दुनियाभर में कोरोनावायरस की हाहाकार, जाने कैसे बचेंगे आप

दुनियाभर में कोरोनावायरस की हाहाकार, जाने कैसे बचेंगे आप

कोरोना वायरस की वजह से चाइना में मरने वालों की संख्या 106 पहुंच गई है. वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या पांच हजार के करीब है. चाइना के बाहर इस वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या 60 पहुंच गई है. 

अमेरिका से लेकर नेपाल व दक्षिण कोरिया से लेकर फ्रांस तक संसार के कई राष्ट्रों में यह वायरस फैला है. हिंदुस्तान में भी कोरोना वायरस के दो कथित मुद्दे सामने आए हैं जिनमें अभी वायरस की पुष्टि नहीं हुई है. जापान ने चाइना के वुहान शहर से अपने नागरिकों को निकालने के लिए चार्टर फ्लाइट भेजी है. वुहान में करीब 650 जापानी नागरिक हैं व सरकार इनको फटाफट वुहान से बाहर निकालना चाहती है.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, चाइना में इस वायरस के संक्रमण में आने वाले लोगों की संख्या  4,577 पहुंच गई है. हॉगकॉग व चाइना में पहले से ही स्वास्थ्य आपातकाल लगा हुआ है. वायरस के खतरे को देखते हुए हॉगकॉग में सरकारी कर्मचारियों को घर से ही कार्य करने की अनुमति दी गई है. फिलीपींस ने चीनी नागरिकों के लिए वीजा पर प्रतिबंध लगा दिया है. बता दें कि चाइना के वुहान शहर से आने वाले लोगों के जरिए ही यह वायरस संसार के अन्य राष्ट्रों में फैला है.

दुनियाभर में कोरोनावायरस की हाहाकार

वुहान से फैलकर कोरोनावायरस ने दुनियाभर में हाहाकार मचाया है. जापान में इस विषाणु से संक्रमित लोगों की संख्या 4 व अमेरिका में 5 पहुंच गई है. सिंगापुर में कोरोनावायरस से 5 व दक्षिण कोरिया में 4 लोग संक्रमित हैं. वहीं, जर्मनी में मेलेशिया में चार लोग इस विषाणु से संक्रमित हैं. कंबोडिया, कनाडा व नेपाल में इस वायरस की चपेट में एक-एक मरीज के आने की पुष्टि हुई है. 

देश         संक्रमित मरीज मौतें        
चीन 4,577 106
हॉगकॉग   8 0
मकाऊ 5 0
ऑस्ट्रेलिया 5 0
कंबोडिया 1 0
कनाडा 1 0
फ्रांस 3 0
अमेरिका 5 0
जापान 4 0

चीन में एक ही दिन में 65 प्रतिशत बढ़ा कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या
चाइना के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग का बोलना है कि वुहान कोरोनावायरस एक-दूसरे के सम्पर्क में आने से फैल रहा है. आयोग का बोलना है कि इसके अतिरिक्त यह वायरस बूदों के जरिए भी फैल रहा है. एनएचसी का बोलना है कि एक-दूसरे के नजदीकी सम्पर्क में आने से यह वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है. यानी की अगर कोई व्यक्ति कोरोनावायरस की चपेट में है व वो किसी के सामने खांसता या छींकता है तो यह वायरस दूसरे व्यक्तियों को भी फैल सकता है. चाइना में एक ही दिन में इस वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में 65 प्रतिशत इजाफा हुआ है. 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग का बोलना है कि कोरोनावायरस की चपेट में आने वाले लोगों में सबसे ज्यादा चाइना के हुबई प्रांत के हैं. ये ही वो स्थान है जहां सबसे पहले इस वायरस की पहचान हुई थी. वर्ष 2002 व 2003 में सार्स से संक्रमित मरीजों की संख्या दुनियाभर में 8,098 थी व 774 मौतें हुई थी. सबसे खास बात यह है कि चाइना के वुहान की जनता सरकार द्वारा इस वायरस के बारे में दी गई जानकारी से संतुष्ट नहीं है. हालांकि अभी इस वायरस के फैलने की असल वजह का भी पता नहीं चला है व इसकी दवाई भी इजात नहीं हुई है. इससे बचाव के लिए चाइना में एचआईवी में दी जाने वाली दवा ही दी जा रही है.

दस दिन का होता है इस वायरस का संक्रमण काल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग का बोलना है कि इस वायरस का संक्रमण काल 10 दिन होता है व इन दिनों में इससे बचाव के लिए विशेष ख्याल रखना पड़ता है. चीन पहले ही अपने 12 शहरों के 3.5 करोड़ से ज्यादा निवासियों के यात्रा पर प्रतिबंध लगा चुका है. 

क्या है कोरोना वायरस?
कोरोना वायरस एक तरह का संक्रमित होने वाला वायरस है. दुनिया स्वास्थ्य संगठन इस वायरस को लेकर लोगों को चेता चुका है. यह वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी में संक्रमण के जरिए फैलता है. संसार के तमाम राष्ट्रों में यह वायरस चाइना से आने वाले यात्रियों के जरिए ही पहुंच रहा है. इस वायरस के लक्षण निमोनिया की ही तरह हैं. यह वायरस कोरोना वायरस परिवार से संबंध रखने वाला वायरस है.

कोरोना वायरस जानवरों में भी पाया जाता है. समुद्री जीव-जंतुओं के जरिए यह वायरस चाइना के लोगों में फैला. दक्षिण चाइना में समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सबसे पहले इस वायरस ने चपेट में लिया, जिनमें वुहान शहर है. दक्षिण चाइना के मार्केट जहां बहुत ज्यादा मात्रा में समुद्री जीव मिलते हैं, उनके जरिए यह वायरस लोगों में फैला. इस मार्केट में समुद्री जीव जिंदा भी मिलते हैं व उनका मांस भी मिलता है. यहीं से इस वायरस ने चाइना के निवासियों को अपनी चपेट में लिया.

कोरोना वायरस के लक्षण

  • बुखार
  • सांस लेने में दिक्कत
  • सर्दी-जुकाम 
  • खांसी
  • नाक का लगातार बहना
  • सिर में दर्द
  • ऑर्गन  फेल्योर (अंगों का कार्य करना बंद )

कोरोना वायरस में किसी भी तरह की कोई एंटीबायोटिक कार्य नहीं करती है. फ्लू में दी जाने वाली एंटीबायोटिक भी इस वायरस में कार्य नहीं करती है. अस्पताल में भर्ती कराए जाने वाले आदमी के अंगों को फेल होने से बचाने के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ दिया जाता है. जानवरों से फैलने वाले कोरोना वायरस सिवियर एक्यूट रेस्परेटरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) व मिडिल इस्टर्न रेस्परेटरी सिंड्रोम दोनों तरह का होता है. मिडिल इस्टर्न रेस्परेटरी सिंड्रोम (मेर्स) अफ्रीकी व शियाई ऊटों के जरिए मनुष्य में फैलता है. चमगादड़ ऐसा जीव है जिसमें सिवियर एक्यूट रेस्परेटरी सिंड्रोम (गंभीर श्वसन लक्षण) व मिडिल इस्टर्न रेस्परेटरी सिंड्रोम दोनों तरह का कोरोनोा वायरस होता है.

कोरोनावायरस के फैलने की दो वजहें।
वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस फैलने की दो वजह बताई हैं. चाइना के वुहान में इस वायरस के फैलने की वजह चमगादड़ व एक लैब से वायरस का रिसाव बताया गया है. वैज्ञानिकों का बोलना है कि वुहान में कोरोना वायरस फैलने की वजह चमगादड़ खाना है. क्योंकि वुहान में अनियमित पशु व्यापार बहुत ज्यादा ज्यादा होता है. इसी वजह से यह वायरस इस इलाके में फैला है. बता दें कि चाइना में चमगादड़ खाया जाता है व इसके कई वीडियो भी आपको मिल जाएंगे.साल 2017 में एक चाइनीज सेलिब्रिटी ने चमगादड़ खाने वाला वीडियो वायरल करने के लिए माफी भी मांगी थी. यह वीडियो तब बहुत ज्यादा वायरल हुआ था. ऐसे में  बोला जा रहा है कि वुहान में चमगादड़ों का सेवन भी इस वायरस की असल वजह हो सकती है.

इसके अतिरिक्त वर्ष 2017 में ही चाइना की एक लैब से वायरस का रिसाव हुआ था. ऐसे में इसे भी इस खतरनाक वायरस की वजह बताया जा रहा है. तीन वर्ष पहले वुहान के राष्ट्रीय जैव सुरक्षा लैब से संसार की सबसे ताकतवर वायरस एवं विषाणु में शामिल वायरस रिसाव हुआ था. उस वक्त इसके रिसाव के कई दुष्परिणाम सामने आने की बात कही गई थी.