जानिए योग के 7 आसन जो आपको जिंदगी भर बनाए रखेंगे जवान

जानिए योग के 7 आसन जो आपको जिंदगी भर बनाए रखेंगे जवान

शरीर व मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। स्वास्थ्य वर्धक बनाए रखने के साथ ही योग के जरिए आप अपने सौंदर्य व खूबसूरती को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही सात आसन जो अपके शरीर को जवां बनाए रखने में मदद करेंगे। साथ ही आपके चेहरे के निखार को बढ़ा देंगे।

शेर की तरह चेहरा (सिंहासन):
धीरे-धीरे सांस लें व उसे थोड़ी देर तक रोककर रखें। फिर आप अपने जीभ को बाहर निकाले। अपनी आखों को पूरी तरह से जितना हो सकें खोलें। इस अवस्था में बैठे रहे व जितना हो सकें अपनी जीभ को मुंह से बाहर निकालें। यह आपके शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है। साथ ही इससे मांसपेशियों का तनाव भी समाप्त होता है।

मछली की तरह चेहरा (मत्सय आसन):
इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है, इसलिए यह मत्स्यासन कहलाता है। इस आसन को करने के लिए आप लंबी सांस लें। इसे थोड़ी देर तक रोक कर रखे। पहले पद्मासन लगाकर बैठ जाएं। फिर पद्मासन की स्थिति में ही सावधानीपूर्वक पीछे की ओर चित होकर लेट जाएं। ध्यान रहे कि लेटते समय दोनों घुटने जमीन से ही सटे रहें। फिर दोनों हाथों की सहायता से शिखास्थान को धरती पर टिकाएं। उसके बाद बाएं पैर के अंगूठे व दोनों कोहनियों को धरती से लगाए रखें। एक मिनट से शुरू करके पांच मिनट तक एक्सरसाइजबढ़ाएं। फिर हाथ खोलकर हाथों की सहायता से सिर को सीधा कर कमर, पीठ को धरती से लगाएं। फिर हाथों की सहायता से उठकर बैठ जाएँ। आसन करते वक्त श्वास-प्रश्वास की गति सामान्य बनाए रखें।

इससे आंखों की लाइट बढ़ती है। गला साफ रहता है तथा छाती व पेट के रोग दूर होते हैं। रक्ताभिसरण की गति बढ़ती है, जिससे चर्म रोग नहीं होता। दमे के रोगियों को इससे फायदामिलता है। पेट की चर्बी घटती है। खांसी दूर होती है।

आंखों से एक्सरसाइज़ (नेत्रासन):

गहरी सांस लें व अपनी गर्दन को सीधा रखें। अपनी आखों को बायी तरफ घुमाएं। इस अवस्था में कुछ देर तक रहने की प्रयास करें। कुछ सेकेंड के बाद अपनी आंखों को दायी तरफ घुमाएं। इस प्रक्रियो को दोहराते रहे। आंखों की पुतलियों उस अमुक दिशा में पूरी तरह घूमनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें।

गाल से योग:
मुंह में जितना हो सकें हवा भर लें। फिर उसे कुछ देर तक रोकें। आपका गाल पूरी तरह फूल जाएगा क्योंकि उसमें हवा भरा हुआ है। इस अवस्था में 30 से 60 सेकेंड तक रहें। फिर मुंह में जमा सांसों को नाक के जरिए छोड़ दें। इस प्रक्रियां को तीन से छह बार दोहराएं।

हथेलियों से योग:
अपनी हथेलियों को रगड़कर उन्हें गर्मी प्रदान करें। फिर आंखों को बंद करें व उन्हें अपनी हथिलियों से ढक लें। फिर अपनी नाक के दोनों नथुनों से सांस लें। जितनी देर तक रोक सकते हो रोकें। इससे आपकी आखों को आराम मिलेगा। आप खुद को रिलैक्स महसूस करेंगे। आपकी मांसपेशियों का तनाव दूर होगा। इस बात का ध्यान रखें कि गर्म हथेलियों से चेहरे को पूरी तरह ढकें।

गर्दन से वर्जिश:
आप बिल्कुल सीधी अवस्था में बैठ जाएं। आपकी रीढ़ की हड्डियों बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। अपनी हाथों को सीधा कर लें। फिर धीरे से हाथों को मोड़े। फिर उसके बाद उसे सीधा करें।इससे आपको गर्दन के दर्द से छुटकारा मिलेगा। आपको गर्दन की मांसपेशियों में आराम मिलेगा। गर्दन को बिल्कुल सीधी रखें।

होठों से योग:
गहरी सांस लें। अपनी आंखों को बंद कर लें। अपने होठों को जितना संभव हो सकें कठोर करके बंद कर ले। फिर अपने चेहरे को कठोर कर लें। आप इस प्रकार करने की प्रयास करें जैसे आप खुद को रोने से रोकने की प्रयास कर रहे है। फिर अपने चेहरे को ढीला कर ले। जितनी देर रह सकें रहे रहे। सांसों को रोकें रखें। जब आवश्यकता हो तब सांस लें। इससे आपके सारेचेहरे का व्यायाम होगा व आराम मिलेगा।