़ यात्रा की परेशानी को शून्य में बदल देते हैं। इस पर चलना इतना शानदार अनुभव है कि शायद ही फिर कभी आप फ्लाइट से मुंबई से गोवा जाना चाहें। लगभग 12-13 घंटे का रास्ता, नेशनल हाईवे 47 के सहारे तय होता है। करीब 585 किलोमीटर के दायरे में फैली यह सड़क मुंबईकरों के लिए पसंदीदा रोड ट्रिप में से एक है।

चेन्नई से पुडुचेरी

इसे पूर्वी कोस्ट कहा जाता है, जिस पर ड्राइव करना थोड़ा आसान इसलिए है, क्योंकि इसे बढ़िया तरीके से मेंटेन किया गया है। यह रास्ता तीन से चार घंटों में पूरा भी हो जाता है। इसके चारों ओर क दृश्य बेहद खूबसूरत हैं और यह कुछ हिस्सों तक बे-ऑफ बंगाल के सात-साथ चलता है, जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है। यह हर उस यात्री के सपने की तरह है, जिसे रोड ट्रिप करना पसंद है। समुद्र की लहरें, ठंडी हवा और चारों ओर फैले पेड़ इस चेन्नई से पुडुचेरी के रोड को बेस्ट ट्रैवलर रोड बनाते हैं। यह रास्ता करीब 165 किलोमीटर का है, जिसके दोनों ओर फैला नीला समंदर किसी फिल्मी दृश्य सा प्रतीत होता है।


अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

इंसान की मृत्यु एक सार्वभौमिक क्रिया हैं जिसका हर किसी के साथ होना तय है। ऐसे में फिर भी सभी को मौत का भय सताता रहता है और सभी मौत से डरते हैंमौत का संकेत ऐसे में क्या आप जानते हैं कि मौत का पता कैसे चल सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि शिवपुराण में इसके संकेतों के बारे में बताया गया है। 

मिलते है ये संकेत:

# शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा या कबूतर आकर बैठ जाता है उसकी मौत एक महीने में होना तय होती है।

# अगर किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला व सफेद पड़ जाए अौर लाल निशान दिखाई दे तो समझ जाइए कि व्यक्ति की मृत्यु 6 महीने के भीतर होने वाली है।

# जिस मनुष्य की आंख, कान, मुंह अौर जीभ ठीक से काम न करें उसकी भी मृत्यु 6 महीने के अंदर होना तय होती है।

# जिस व्यक्ति को चंद्रमा या सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे तो समझ जाएं उस इंसान की मौत 15 दिन के अंदर होने वाली है।

# जब किसी इंसान को जल, घी, तेल या दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं रहती है और वह मरने वाला होता है।