जानिए अब ऐसे लगेगा पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर विराम

जानिए अब ऐसे लगेगा पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर विराम

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बीते सप्ताह कच्चे ऑयल के दाम में फिर तेजी लौटी है। बेंचमार्क कच्चा ऑयल ब्रेंट क्रूड का भाव फिर 63 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है वआगे व तेजी रहने की आसार जताई जा रही है।

ऐसे में पेट्रोल व डीजल के दाम में लगातार हो रही रही गिरावट पर विराम लग सकता है। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड का भाव 60 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गया था। दिल्ली में 29 मई के बाद पेट्रोल के दाम में 1.30 रुपये व डीजल के दाम में 2.19 रुपये प्रति लीटर की कमी आई है।

आम उपभोक्ता के साथ-साथ नयी सरकार को भी राहत
में हुई इस गिरावट से देश के आम उपभोक्ता के साथ-साथ नयी सरकार को भी राहत मिली है क्योंकि इससे एक तो आने वाले दिनों में महंगाई में कमी आएगी व दूसरा ऑयल आयात का बिल कम होने से राजकोष पर वजन घटेगा। मगर, यह राहत अब ज्यादा दिनों तक नहीं मिलने वाली है क्योंकि ऑयल उत्पादक और आपूर्तिकर्ता राष्ट्रों के समूह ओपेक ने इस बात का इशारा दिया है कि वह उत्पादन में कटौती को आगे भी जारी रख सकता है।

तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 12 लाख बैरल की कटौती जारी
ओपेक राष्ट्रों के बीच पिछले वर्ष बनी सहमति के अनुसार, इस वर्ष के शुरुआत से ही ऑयल के उत्पादन में प्रतिदिन 12 लाख बैरल की कटौती जारी है। यह सहमति इस महीने के आखिर तक जारी रहेगी। ओपेक की अगली मीटिंग इसी महीने 25 जून को होने वाली है जिसमें इस विषय में निर्णय लिया जा सकता है। ओपेक द्वारा दिए गए इशारा से ही पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी सत्र में अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे में तकरीबन तीन प्रतिशत की तेजी आई जिससे प्रेरित होकर भारतीय वायदा मार्केट मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को कच्चे ऑयल का वायदा भाव चार प्रतिशत से ज्यादा उछला।

एमसीएक्स पर शुक्रवार को कच्चे ऑयल का जून वायदा अनुबंध 154 रुपये यानी 4.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,736 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, अंतर्राष्ट्रीय वायदा मार्केटइंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड का अगस्त डिलीवरी अनुबंध 2.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 63.29 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज पर अमेरिकी रोशनी क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का जुलाई अनुबंध 2.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 55.31 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

उर्जा विशेषज्ञ बताते हैं कि कच्चे में आई गिरावट के बाद पेट्रोल व डीजल के दाम घटने से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ नयी सरकार को भी बड़ी राहत मिली है क्योंकि ऐसा माना जाता था कि लोकसभा चुनाव के बाद ऑयल विपणन कंपनियां पेट्रोल व डीजल के दाम में वृद्धि कर सकती हैं। मगर, चुनाव के बाद जो दाम में वृद्धि का सिलसिला चल पड़ा वह अंतरराष्ट्रीय मार्केट में में आई गिरावट के बाद जल्द ही थम गया व फिर पेट्रोल व डीजल के दाम घटने लगे। हालांकि अब उनका बोलना है कि ओपेक ने अगर में कटौती जारी रखी तो आने वाले दिनों में कच्चे में तेजी बनी रह सकती है, जिसके दाम पेट्रोल व डीजल के दाम में कटौती के बजाय वृद्धि हो सकती है।