स्त्रियों की इन हार्मोनल समस्याओं से छुटकारा दिलाएगी मुलेठी

 स्त्रियों की इन हार्मोनल समस्याओं से छुटकारा दिलाएगी मुलेठी

मुलेठी, मुलहठी या यष्टिमधु ( Liquorice ) एक झाड़ीनुमा पेड़ होता है. वास्तविक मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार और हल्की गंध वाली होती है. इसकी ताजा जड़ मीठी होती है जो सूखने के बाद कुछ तिक्त व अम्ल के स्वाद की हो जाती है. आयुर्वेद के अनुसार इसका रस बतौर स्वीटनर इस्तेमाल होने के अतिरिक्त दवाएं बनाने में भी इस्तेमाल होता है. मुलेठी की जड़ ज्यादा उपयोगी है.Image result for मुलेठी

पोषक तत्त्व ( Mulethi Nutrition )
मुलेठी में ग्लाइसीमिक एसिड व कैल्शियम अधिक होता है. इसके गुण जड़ उखाड़ने के बाद दो सालों तक बरकरार रहते हैं. इसमें 50 प्रतिशत पानी होता है.

इस्तेमाल ( Mulethi Uses )
इसकी जड़ का टुकड़ा, चूर्ण अधिक उपयोगी हैं. 2-4 ग्राम तक चूर्ण भिन्न जड़ीबूटी या अन्य चीजों के साथ लेने की सलाह देते हैं. वहीं इसके टुकड़े को भी चूसते हैं.

फायदे ( Benefits Of Mulethi )
- गला या इससे जुड़े किसी भी संक्रमण, कफ, सांस संबंधी तकलीफ, स्कीन रोगों, खून की उल्टी, शरीर से विषैले तत्त्व बाहर निकालने, अल्सर, मुंह के छाले, कमजोरी दूर करने, घाव भरने, अपच आदि में लाभकारी होता है मुलेठी का प्रयोग.

- मुलेठी की जड़ों का अर्क लिम्फोसाइट्स व मैक्रोफेज के उत्पादन में वृद्धि करने में मदद करता है जिससे आपके इम्यून सिस्टम में सुधार हो व माइक्रोबियल हमले को रोका जा सके. यह प्रतिरक्षा संबंधित एलर्जी प्रतिक्रियाओं व ऑटोइम्यून जटिलताओं को कम करने में भी मदद करता है.
- मुलेठी की जड़ों में मौजूद फाइटोस्ट्रोजेनिक यौगिक स्त्रियों के हार्मोनल असंतुलन संबंधी समस्याओं व रजोनिवृत्ति के लक्षण के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हैं.
- मुलेठी ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट व एंटी-इन्फ्लेटिंग गुण के कारण पेट, आंत व मुंह के अल्सर के उपचार के लिए सबसे अच्छी प्राकृतिक औषधीय है.