आनंद महिंद्रा ने पीएम मोदी द्वारा संसद के सेंट्रल हॉल में दिए सम्बोधन के अंश को नेहरू के ट्रिस्ट विद डेस्टिनी की तरह यादगार बताया?

आनंद महिंद्रा ने पीएम मोदी द्वारा संसद के सेंट्रल हॉल में दिए सम्बोधन के अंश को नेहरू के ट्रिस्ट विद डेस्टिनी की तरह यादगार बताया?

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के सेंट्रल हॉल में शनिवार को दिए सम्बोधन के एक अंश को जवाहर लाल नेहरू के ट्रिस्ट विद डेस्टिनी की तरह यादगार बताया है. महिंद्रा ने रविवार को ट्वीट कर बोला कि मोदी के सम्बोधन के इस वाक्य ने मेरा ध्यान आकर्षित किया- 'अब हमारा कोई पराया नहीं होने कि सम्भावना है.' महिंद्रा ने बोला कि यह महत्वाकांक्षा बहुत ज्यादा अहम है. सभी आर्थिक लक्ष्य बाद में हैं.

स्वतंत्र हिंदुस्तान के प्रथम पीएम जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 की रात देश को संबोधित करते हुए बोला था कि आज हम दुर्भाग्य के एक युग का अंत कर रहे हैं व हिंदुस्तानपुनः खुद को खोज पा रहा है. उनके इस सम्बोधन को 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी'के नाम से ही जाना जाता है.

आनंद्र महिंद्रा लोकतंत्र व स्वतंत्रता की बात मुखरता से करते हैं. 29 अप्रैल को मुंबई में मतदान के दौरानउन्होंने बोला था कि यह लोकतांत्रिक देश में जन्म लेने व यहां रहने का विशेषाधिकार है. इस नक्षत्र पर हर किसी को यह आजादी नहीं मिलती.