कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान से लाने के लिए मोदी सरकार करेगी ये काम

कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान से लाने के लिए मोदी सरकार करेगी ये काम

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी पर रोक लगाए जाने के बाद गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर संसद में अपनी बात रखेंगे.न्यायालय ने फांसी की सजा पर रोक जारी रखते हुए पाक को इस पर पुनर्विचार करने के लिए बोला है.

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न्यायालय के 16 में से 15 जजों ने हिंदुस्तान के पक्ष में निर्णय दिया है. आईसीजे प्रमुख जस्टिस अब्दुलकवि अहमद यूसुफ ने निर्णय पढ़ा. सोमालिया के जस्टिस यूसुफ ने 42 पन्नों के निर्णय में बोला कि पाक जब तक प्रभावी तरीका से अपने निर्णय की समीक्षा वपुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी. इसके साथ-साथ उसे जाधव तक हिंदुस्तान को काउंसलर एक्सेस देने का आदेश दिया गया है.

- क्या है मामला
पाक ने 3 मार्च 2016 को दावा किया था कि उसने एक भारतीय नौसेना के अधिकार कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में बलूचिस्तान से हिरासत में लिया है. हिंदुस्तान ने पाक के दावे को खारिज करते हुए बोला कि जाधव की गिरफ्तारी ईरान से किडनैपिंग करने के बाद दिखाई गई जहां वह सेवानिवृत्ति के बाद कारोबार के सिलसिले में थे. बाद में 2017 में पाककी एक सैन्य न्यायालय ने जाधव को जासूसी व आतंकवाद के आरोप में फांसी की सजा सुना दी. इस निर्णय के विरूद्ध 8 मई 2017 को हिंदुस्तान अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय पहुंचा.

- आईसीजे प्रमुख जस्टिस अब्दुलकवि अहमद यूसुफ ने कहा, पाक भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई सज़ा-ए-मौत की समीक्षा करे. उस पर पुनर्विचार करे.

- हिंदुस्तान की कुछ मांगें खारिज
आईसीजे ने पाकिस्तानी सैन्य न्यायालय के निर्णय को रद्द करने, जाधव की रिहाई व उन्हें सुरक्षित हिंदुस्तान पहुंचाने की नयी दिल्ली की कई मांगों को खारिज कर दिया. वहीं न्यायालय ने हिंदुस्तान की अपील के विरूद्ध पाक की ज्यादातर आपत्तियों को मानने से इन्कार कर दिया. इससे पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ज्यादा किरकिरी हुई है.

- 21 फरवरी को निर्णय सुरक्षित रख लिया था
21 फरवरी को आईसीजे ने इस मुद्दे में सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया था. इसके करीब 5 महीने बाद जस्टिस यूसुफ की अगुआई वाली 15 सदस्यीय पीठ ने अपना निर्णयसुनाया.

- 20 वर्ष में दूसरी बार पराजय पाक
10 अगस्त 1999 को वायुसेना ने गुजरात के कच्छ में पाकिस्तानी नौसेना के विमान अटलांटिक को मार गिराया था. इसमें सवार सभी 16 सैनिकों की मृत्यु हो गई थी. पाक का दावा था कि विमान को उसके एयरस्पेस में गिराया गया. उसने इस मुद्दे में हिंदुस्तान से 6 करोड़ डॉलर मुआवजा मांगा था. आईसीजे की 16 जजों की पीठ ने 21 जून 2000 को 14-2 से पाकके दावे को खारिज कर दिया था. इसके बाद यह दूसरा मौका है, जब पाक की अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में पराजय हुई है.

- 2 वर्ष 2 महीने तक चला मामला
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जाधव का मुद्दा करीब 2 वर्ष व 2 महीने तक चला. हिंदुस्तान 8 मई 2017 को आईसीजे पहुंचा था व पाक पर वियना संधि की शर्तों के घोर उल्लंघन का आरोप लगाया था. हिंदुस्तान ने बोला कि पाक ने जाधव तक काउंसलर एक्सेस की नयी दिल्ली की मांग को लगातार खारिज किया.