जानिए अब इस एक टेस्ट से होगी कई बीमारियों की जाँच

जानिए अब इस एक टेस्ट से होगी कई बीमारियों की जाँच

मण के कारण होने वाली बीमारियों व रोग प्रतिरोधक क्षमता की जाँच के लिए एंटीजन-एंटीबॉडी रिएक्शन टैस्ट कराने की सलाह दी जाती है. इससे बीमारी का कारण जैसे बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी का पता लगाया जाता है.

इस टैस्ट से हेपेटाइटिस, डेंगू, मलेरिया, टायफॉइड, हरपीज, चिकनगुनिया के अतिरिक्त प्रमुख कैंसर (बे्रस्ट, प्रोस्टेट और यूट्रस) की जाँच भी करते हैं.

यह है टैस्ट-
अन्य टैस्ट की तुलना में यह सस्ता है. जिसे सरलता से कराया जा सकता है. इस टैस्ट में कई जाँच शामिल हैं.

सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) -
इस खास प्रोटीन का निर्माण लिवर करता है. टैस्ट में सीआरपी पॉजिटिव मिलने पर संक्रमण की पुष्टि होती है.
एंटी-स्ट्रेप्टोलाइसिन ओ टाइटर -
यह टैस्ट शरीर में एंटीबॉडी का स्तर पता लगाने के लिए किया जाता है. सामान्य आदमी के लिए एएसओ का स्तर 200 से कम होना चाहिए.

विडाल टैस्ट -
इस टैस्ट से चार एंटीजन डीओ, डीएच, एएच और बीएच की जाँच करते हैं. चारों का अनुपात 1/60 से अधिक होने पर रोग की पुष्टि होती है.

ये रखें ध्यान -
जांच के लिए मरीज का 2-3एमएल ब्लड लिया जाता है. सैंपल देने से एक दिन पहले घी-तेल युक्त खाना न खाएं अन्यथा रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है.