बीजेपी इस नेता को बनाएगी उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष

बीजेपी इस नेता को बनाएगी उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश बीजेपी के वर्तमान अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे को लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी के शानदार प्रदर्शन का ईनाम देते हुए केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. अब नए अध्यक्ष के चयन को लेकर कयासबाजी प्रारम्भ हो गई है.

माना जा रहा है कि महेन्द्र नाथ पांडे की स्थान यूपी के ब्राह्मणों को साधे रखने के लिए पार्टी किसी अन्य बड़े ब्राह्मण चेहरे को मौका दे सकती है. यह चेहरा महेश शर्मा होंगे या पार्टी किसी अन्य नए चेहरे को मौका देगी, इसको लेकर अटकलों का मार्केट गर्म है.

13-14 जून को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पार्टी के विभिन्न प्रदेश अध्यक्षों व अन्य संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में यूपी के साथ-साथ महाराष्ट्र व तेलंगाना जैसे कई अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के नाम पर भी फैसला लिया जा सकता है. चूंकि खुद अमित शाह की स्थान भी किसी नए पार्टी अध्यक्ष का चयन होना है, इसलिए माना जा रहा है कि वो इन नियुक्तियों को अपने जाने से पहले पूरा कर देना चाहते हैं.

दरअसल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को ठाकुर समुदाय का चेहरा माना जाता है. महेंद्रनाथ पांडे के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए ब्राह्मण चेहरे को भी अगुवाई मिला हुआ था व एक संतुलन बना हुआ था, लेकिन उनके केन्द्र में जाने से प्रदेश में यह स्थान खाली हो गई है, इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी इस स्थान पर एक बार फिर किसी ब्राह्मण चेहरे को मौका दे सकती है.

हालांकि, यूपी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इस समय कई अन्य नामों पर भी चर्चा चल रही है. योगी मंत्रिमंडल में शामिल स्वतंत्रदेव सिंह इस दौड़ में सबसे आगे बताये जा रहे हैं.मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी रहते हुए उन्होंने पार्टी को बड़ी जीत हासिल कराने में सफलता पाई है, इसलिए माना जा रहा है कि उन्हें इसका ईनाम दिया जा सकता है. वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के पिछले मंत्रिमंडल में शामिल रहे मनोज सिन्हा एक कामकाजी व मिलनसार नेता के रूप में जाने जाते हैं. दिए गये कार्य को कड़ी मेहनत व ईमानदारी के साथ पूरा करना उनकी अच्छाई माना जाता है. यही कारण है कि गाजीपुर से चुनाव हारने के बाद भी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्हें मौका दे सकती है.

उत्तर प्रदेश में बड़े ब्राह्मण नेता का अभाव
देश के सबसे बड़े सूबे यूपी से बीजेपी में बड़े ब्राह्मण नेता का अभाव हो गया है. मुरली मनोहर जोशी व कलराज मिश्रा अपनी पारी खेल चुके हैं. नए ब्राह्मण चेहरों में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व पूर्व केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा जैसे नाम हैं जो एक बड़े ब्राह्मण नेता के रूप में अपनी स्वीकार्यता नहीं बना सके हैं. ऐसे में लंबे भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीजेपी के ठोस वोट बैंक ब्राह्मणों के बीच से किसी अच्छे नेतृत्व को उभारना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है.