छह जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने लोगों को दी यह सावधानी बरतने की सलाह

छह जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने लोगों को दी यह सावधानी बरतने की सलाह

प्रदेश के छह पर्वतीय जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है. आज तड़के देहरादून के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई. प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई. राजधानी में भी देर रात तक तेज बारिश हुई लेकिन दिनभर मौसम सामान्य रहा

मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आज 24 घंटे तक बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल व पिथौरागढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है. संबंधित सभी विभागों को आगाह कर दिया गया है. लोगों को बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने व सड़क पर सफर न करने की सलाह भी दी जा रही है. हालांकि देहरादून में मौसम सामान्य रहेग

पहाड़ी दरकने से थल-मुनस्यारी सड़क बंद, 100 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त

पिथौरागढ़ में नाचनी से डेढ़ किमी आगे नया बस्ती में थल-मुनस्यारी मार्ग शनिवार रात पहाड़ी का बड़ा भाग टूटकर आ गिरा. इससे मार्ग का करीब सौ मीटर भाग क्षतिग्रस्त हो गया व वाहनों की आवाजाही ठप हो गई. लोग वाहन बदलकर गंतव्य को गए. पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे लोगों को पहाड़ चढ़कर क्षतिग्रस्त हिस्से को पार करना पड़ रहा है.

लोनिवि के अवर अभियंता विनीत सैनी ऑफिसर सोमवार को सड़क खुलने की बात कह रहे हैं. भूस्खलन क्षेत्र रातीगाड़ में हल्के वाहनों के लिए सड़क खुल गई है. मौसम विज्ञान ने 16 सितंबर को कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की आसार जताई है. जिला प्रशासन ने चेतावनी को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है.

चमोली जिले में 13 ग्रामीण सम्पर्क मार्ग अभी भी जगह-जगह अवरुद्ध पड़े हैं. जिससे ग्रामीणों को मीलों दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है. ग्रामीणों का बोलना है कि बारिश थमने के बावजूद सड़कों को खोलने का कार्य धीमी गति से चल रहा है. पोखरी-गोपेश्वर, बिरही-गौणा व हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग डेढ़ माह से अवरुद्ध होने से क्षेत्र के लगभग 150 गांव अलग-थलग पड़े हुए हैं.

उर्गम विकास प्रयत्न समिति के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी व पूर्व प्रधान हरीश परमार का बोलना है कि कार्यदायी संस्थाओं की ओर से सड़कों को खोलने में देरी की जा रही है. ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए पैदल आवाजाही कर रहे हैं. ग्रामीण रसद की आपूर्ति भी अपनी पीठ पर लादकर कर रहे हैं. इधर, जिला आपदा प्रबंधन ऑफिसर नंदकिशोर जोशी का बोलना है कि अवरुद्ध सड़कों को खोलने का कार्य जारी है. सभी बंद सड़कों पर जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं. जल्द ही सड़कों को आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया जाएगा.