बीजेपी अब यादव को बनाएगी अपना नया हतियार , जानिए कैसे...

बीजेपी अब यादव को बनाएगी अपना नया हतियार , जानिए कैसे...

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की कन्नौज, बदायूं व फीरोजाबाद जैसी परंपरागत सीटें भले छीन ली, लेकिन अभी उसके खास जनाधार यादवों के बीच मजबूत पकड़ नहीं बन पाई है.

Related image

सपा के इस गढ़ को तोड़ने के लिए बीजेपी खुद अपनी 'यादव सेना' खड़ी कर रही है. इसके लिए एक्सरसाइज़ प्रारम्भ हो गई है.

भाजपा सरकार व संगठन के अपने यादव चेहरों को आगे कर यादव बहुल बूथों तक मजबूत पकड़ बनाने के लिए अभियान चला रही है. लोकसभा चुनाव में यादव बहुल कई बूथों पर बीजेपी को बहुत कम मत मिले. यादव बहुल कुछ ऐसे भी बूथ रहे, जहां युवाओं ने बीजेपी के पक्ष में उत्साह दिखाया. अब ऐसे उत्साही युवाओं पर पार्टी की नजर है.

भाजपा मुख्यालय में गत दिवस प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने यादव बिरादरी के मंत्री, विधायक, सांसद व संगठन के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की. तय हुआ कि सदस्यता अभियान के जरिये यादव बहुल बूथों पर बड़े पैमाने पर मेम्बर बनाये जाएं. इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को जिले आवंटित कर पार्टी की नीतियों से युवाओं को अवगत कराने वउन्हें भविष्य की राह दिखाने की हिदायत दी गई. राज्यमंत्री गिरीश यादव, पार्टी के सभी विधायक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यदुवंश, बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के महामंत्री विनोद यादव, सांसद हरनाथ सिंह यादव समेत कई प्रमुख नेताओं को इस अभियान की जिम्मेदारी दी गई है.

उपचुनाव वाले जिलों में विशेष अभियान

सपा ने उपचुनाव को लेकर तेजी दिखानी प्रारम्भ की है. बीजेपी ने उप चुनाव वाले जिलों बहराइच, अंबेडकरनगर, लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, अलीगढ़, प्रतापगढ़, रामपुर, कानपुर नगर, चित्रकूट, फीरोजाबाद व हमीरपुर जिले में यादव व जाटव समाज पर पकड़ बनाने के लिए विशेष अभियान प्रारम्भ कर दिया है. इन जिलों के यादव युवाओं के बीच पार्टी कार्यकर्ता सम्पर्क साधने प्रारम्भ कर दिये हैं.

आयोग व निगमों मे यादवों को मिलेगी तरजीह

आयोग व निगमों में बहुत से पद खाली हैं. बीजेपी ने पिछड़ी जातियों में अपेक्षाकृत यादव समाज के लोगों को अभी तक कम मौका दिया है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में सक्रिय किरदार निभाने व लंबे समय से संगठन के लिए कार्य करने वाले यादव बिरादरी के नेताओं को आयोग व निगमों में समायोजित किये जाने की तैयारी है.