अश्विन मास के व्रत और त्योहार, जानिए कब है शारदीय नवरात्र और विजयदशमी का पर्व

अश्विन मास के व्रत और त्योहार, जानिए कब है शारदीय नवरात्र और विजयदशमी का पर्व

हिंदी पंचांग के सांतवे महीने को अश्विन मास कहा जाता है। चतुर्मास में आने के कारण इस महीने में भी व्रत और संयम के पालन पर विशेष बल दिया जाता है। अश्विन मास को तर्पण, श्राद्घ, व्रत और संयम के मास के रूप में जाना जाता है। इस माह के कृष्ण पक्ष में पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध का विधान है। तो वहीं शुक्ल पक्ष के शुरू के नौ दिन शक्ति की उपासना को समर्पित होते हैं। इनमें शारदीय नवरात्र का व्रत और पूजन किया जाता है। इस साल अश्विन माह 21 सितंबर से प्रारंभ हो कर 20 अक्टूबर तक रहेगा। आइए जानते हैं इस माह में पड़ने वाले व्रत और पर्वों के बारे में....

अश्विन माह के व्रत और पर्व

1-पितृपक्ष

भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से प्रारंभ होने वाले पितृपक्ष का समापन आश्विन मास की अमावस्या को होता है। श्राद्ध के 16 दिनों में पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनका तर्पण और पिंडदान करने का विधान है। इस साल पितर पक्ष 20 सितंबर से शुरू हो कर 06 अक्टूबर महालय अमावस्या के दिन तक रहेगा।

2-संकष्टी चतुर्थी

अश्विनी मास की संकष्टी चतुर्थी 24 सितंबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन भगवान गणेश के व्रत और पूजा का विधान है।

3- मातृ नवमी

मातृ नवमी या श्राद्ध नवमी पर मताओं, सुहागिन स्त्रियों के निमित्त श्राद्ध करने का विधान है। इस साल मातृ नवमी 30 सितंबर, दिन गुरूवार को है।

4- सर्वपितृ आमवस्या

सर्वपितृ आमवस्या या महालय अमावस्या कि तिथि इस साल 06 अक्टूबर को पड़ रही है। इसे पितृ पक्ष का अंतिम दिन माना जाता है। इस सभी ज्ञात-आज्ञात पितरों का श्राद्ध करने का विधान है।


5- शारदीय नवरात्र

मां दुर्गा के व्रत और पूजन के शारदीय नवरात्रि की शुरूआत इस साल 07 अक्टूबर से होगी। जिसका समापन 14 अक्टूबर, दुर्गा नवमी के दिन होगा।

6- विनायक चतुर्थी

अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी 09 अक्टूबर दिन शनिवार को है।

7- विजयदशमी

दशहरा या विजयदशमी का पर्व इस साल 15 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को पड़ रहा है। इस दिन भगवान राम की रावण पर विजय का पर्व मनाया जाता है।


8- पापांकुशा एकादशी व्रत

पापांकुशा एकादशी के दिन भगवान विष्णु का व्रत और आराधना करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल ये व्रत 16 अक्टूबर को पड़ रहा है।

9- अश्वीन पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा

ये चंद्रमा और माता लक्ष्मी के पूजन का विशेष दिन है। यह 20 अक्टूबर को पड़ रहा है।


अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

अगर आपके पास आकर बैठ जाए यह पक्षी तो समझ लीजिये...

इंसान की मृत्यु एक सार्वभौमिक क्रिया हैं जिसका हर किसी के साथ होना तय है। ऐसे में फिर भी सभी को मौत का भय सताता रहता है और सभी मौत से डरते हैंमौत का संकेत ऐसे में क्या आप जानते हैं कि मौत का पता कैसे चल सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि शिवपुराण में इसके संकेतों के बारे में बताया गया है। 

मिलते है ये संकेत:

# शिवपुराण के अनुसार जिस व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौवा या कबूतर आकर बैठ जाता है उसकी मौत एक महीने में होना तय होती है।

# अगर किसी व्यक्ति का शरीर अचानक पीला व सफेद पड़ जाए अौर लाल निशान दिखाई दे तो समझ जाइए कि व्यक्ति की मृत्यु 6 महीने के भीतर होने वाली है।

# जिस मनुष्य की आंख, कान, मुंह अौर जीभ ठीक से काम न करें उसकी भी मृत्यु 6 महीने के अंदर होना तय होती है।

# जिस व्यक्ति को चंद्रमा या सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे तो समझ जाएं उस इंसान की मौत 15 दिन के अंदर होने वाली है।

# जब किसी इंसान को जल, घी, तेल या दर्पण में अपनी परछाई न दिखाई दें तो उसकी आयु 6 महीने से अधिक नहीं रहती है और वह मरने वाला होता है।